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Gonda News: यूपी में लागू हो सकता है देवीपाटन मॉडल
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गोंडा। उत्तर प्रदेश में जन शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निपटारे के लिए जल्द ही देवीपाटन मॉडल पूरे राज्य में लागू हो सकता है। मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने मंगलवार को शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने देवीपाटन जनविश्वास मंच का प्रस्तुतीकरण दिया।
मंडलायुक्त ने बताया कि मुख्यमंत्री तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित सुशासन पर जोर दे रहे हैं। इसी क्रम में शिकायतों की निगरानी के लिए आईआरजीएस पोर्टल लॉन्च किया गया था। इस पोर्टल की निगरानी से समय सीमा के भीतर शिकायतों का निपटारा तो हो रहा है, लेकिन गुणवत्ता सुनिश्चित नहीं हो पा रही थी। कंप्यूटर साइंस में बीटेक मंडलायुक्त ने तकनीक और एआई के जरिये इस काम को आसान करने का बीड़ा उठाया है।
उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में मंडल स्तर पर पहली बार एआई आधारित वाट्सऐप ग्रुप देवीपाटन जनविश्वास मंच शुरू किया गया है। इसमें मंडल के चारों जिलों के अधिकारियों के मोबाइल नंबर फीड हैं। शिकायती पत्र की फोटो ग्रुप पर अपलोड होते ही संबंधित अधिकारी को अपने आप मिल जाती है। शिकायत का निपटारा होने तक एआई सिस्टम संबंधित अधिकारी को हर दिन सुबह 10 बजे अपने आप रिमाइंडर भेजता रहता है।
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आयुक्त ने कहा कि एआई अलर्ट और जीपीएस सिस्टम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि अधिकारी मौके पर गए बिना शिकायतों का निस्तारण न कर सकें। अब जांच अधिकारी को मौके पर पहुंचकर शिकायतकर्ता के साथ अपनी जीपीएस फोटो पोर्टल पर अपलोड करनी होती है। इस फोटो का सत्यापन एआई टूल के माध्यम से किया जाता है।
आयुक्त ने बताया कि नई व्यवस्था से शिकायतकर्ता की संतुष्टि और प्रशासन पर जनता का भरोसा बढ़ रहा है। फिलहाल मंडल के जिलों से उन्हें रियल टाइम प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से मिल रही है। दफ्तर में बैठकर शिकायतें निपटाने वाले अधिकारियों के लिए अब ऐसा करना मुश्किल हो गया है। बता दें कि इसी मॉडल के सहारे जनशिकायतों के निस्तारण में देवीपाटन मंडल लगातार पांचवीं बार प्रदेश में प्रथम स्थान पर बना रहा।
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मंडलायुक्त ने बताया कि मुख्यमंत्री तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित सुशासन पर जोर दे रहे हैं। इसी क्रम में शिकायतों की निगरानी के लिए आईआरजीएस पोर्टल लॉन्च किया गया था। इस पोर्टल की निगरानी से समय सीमा के भीतर शिकायतों का निपटारा तो हो रहा है, लेकिन गुणवत्ता सुनिश्चित नहीं हो पा रही थी। कंप्यूटर साइंस में बीटेक मंडलायुक्त ने तकनीक और एआई के जरिये इस काम को आसान करने का बीड़ा उठाया है।
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उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में मंडल स्तर पर पहली बार एआई आधारित वाट्सऐप ग्रुप देवीपाटन जनविश्वास मंच शुरू किया गया है। इसमें मंडल के चारों जिलों के अधिकारियों के मोबाइल नंबर फीड हैं। शिकायती पत्र की फोटो ग्रुप पर अपलोड होते ही संबंधित अधिकारी को अपने आप मिल जाती है। शिकायत का निपटारा होने तक एआई सिस्टम संबंधित अधिकारी को हर दिन सुबह 10 बजे अपने आप रिमाइंडर भेजता रहता है।
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आयुक्त ने कहा कि एआई अलर्ट और जीपीएस सिस्टम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि अधिकारी मौके पर गए बिना शिकायतों का निस्तारण न कर सकें। अब जांच अधिकारी को मौके पर पहुंचकर शिकायतकर्ता के साथ अपनी जीपीएस फोटो पोर्टल पर अपलोड करनी होती है। इस फोटो का सत्यापन एआई टूल के माध्यम से किया जाता है।
आयुक्त ने बताया कि नई व्यवस्था से शिकायतकर्ता की संतुष्टि और प्रशासन पर जनता का भरोसा बढ़ रहा है। फिलहाल मंडल के जिलों से उन्हें रियल टाइम प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से मिल रही है। दफ्तर में बैठकर शिकायतें निपटाने वाले अधिकारियों के लिए अब ऐसा करना मुश्किल हो गया है। बता दें कि इसी मॉडल के सहारे जनशिकायतों के निस्तारण में देवीपाटन मंडल लगातार पांचवीं बार प्रदेश में प्रथम स्थान पर बना रहा।