{"_id":"69efa1a1c1de6d875a055c05","slug":"do-not-panic-in-difficult-situations-face-them-with-caution-and-courage-gonda-news-c-100-1-brp1002-157139-2026-04-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: कठिन परिस्थिति में घबराएं नहीं, सतर्कता व साहस से करें सामना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: कठिन परिस्थिति में घबराएं नहीं, सतर्कता व साहस से करें सामना
Mon, 27 Apr 2026 11:19 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 27 Apr 2026 11:19 PM IST
विज्ञापन
कंपोजिट विद्यालय इमामाबाड़ा में आयोजित कार्यक्रम में शामिल बेटियां, शिक्षक व अन्य और आत्मरक्षा
गोंडा। शहर के कंपोजिट स्कूल इमामबाड़ा में सोमवार को अमर उजाला के ‘अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें छात्राओं को ताइक्वांडो का प्रशिक्षण देने के साथ ही महिला सशक्तीकरण को लेकर जागरूक किया गया।
समेकित शिक्षा के जिला समन्वयक राजेश सिंह ने कहा कि बेटियों को सुरक्षा को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। यदि कहीं कोई समस्या आए तो तुरंत 1090 पर कॉल करें और अपने अभिभावकों से खुलकर बात करें। उन्होंने बताया कि स्कूल में क्लास मॉनिटर के रूप में चयनित छात्रा से भी अपनी बात साझा की जा सकती है, जो इसे शिक्षकों तक पहुंचाकर समाधान में मदद करेगी।
प्रशिक्षक प्रणय प्रजापति ने छात्राओं को ताइक्वांडो के दांव-पेंच सिखाते हुए कहा कि किसी भी कठिन परिस्थिति में साहस और सतर्कता सबसे जरूरी होती है। सही तकनीक अपनाकर कोई भी खुद को सुरक्षित रख सकता है। नगर समन्वयक आनंद सिंह ने छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी। छात्राओं ने आत्मरक्षा के दांवपेंच का प्रदर्शन भी किया, जिससे उनका आत्मविश्वास और बढ़ा।
विज्ञापन
इस अवसर पर सभासद आजम अली, प्रधानाध्यापक मुहम्मद शम्स तवरेज आब्दी, डॉ. सैय्यद मसर्रत हुसैन, शिक्षामित्र रूमी बानो, अनुदेशक वैभव खरे, सिंपी यादव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
बेटियों ने पूछे सवाल, प्रशिक्षण से बढ़ा आत्मविश्वास
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने खुलकर सवाल पूछे और प्रशिक्षक से समाधान जाना। खुशनिदा ने पूछा कि खतरे की स्थिति में सबसे पहले क्या करना चाहिए। इस पर प्रशिक्षक ने बताया कि सतर्क रहें, स्थिति का आकलन करें और सुरक्षित दूरी बनाकर तुरंत मदद लें।
सहर बानो ने खुद को सुरक्षित रखने के आसान तरीकों के बारे में जानकारी चाही। प्रशिक्षक ने कहा कि हमेशा आसपास की गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देना जरूरी है। अफरोज जहां के ताइक्वांडो की उपयोगिता से जुड़े सवाल पर प्रशिक्षक ने बताया कि इससे न केवल आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि व्यक्ति को आत्मरक्षा के प्रभावी कौशल भी प्राप्त होते हैं।
गुड्डी ने अचानक हमले की स्थिति में क्या करना चाहिए, यह जानना चाहा। प्रशिक्षक ने सलाह दी कि ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत सीखी गई बचाव तकनीकों का उपयोग करना चाहिए। सिफा ने अभ्यास के महत्व को लेकर सवाल किया, जिस पर प्रशिक्षक ने कहा कि नियमित अभ्यास से ही आत्मरक्षा के कौशल मजबूत होते हैं और व्यक्ति किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहता है।
विज्ञापन
समेकित शिक्षा के जिला समन्वयक राजेश सिंह ने कहा कि बेटियों को सुरक्षा को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। यदि कहीं कोई समस्या आए तो तुरंत 1090 पर कॉल करें और अपने अभिभावकों से खुलकर बात करें। उन्होंने बताया कि स्कूल में क्लास मॉनिटर के रूप में चयनित छात्रा से भी अपनी बात साझा की जा सकती है, जो इसे शिक्षकों तक पहुंचाकर समाधान में मदद करेगी।
विज्ञापन
प्रशिक्षक प्रणय प्रजापति ने छात्राओं को ताइक्वांडो के दांव-पेंच सिखाते हुए कहा कि किसी भी कठिन परिस्थिति में साहस और सतर्कता सबसे जरूरी होती है। सही तकनीक अपनाकर कोई भी खुद को सुरक्षित रख सकता है। नगर समन्वयक आनंद सिंह ने छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी। छात्राओं ने आत्मरक्षा के दांवपेंच का प्रदर्शन भी किया, जिससे उनका आत्मविश्वास और बढ़ा।
विज्ञापन
इस अवसर पर सभासद आजम अली, प्रधानाध्यापक मुहम्मद शम्स तवरेज आब्दी, डॉ. सैय्यद मसर्रत हुसैन, शिक्षामित्र रूमी बानो, अनुदेशक वैभव खरे, सिंपी यादव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
बेटियों ने पूछे सवाल, प्रशिक्षण से बढ़ा आत्मविश्वास
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने खुलकर सवाल पूछे और प्रशिक्षक से समाधान जाना। खुशनिदा ने पूछा कि खतरे की स्थिति में सबसे पहले क्या करना चाहिए। इस पर प्रशिक्षक ने बताया कि सतर्क रहें, स्थिति का आकलन करें और सुरक्षित दूरी बनाकर तुरंत मदद लें।
सहर बानो ने खुद को सुरक्षित रखने के आसान तरीकों के बारे में जानकारी चाही। प्रशिक्षक ने कहा कि हमेशा आसपास की गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देना जरूरी है। अफरोज जहां के ताइक्वांडो की उपयोगिता से जुड़े सवाल पर प्रशिक्षक ने बताया कि इससे न केवल आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि व्यक्ति को आत्मरक्षा के प्रभावी कौशल भी प्राप्त होते हैं।
गुड्डी ने अचानक हमले की स्थिति में क्या करना चाहिए, यह जानना चाहा। प्रशिक्षक ने सलाह दी कि ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत सीखी गई बचाव तकनीकों का उपयोग करना चाहिए। सिफा ने अभ्यास के महत्व को लेकर सवाल किया, जिस पर प्रशिक्षक ने कहा कि नियमित अभ्यास से ही आत्मरक्षा के कौशल मजबूत होते हैं और व्यक्ति किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहता है।

कंपोजिट विद्यालय इमामाबाड़ा में आयोजित कार्यक्रम में शामिल बेटियां, शिक्षक व अन्य और आत्मरक्षा