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हर माह 37 करोड़ खर्च, फिर भी बेटियों को नहीं मिला शिक्षा का उजाला
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फोटो-13-गोंडा के एक स्कूल में शैक्षिक प्रशिक्षण में मौजूद छात्राएं। फाइल फोटो
- फोटो : GONDA
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गोंडा। बेटियों को शिक्षा से जोड़ने के लिए लगातार मुहिम चलाई जा रही है। इसके बावजूद 4267 किशोरियां शिक्षा से दूर हैं। वह स्कूल ही नहीं गईं, इसमें कई तो ऐसी हैं जिन्होंने कक्षा एक में नाम लिखाया और स्कूल नहीं गईं। कक्षा पांच पास करने के बाद भी छात्राओं ने स्कूल छोड़ दिया। हर महीने सिर्फ शिक्षकों और कर्मियों के वेतन पर 37 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। बेटियों के स्कूल से दूर होने पर विभाग कटघरे में खड़ा हो गया है। स्कूल छोड़ चुकीं बेटियों को फिर से शिक्षा देने की योजना तैयार हुई है, जिसमें बाल विकास विभाग से बेसिक शिक्षा समन्वय स्थापित कर 15 जून से अभियान शुरू करेगा।
जिले में बीत कई सालों से बेटियां स्कूल छोड़ दे रहीं हैं। इन बेटियों को चिह्नित किया गया है, 11 से 14 आयु की 4267 किशोरियां मिली हैं जो शिक्षा से दूर हैं। इनको फिर से पढ़ाई से जोड़ने की मुहिम शुरू कर रहे हैं। बाल विकास विभाग से मिली रिपोर्ट में 4267 बेटियों के स्कूल न जाने की बात सामने आई है। इससे शिक्षा महकमे में खलबली है। इसमें अधिकतर की उम्र 11 से 14 साल के बीच है। सूची से किशोरियों से शिक्षक संपर्क करेंगे और उनका प्रवेश उम्र और ज्ञान के आधार पर कक्षाओं में कराएंगे। (संवाद)
शिक्षक कराएंगे बेटियों की किताबों से दोस्ती
नए सत्र में स्कूल न जाने वाली 11 से 14 साल की किशोरियों की किताबों से दोस्ती शिक्षक कराएंगे। बेसिक शिक्षा विभाग ने ऐसी लड़कियों की मैपिंग कराने के बाद खंड शिक्षा अधिकारियों से कन्या प्रवेश उत्सव के आयोजन के निर्देश दिए हैं। इनमें से किसी ने पहली तो किसी ने पांचवीं के बाद स्कूल जाना बंद कर दिया तो किसी ने कभी स्कूल का मुंह ही नहीं देखा।
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कन्या शिक्षा प्रवेश उत्सव का आयोजन कर इन बालिकाओं को स्कूलों में प्रवेश दिलाया जाएगा। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के मकसद से बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के माध्यम से स्कूल न जाने वाली 4267 किशोरियों की मैपिंग की है। ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी विकास खंडवार ऐसी बालिकाओं की सूची को 25 मई तक प्रबल पोर्टल पर अपलोड करेंगे।
मंडल के बहराइच में स्कूल न जाने वाली सबसे अधिक किशोरी
माह जून से कन्या शिक्षा प्रवेश उत्सव पूरे मंडल में चलेगा। सहायक शिक्षा निदेशक विनय मोहन वन ने भी निर्देश दिए हैं। स्पष्ट किया है कि कोई भी बालिका नामांकन से वंचित न रहने पाए। इसमें शिक्षा अधिकारी गंभीरता से अभियान चलाएं। मंडल के बहराइच जिले में सर्वाधिक किशोरी हैं जो स्कूल नहीं जा रहीं हैं। प्रदेश में बहराइच जिला दूसरे स्थान पर है। इससे वहां पर अभियान की कड़ी निगरानी रहेगी। बहराइच में 7534 किशोरी हैं जो स्कूल नहीं जा रहीं हैं। इसे चिंताजनक माना जा रहा है।
कन्या शिक्षा प्रवेश उत्सव के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। स्कूल न जाने वालीं बालिकाओं का प्रवेश अभियान चलाकर किया जाएगा। डॉ. अखिलेश प्रताप सिंह, बीएसए
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जिले में बीत कई सालों से बेटियां स्कूल छोड़ दे रहीं हैं। इन बेटियों को चिह्नित किया गया है, 11 से 14 आयु की 4267 किशोरियां मिली हैं जो शिक्षा से दूर हैं। इनको फिर से पढ़ाई से जोड़ने की मुहिम शुरू कर रहे हैं। बाल विकास विभाग से मिली रिपोर्ट में 4267 बेटियों के स्कूल न जाने की बात सामने आई है। इससे शिक्षा महकमे में खलबली है। इसमें अधिकतर की उम्र 11 से 14 साल के बीच है। सूची से किशोरियों से शिक्षक संपर्क करेंगे और उनका प्रवेश उम्र और ज्ञान के आधार पर कक्षाओं में कराएंगे। (संवाद)
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शिक्षक कराएंगे बेटियों की किताबों से दोस्ती
नए सत्र में स्कूल न जाने वाली 11 से 14 साल की किशोरियों की किताबों से दोस्ती शिक्षक कराएंगे। बेसिक शिक्षा विभाग ने ऐसी लड़कियों की मैपिंग कराने के बाद खंड शिक्षा अधिकारियों से कन्या प्रवेश उत्सव के आयोजन के निर्देश दिए हैं। इनमें से किसी ने पहली तो किसी ने पांचवीं के बाद स्कूल जाना बंद कर दिया तो किसी ने कभी स्कूल का मुंह ही नहीं देखा।
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कन्या शिक्षा प्रवेश उत्सव का आयोजन कर इन बालिकाओं को स्कूलों में प्रवेश दिलाया जाएगा। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के मकसद से बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के माध्यम से स्कूल न जाने वाली 4267 किशोरियों की मैपिंग की है। ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी विकास खंडवार ऐसी बालिकाओं की सूची को 25 मई तक प्रबल पोर्टल पर अपलोड करेंगे।
मंडल के बहराइच में स्कूल न जाने वाली सबसे अधिक किशोरी
माह जून से कन्या शिक्षा प्रवेश उत्सव पूरे मंडल में चलेगा। सहायक शिक्षा निदेशक विनय मोहन वन ने भी निर्देश दिए हैं। स्पष्ट किया है कि कोई भी बालिका नामांकन से वंचित न रहने पाए। इसमें शिक्षा अधिकारी गंभीरता से अभियान चलाएं। मंडल के बहराइच जिले में सर्वाधिक किशोरी हैं जो स्कूल नहीं जा रहीं हैं। प्रदेश में बहराइच जिला दूसरे स्थान पर है। इससे वहां पर अभियान की कड़ी निगरानी रहेगी। बहराइच में 7534 किशोरी हैं जो स्कूल नहीं जा रहीं हैं। इसे चिंताजनक माना जा रहा है।
कन्या शिक्षा प्रवेश उत्सव के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। स्कूल न जाने वालीं बालिकाओं का प्रवेश अभियान चलाकर किया जाएगा। डॉ. अखिलेश प्रताप सिंह, बीएसए