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Gonda News: आरोग्य मेले में डॉक्टर नदारद, एलटी ने दी दवा
Sun, 23 Mar 2025 11:37 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 23 Mar 2025 11:37 PM IST
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बरांव पीएचसी में उपचार करते एलए। -संवाद
गोंडा। मरीजों को स्थानीय स्तर पर उपचार की सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य से आयोजित जन आरोग्य मेला खानापूर्ति तक सीमित रह गया है। कहीं एलटी तो कहीं फार्मासिस्ट ने मरीजों को दवा देकर घर भेजा। रविवार को जिले के 52 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जन आरोग्य मेले का आयोजन किए जाने का दावा किया गया।
हलधरमऊ संवाद के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरांव पर दोपहर साढ़े 12 बजे तक मात्र तीन मरीजों का उपचार हुआ था। मेले में कोई डॉक्टर नहीं बल्कि लैब सहायक नागेंद्र कुमार ने मरीजों को दवा देकर घर भेज दिया। नागेंद्र ने बताया कि पीएचसी पर डॉक्टर की तैनाती नहीं है। प्रतिदिन वह अकेले उपचार करते हैं। उपचार कराने आए अवधेश शुक्ला ने बताया कि डॉक्टर के न होने से उपचार की खानापूर्ति हुई है। केवल दर्द बुखार की दवा दे दी है। बरांव के शंभूदयाल ने बताया कि आरोग्य मेले में कोई डॉक्टर नहीं रहता है। पीएचसी पर कई साल से डॉक्टर नहीं हैं। जबकि पीएचसी पर बीस हजार की आबादी के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी है। इसी प्रकार कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं बल्कि अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपचार करते रहे। सीएचसी अधीक्षक डॉ. संत प्रताप वर्मा ने बताया कि बरांव पीएचसी के डॉक्टर अनुमति लेकर पीजी करने गए हैं। एलटी उपचार की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
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हलधरमऊ संवाद के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरांव पर दोपहर साढ़े 12 बजे तक मात्र तीन मरीजों का उपचार हुआ था। मेले में कोई डॉक्टर नहीं बल्कि लैब सहायक नागेंद्र कुमार ने मरीजों को दवा देकर घर भेज दिया। नागेंद्र ने बताया कि पीएचसी पर डॉक्टर की तैनाती नहीं है। प्रतिदिन वह अकेले उपचार करते हैं। उपचार कराने आए अवधेश शुक्ला ने बताया कि डॉक्टर के न होने से उपचार की खानापूर्ति हुई है। केवल दर्द बुखार की दवा दे दी है। बरांव के शंभूदयाल ने बताया कि आरोग्य मेले में कोई डॉक्टर नहीं रहता है। पीएचसी पर कई साल से डॉक्टर नहीं हैं। जबकि पीएचसी पर बीस हजार की आबादी के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी है। इसी प्रकार कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं बल्कि अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपचार करते रहे। सीएचसी अधीक्षक डॉ. संत प्रताप वर्मा ने बताया कि बरांव पीएचसी के डॉक्टर अनुमति लेकर पीजी करने गए हैं। एलटी उपचार की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
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