फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   DM's Chakravyuh destroyed copy mafia Syndicate

डीएम के चक्रव्यूह ने ध्वस्त किया नकल माफिया का सिंडीकेट

Sat, 10 Jun 2017 10:45 PM IST
amar ujala
amar ujala Updated Sat, 10 Jun 2017 10:45 PM IST
विज्ञापन
 यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा में नकल रोकने को तैयार किए गए तत्कालीन डीएम आशुतोष निरंजन के चक्रव्यूह ने नकल माफिया के सिंडीकेट को ध्वस्त कर दिया। परीक्षा में छात्रों को अच्छे नंबरों से पास कराने का सब्जबाग दिखाने वाले नकल कारोबारी प्रशासन की सख्ती के कारण इस बार परीक्षा से दूर ही रहे।
विज्ञापन


इस सख्ती के कारण पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष जिले का रिजल्ट आधा रह गया। पिछली बार हाईस्कूल में 92 प्रतिशत छात्रों के सफलता का प्रतिशत इस बार 64 प्रतिशत पर जा पहुंचा जबकि वर्ष 2016 की परीक्षा में इंटरमीडिएट में 96 के सापेक्ष इस बार महज 54 प्रतिशत छात्र ही पास हो सके।    
विज्ञापन

  
हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के इम्तिहान में जिले में पिछले कई वर्षो से नकल माफिया हावी हैं। ग्रामीण क्षेत्रो में तमाम कालेज ऐसे हैं जो सिर्फ नकल के बलबूते ही संचालित होते हैं। यहां पढ़ाई छोड़कर पूरे साल नकल के कारोबारी छात्रों को परीक्षा में नकल के दम पर पास होने का सब्जबाग दिखाकर उनसे मोटी रकम वसूलते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


माफियाओं के इस खेल से मेधावी छात्र उनसे पिछड़ जाते है और उनका मनोबल गिर जाता है। नकल के इस कारोबार को रोकने का बीड़ा इस बार पूर्व जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने उठाया था। बोर्ड परीक्षा केंद्रों के निर्धारण से लेकर ने परीक्षा को संपन्न कराने व उन्हे सुरक्षित मूल्याकंन केंद्रों तक पहुंचाने की जो व्यूह रचना उन्होंने की वह काफी हद तक कारगर रही। नकल रोकने के लिए डीएम ने पूरे जिले को चार जाने व 24 सेक्टर मे बांट दिया था।

इसके साथ ही 224 परीक्षा केंद्रों को अतिसंवेदनशील घोषित कर उन पर दो दो स्टेटिक मजिस्ट्रेट व एक सुपर जोनल मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे। परीक्षा में नकल रोकने के लिए उन्होंने सोशल मीडिया का भी जमकर इस्तेमाल किया। डीएम के इस चक्रव्यूह ने नकल माफिया के सिंडिकेट को ध्वस्त कर दिया और वह परीक्षा केंद्रों से दूर ही रहे।           
      
बोर्ड परीक्षा में राजनीतिक संरक्षण में चलने वाले इस खेल पर चुनावों के दौरान जिले में आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिले को नकल की मंडी बताते हुए इस कारोबार पर करारा प्रहार किया था और जनता से इन नकल माफियाओं को उखाड़ फेंकने की अपील की थी। पीएम के इसी अपील ने जिले में नकल रोकने की पटकथा लिख डाली और डीएम आशुतोष निरंजन ने इस पर लगाम लगाने के लिए फुलप्रूफ प्लान तैयार किया जो नकल माफियाओं पर नकेल डालने में सफल रहा।       

     
इस वर्ष की बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए कुल 105208 परीक्षार्थियों ने अपना पंजीकरण कराया था। इसमें हाईस्कूल के 58339 व इंटरमीडिएट 46869 छात्रों ने परीक्षा देने के लिए अपना पंजीकरण कराया था लेकिन नकल रोकने के डीएम के प्रयासों को देखकर नकल के कारोबारी ही नही बल्कि नकल के बलबूते पास होने का सपना पाले छात्र भी मायूस हो गए। इसी मायूसी के कारण 10199 परिक्षार्थियों ने परीक्षा ही छोड़ दी थी। इसमें हाईस्कूल के 9099 व इंटरमीडियट के 1100 परीक्षार्थी परीक्षा देने नही आए थे।      
    
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed