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डीएम ने शिक्षकों से पूछे सवाल
अमर उजाला/गोंडा
Updated Sat, 30 Apr 2016 11:52 PM IST
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स्मृति चिन्ह देते डीएम
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी के प्राथमिक शिक्षा का ढांचा केरल जैसे विकसित राज्य से बेहतर है फिर यहां शिक्षा कीगुणवत्ता में सुधार क्यों नहीं हो रहा है। सरकार यहां के बच्चों को मुफ्त में खाना, कपड़ा व किताबें दे रही है, इसके बावजूद सरकारी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति क्यों घट रही है? शनिवार को बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से आयोजित आरटीई मेले की गोष्ठी में जिलाधिकारी के इन सवालों ने शिक्षकों को झकझोर दिया।
उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग उनकी प्राथमिकता में शामिल है और इसके साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्हाेंने दावा किया कि छह माह में शिक्षा में सुधार दिखायी देने लगेगा।
जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन जिला पंचायत सभागार में आयोजित आरटीई मेले में मौजूद शिक्षकों की गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिले में एक से बढ़कर एक योग्य शिक्षक हैं, जिनमें वैज्ञानिक बनने की क्षमता है।
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यह जिले का सौभाग्य है कि यहां के बच्चों का भविष्य ऐसे योग्य शिक्षकों के हाथों में है। इसके बाद डीएम ने परिषदीय स्कूलों की कमियों को गिनाना शुरू किया तो गोष्ठी में मौजूद शिक्षक बगले झांकने लगे।
उन्होंने कहा कि वह पिछले एक महीने से लगातार जिले के परिषदीय स्कूलों का निरीक्षण कर रहे हैं। तमाम सुविधाओं के बावजूद स्कूलों में बच्चे नहीं आ रहे हैं और न ही शिक्षक समय से विद्यालय पहुंच रहे हैं।
डीएम ने कहा कि सामान्य कांवेंट स्कूलों की अपेक्षा परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को काफी अधिक वेतन व अन्य सुविधाएं सरकार दे रही है, इसके बावजूद शिक्षक विद्यालय क्यों नहीं पहुंच रहे हैं।
गोष्ठी में अपर जिलाधिकारी त्रिलोकी सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक रवींद्र कुमार सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि सूरज सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. फतेह बहादुर सिंह आदि मौजूद रहे। गोष्ठी का संचालन शिक्षक इरफान मोइन ने किया।
गोष्ठी में जिलाधिकारी ने कहा कि निलंबन लेन-देन का खेल है। इसलिए अब तक उन्होंने किसी को निलंबित नहीं किया है। सिर्फ वेतन रोककर सुधरने की चेतावनी दी है। अगर फिर भी कोई शिक्षक लापरवाही करता है तो निलंबन के बजाय उसके खिलाफ सीधे विभागीय कार्रवाई की जायेगी।
गोष्ठी में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. फतेह बहादुर सिंह ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने के लिए एक महीने तक स्कूल चलो रैली निकालकर लोगों को जागरूक किया गया लेकिन इसके बावजूद अभिभावक कांवेन्ट स्कूलों की तरफ भाग रहे हैं। सरकारी स्कूलों में नामांकन घट रहा है। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे अभिभावकों से मिलकर उन्हें सरकारी विद्यालयोें में बच्चों का नामांकन कराने के लिए प्रेरित करें।
गोष्ठी में जिले के वरिष्ठ खंड शिक्षा अधिकारी अवधेश कुमार राय ने परिषदीय स्कूलों में सफाई व्यवस्था पर जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराया। उन्होंने कहा कि गांवों में तैनात सफाईकर्मी विद्यालयों में नहीं आते, जिससे विद्यालय में सफाई का काम प्रभावित है।
जिला पंचायत सभागार परिसर में शनिवार को बेसिक शिक्षा विभाग ने जिला स्तरीय आरटीई मेले का आयोजन किया। मेले में झंझरी, पंडरीकृपाल, मुजेहना, वजीरगंज, नवाबगंज, मनकापुर, करनैलगंज, कटराबाजार, तरबगंज, रूपईडीह, परसपुर, इटियाथोक, हलधरमऊ, बेलसर, बभनजोत, छपिया व नगर क्षेत्र के बच्चों ने स्टाल लगाकर लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया।
स्टाल पर बच्चों ने कंप्यूटर मॉडल, वायरलेस रूटर नेटवर्किंग डायग्राम, खेल ग्राउंड के मॉडल व विभिन्न आकृतियों के मॉडल बनाकर उनका प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी ने बच्चों की इस स्टालों का निरीक्षण किया और उनकी सराहना की। आरटीई मेले के आयोजन के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पुरस्कृत किया।
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उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग उनकी प्राथमिकता में शामिल है और इसके साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्हाेंने दावा किया कि छह माह में शिक्षा में सुधार दिखायी देने लगेगा।
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जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन जिला पंचायत सभागार में आयोजित आरटीई मेले में मौजूद शिक्षकों की गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिले में एक से बढ़कर एक योग्य शिक्षक हैं, जिनमें वैज्ञानिक बनने की क्षमता है।
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यह जिले का सौभाग्य है कि यहां के बच्चों का भविष्य ऐसे योग्य शिक्षकों के हाथों में है। इसके बाद डीएम ने परिषदीय स्कूलों की कमियों को गिनाना शुरू किया तो गोष्ठी में मौजूद शिक्षक बगले झांकने लगे।
उन्होंने कहा कि वह पिछले एक महीने से लगातार जिले के परिषदीय स्कूलों का निरीक्षण कर रहे हैं। तमाम सुविधाओं के बावजूद स्कूलों में बच्चे नहीं आ रहे हैं और न ही शिक्षक समय से विद्यालय पहुंच रहे हैं।
डीएम ने कहा कि सामान्य कांवेंट स्कूलों की अपेक्षा परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को काफी अधिक वेतन व अन्य सुविधाएं सरकार दे रही है, इसके बावजूद शिक्षक विद्यालय क्यों नहीं पहुंच रहे हैं।
गोष्ठी में अपर जिलाधिकारी त्रिलोकी सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक रवींद्र कुमार सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि सूरज सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. फतेह बहादुर सिंह आदि मौजूद रहे। गोष्ठी का संचालन शिक्षक इरफान मोइन ने किया।
गोष्ठी में जिलाधिकारी ने कहा कि निलंबन लेन-देन का खेल है। इसलिए अब तक उन्होंने किसी को निलंबित नहीं किया है। सिर्फ वेतन रोककर सुधरने की चेतावनी दी है। अगर फिर भी कोई शिक्षक लापरवाही करता है तो निलंबन के बजाय उसके खिलाफ सीधे विभागीय कार्रवाई की जायेगी।
गोष्ठी में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. फतेह बहादुर सिंह ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने के लिए एक महीने तक स्कूल चलो रैली निकालकर लोगों को जागरूक किया गया लेकिन इसके बावजूद अभिभावक कांवेन्ट स्कूलों की तरफ भाग रहे हैं। सरकारी स्कूलों में नामांकन घट रहा है। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे अभिभावकों से मिलकर उन्हें सरकारी विद्यालयोें में बच्चों का नामांकन कराने के लिए प्रेरित करें।
गोष्ठी में जिले के वरिष्ठ खंड शिक्षा अधिकारी अवधेश कुमार राय ने परिषदीय स्कूलों में सफाई व्यवस्था पर जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराया। उन्होंने कहा कि गांवों में तैनात सफाईकर्मी विद्यालयों में नहीं आते, जिससे विद्यालय में सफाई का काम प्रभावित है।
जिला पंचायत सभागार परिसर में शनिवार को बेसिक शिक्षा विभाग ने जिला स्तरीय आरटीई मेले का आयोजन किया। मेले में झंझरी, पंडरीकृपाल, मुजेहना, वजीरगंज, नवाबगंज, मनकापुर, करनैलगंज, कटराबाजार, तरबगंज, रूपईडीह, परसपुर, इटियाथोक, हलधरमऊ, बेलसर, बभनजोत, छपिया व नगर क्षेत्र के बच्चों ने स्टाल लगाकर लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया।
स्टाल पर बच्चों ने कंप्यूटर मॉडल, वायरलेस रूटर नेटवर्किंग डायग्राम, खेल ग्राउंड के मॉडल व विभिन्न आकृतियों के मॉडल बनाकर उनका प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी ने बच्चों की इस स्टालों का निरीक्षण किया और उनकी सराहना की। आरटीई मेले के आयोजन के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पुरस्कृत किया।