{"_id":"609188718ebc3e8d5621deef","slug":"declaration-of-victory-to-anyone-certificate-to-someone-else-gonda-news-lko576846595","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीत की घोषणा कर वेबसाइट पर किया अपलोड पर प्रमाण पत्र दूसरे को","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीत की घोषणा कर वेबसाइट पर किया अपलोड पर प्रमाण पत्र दूसरे को
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गोंडा। पहले चुनाव में विजयी घोषित कर प्रशासन की वेवसाइट पर जीते प्रत्याशी का नाम लोड कर दिया गया। बाद में जीत का प्रमाण पत्र दूसरे प्रत्याशी के नाम से जारी कर दिया। इसकी शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि क्षेत्र पंचायत सदस्य के चुनाव में एक जीते घोषित प्रत्याशी के स्थान पर दूसरे को चुनाव में जीता दिखा कर प्रमाणपत्र दे दिया गया।
मामला विकास खंड करनैलगंज के ग्राम पंचायत काशीपुर का है। नैनवा जगन्नाथपुर वार्ड नंबर 29 से बीडीसी प्रत्याशी अंजू के पति अजय कुमार अवस्थी का आरोप है कि काउंटिंग के दौरान काशीपुर से उनकी पत्नी अंजू 123 वोटों से आगे चल रही थी।
अंतिम बक्से की गिनती के दौरान तबियत बिगड़ने पर उन्हें दवा लेने गणना कक्ष से बाहर जाना पड़ा। इस दौरान पत्नी चुनाव जीत गयी और निर्वाचन आयोग की ऑनलाइन वेबसाइट पर भी उसका नाम विजयी प्रत्याशी के बतौर अपलोड दिखा दिया गया। आरोप है कि बाद में मतगणना कर्मियों की मिलीभगत से प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी को विजयी घोषित कर प्रमाण पत्र दिया गया।
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जिससे परेशान होकर वह आरओ से शिकायत करने गया तो उसे डांटकर भगा दिया गया। अंत मे बीडीओ के पास गया तो बीडीओ ने समय ज्यादा होने का हवाला देते हुए सांत्वना देकर लौटा दिया। पीड़ित का कहना है वो न्याय के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा।
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मामला विकास खंड करनैलगंज के ग्राम पंचायत काशीपुर का है। नैनवा जगन्नाथपुर वार्ड नंबर 29 से बीडीसी प्रत्याशी अंजू के पति अजय कुमार अवस्थी का आरोप है कि काउंटिंग के दौरान काशीपुर से उनकी पत्नी अंजू 123 वोटों से आगे चल रही थी।
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अंतिम बक्से की गिनती के दौरान तबियत बिगड़ने पर उन्हें दवा लेने गणना कक्ष से बाहर जाना पड़ा। इस दौरान पत्नी चुनाव जीत गयी और निर्वाचन आयोग की ऑनलाइन वेबसाइट पर भी उसका नाम विजयी प्रत्याशी के बतौर अपलोड दिखा दिया गया। आरोप है कि बाद में मतगणना कर्मियों की मिलीभगत से प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी को विजयी घोषित कर प्रमाण पत्र दिया गया।
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जिससे परेशान होकर वह आरओ से शिकायत करने गया तो उसे डांटकर भगा दिया गया। अंत मे बीडीओ के पास गया तो बीडीओ ने समय ज्यादा होने का हवाला देते हुए सांत्वना देकर लौटा दिया। पीड़ित का कहना है वो न्याय के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा।