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दवा आज कारोबारियों की हड़ताल
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 13 Oct 2015 11:08 PM IST
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क्या आप अपना इलाज कराने जा रहे हैं, अगर हां तो यह ध्यान रखिएगा कि दवा विक्रेताओं की हड़ताल से आज जिले में कहीं भी दवा की दुकानें नहीं खुली रहेंगी। इसलिए दवा सिर्फ सरकारी अस्पतालों में ही मिलेंगी।
लेकिन दवाओं का स्टाक सिर्फ अस्पताल में पर्चा कटवाकर इलाज कराने वाले मरीजों के लिए ही सीमित किया गया है। क्योंकि सरकारी अस्पतालों को छोड़ जिले भी कहीं भी स्वास्थ्य विभाग का कोई मेडिकल स्टोर नहीं है।
यहां तक कि प्राइवेट अस्पतालों के ड्रग स्टोर में उन्हीं मरीजों के लिए दवाएं होंगी, जिसकी जरूरत उस अस्पताल में भर्ती मरीज को होगी।
उधर दूसरी ओर जिले के ड्रग (दवा) विक्रेताओं का एक समूह बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित औषधि भवन में इकट्ठा होकर प्रदर्शन करेगा। जिसके बाद यही लोग जिलाधिकारी से मिलकर उन्हें अपनी समस्याओं के बाबत ज्ञापन सौंपेंगे।
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बुधवार को होने वाली दवा विक्रेताओं की हड़ताल के मद्देनजर सरकारी अस्पतालों में लाइफ सेविंग ड्रग की उपलब्धता का काम पूरा कर लिया है। अस्पताल आने वाले सभी मरीजों यहां के ड्रग स्टोर से सारी दवाएं पहले की ही तरह दी जाएंगी। ताकि उन्हें किसी तरह की कोई दिक्कत न होने पाए। अस्पताल आने वाले किसी भी गंभीर मरीज के लिए यहां लाइफ सेविंग ड्रग का स्टाक उनके पास भरपूर मात्रा में पहले से उपलब्ध है।
दवा विक्रेताओं की हड़ताल के मद्देनजर जिले भर की 16 सीएचसी-पीएचसी व 50 एडिशनल पीएचसी के जिम्मेदार डॉक्टरों को अपने-अपने यहां सारी दवाएं उपलब्ध रखने के निर्देश पहले से ही दिए जा चुके हैं, जो भी मरीज सरकारी अस्पताल में उपचार के लिए आता है, उसे डॉक्टर की सलाह के अलावा दवाएं मुहैया होंगी।
जिले में सरकारी अस्पताल की चारदीवारी को छोड़ कहीं भी स्वास्थ्य विभाग का कोई मेडिकल स्टोर नहीं है। इसलिए वह मरीजों को सिर्फ अस्पताल के कैंपस तक ही दवा उपलब्ध करा सकते हैं। -डॉ. अमर सिंह कुशवाहा, सीएमओ
बुधवार को जिले के एक सैकड़ा दवा व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल दो बसों से लखनऊ जाएगा। जहां उनकी प्लानिंग केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले औषधि भवन पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपने की है।
जबकि जिले में व्यापारियों का एक बड़ा हुजूम बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित औषधि भवन पर इकट्ठा होंगे और डीएम को ज्ञापन सौंपेंगे। उनकी तमाम मांगों पर सरकार कोई विचार नहीं कर रही है।
यहां तक कि केन्द्र सरकार जो ई-फार्मेसी लाने वाली है, उसका दुरुपयोग होना शुरू हो जाएगा। बुधवार को होने वाली हड़ताल के लिए इसका पत्र पहले ही सीएमएस व सीएमओ के अलावा जिले के जिम्मेदार अधिकारियों को दिया जा चुका है।
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लेकिन दवाओं का स्टाक सिर्फ अस्पताल में पर्चा कटवाकर इलाज कराने वाले मरीजों के लिए ही सीमित किया गया है। क्योंकि सरकारी अस्पतालों को छोड़ जिले भी कहीं भी स्वास्थ्य विभाग का कोई मेडिकल स्टोर नहीं है।
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यहां तक कि प्राइवेट अस्पतालों के ड्रग स्टोर में उन्हीं मरीजों के लिए दवाएं होंगी, जिसकी जरूरत उस अस्पताल में भर्ती मरीज को होगी।
उधर दूसरी ओर जिले के ड्रग (दवा) विक्रेताओं का एक समूह बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित औषधि भवन में इकट्ठा होकर प्रदर्शन करेगा। जिसके बाद यही लोग जिलाधिकारी से मिलकर उन्हें अपनी समस्याओं के बाबत ज्ञापन सौंपेंगे।
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बुधवार को होने वाली दवा विक्रेताओं की हड़ताल के मद्देनजर सरकारी अस्पतालों में लाइफ सेविंग ड्रग की उपलब्धता का काम पूरा कर लिया है। अस्पताल आने वाले सभी मरीजों यहां के ड्रग स्टोर से सारी दवाएं पहले की ही तरह दी जाएंगी। ताकि उन्हें किसी तरह की कोई दिक्कत न होने पाए। अस्पताल आने वाले किसी भी गंभीर मरीज के लिए यहां लाइफ सेविंग ड्रग का स्टाक उनके पास भरपूर मात्रा में पहले से उपलब्ध है।
दवा विक्रेताओं की हड़ताल के मद्देनजर जिले भर की 16 सीएचसी-पीएचसी व 50 एडिशनल पीएचसी के जिम्मेदार डॉक्टरों को अपने-अपने यहां सारी दवाएं उपलब्ध रखने के निर्देश पहले से ही दिए जा चुके हैं, जो भी मरीज सरकारी अस्पताल में उपचार के लिए आता है, उसे डॉक्टर की सलाह के अलावा दवाएं मुहैया होंगी।
जिले में सरकारी अस्पताल की चारदीवारी को छोड़ कहीं भी स्वास्थ्य विभाग का कोई मेडिकल स्टोर नहीं है। इसलिए वह मरीजों को सिर्फ अस्पताल के कैंपस तक ही दवा उपलब्ध करा सकते हैं। -डॉ. अमर सिंह कुशवाहा, सीएमओ
बुधवार को जिले के एक सैकड़ा दवा व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल दो बसों से लखनऊ जाएगा। जहां उनकी प्लानिंग केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले औषधि भवन पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपने की है।
जबकि जिले में व्यापारियों का एक बड़ा हुजूम बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित औषधि भवन पर इकट्ठा होंगे और डीएम को ज्ञापन सौंपेंगे। उनकी तमाम मांगों पर सरकार कोई विचार नहीं कर रही है।
यहां तक कि केन्द्र सरकार जो ई-फार्मेसी लाने वाली है, उसका दुरुपयोग होना शुरू हो जाएगा। बुधवार को होने वाली हड़ताल के लिए इसका पत्र पहले ही सीएमएस व सीएमओ के अलावा जिले के जिम्मेदार अधिकारियों को दिया जा चुका है।