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Gonda News: स्कूलों के ऊपर से झूल रहे मौत के तार
Wed, 22 Apr 2026 11:13 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 22 Apr 2026 11:13 PM IST
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गोंडा। लाखों खर्च के बाद भी आबादी क्षेत्र में घरों व स्कूलों के ऊपर से गुजरने वाली पुरानी व जर्जर एलटी व एचटी सप्लाई लाइन घरों में रहने व स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की टशन बढ़ा रही है। शासन स्तर से बजट जारी होने के बावजूद विद्युत विभाग अपनी सप्लाई लाइन व ट्रांसफार्मर शिफ्ट नहीं कर रहा है। निगरानी तंत्र से जुड़े अधिकारी सप्लाई लाइनें हटवाने के बजाय इसका पूरा ठिकरा ठेकेदारों पर फोड़ कर चुप्पी साधे हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों का कहना है कि जिले के 206 स्कूलों का सर्वे कराया गया है। इन स्कूलों के ऊपर से हाईटेंशन लाइनें गुजर रही हैं। कई बार लाइनों व ट्रांसफार्मर में आग लगने से हादसा होते-होते बचे हैं। जिला समन्वयक (निर्माण) विद्या भूषण मिश्र का कहना है कि अगस्त माह में शासन स्तर से बिजली विभाग को लाइन शिफ्टिंग के लिए बजट भी जारी हो चुका है। इसके बावजूद अभी तक केवल 50 स्कूलों के ऊपर से ही एचटी लाइनें हटाई जा सकी हैं। बाकी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों पर हादसे का खतरा बना हुआ है।
बखरवा प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक विजय कुमार शुक्ल का कहना है कि ट्रांसफार्मर व हाईटेंशन लाइनों के चलते चिंगारी निकलने से कई बार आग भी लग चुकी है। परसागोंडरी निवासी नंद किशोर, मुकेश, अजय तिवारी और अखड़ेरा के मोहम्मद अली का कहना है कि परिसर में खेलते और पढ़ते समय यह लाइनें कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। बिजली विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी दिव्य रंजन का कहना है कि स्कूलों के ऊपर से लाइन ले जाने का कोई नियम नहीं है। इनमें से अधिकतर लाइनें पहले से बनी हो सकती हैं। स्कूल बाद में बना होगा। सुरक्षा के प्रति विभाग को सचेत रहना चाहिए। लापरवाही बरतना कभी भी भारी पड़ सकता है।
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लापरवाही से जा चुकी है जान
-पोर्टरगंज के पथवलिया कंपोजिट विद्यालय से भी एचटी लाइन हटाई जानी थी। मगर महीनों बाद लाइन नहीं हटाई गई। आरोप है कि जिम्मेदार हीलाहवाली करते रहे। ऐसे में बीते 10 अप्रैल को तार टूटकर गिरने से रंजीत तिवारी (30) की मौत हो गई। इसके बाद कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए थे।
बच्चों व शिक्षकों में भय व्याप्त
मुजेहना/इटियाथोक। इटियाथोक ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बखरवा में 106 बच्चे पंजीकृत हैं। स्कूल परिसर में ट्रांसफार्मर व लाइन होने से बच्चों व शिक्षकों में भय व्याप्त है। वर्ष 2022 से धानेपुर विद्युत उपकेंद्र के अधिकारियों का चक्कर लगा रहे हैं। इसी तरह से प्राथमिक विद्यालय करुवापारा में भी आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में ही ट्रांसफार्मर व एचटी लाइन बच्चों व शिक्षकों को डरा रही है।
हादसे को खुला न्योता
प्राथमिक विद्यालय परसागोंडरी, उच्च प्राथमिक विद्यालय कपूरपुर, प्राथमिक विद्यालय अखड़ेरा आदि विद्यालयों के ऊपर से एचटी व एलटी लाइनें दौड़ रही हैं। अखड़ेरा के विद्यालय परिसर में ट्रांसफार्मर रख दिया गया है। बीईओ सीमा पांडेय ने बताया कि तारों और ट्रांसफार्मर को हटाने के लिए विद्युत विभाग को लिखित सूचना दी गई है। (संवाद)
जल्द हटेंगी लाइनें
स्कूलों के ऊपर से गुजर रही एलटी व एचटी लाइनों को हटाने की मांग को गंभीरता से लिया गया है। समीक्षा के बाद सभी अधीक्षण अभियंताओं को निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही मिलने पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। ठेकेदारों पर कार्रवाई की गई है।
यदुनाथ यथार्थ, मुख्य अभियंता, देवीपाटन जोन
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बेसिक शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों का कहना है कि जिले के 206 स्कूलों का सर्वे कराया गया है। इन स्कूलों के ऊपर से हाईटेंशन लाइनें गुजर रही हैं। कई बार लाइनों व ट्रांसफार्मर में आग लगने से हादसा होते-होते बचे हैं। जिला समन्वयक (निर्माण) विद्या भूषण मिश्र का कहना है कि अगस्त माह में शासन स्तर से बिजली विभाग को लाइन शिफ्टिंग के लिए बजट भी जारी हो चुका है। इसके बावजूद अभी तक केवल 50 स्कूलों के ऊपर से ही एचटी लाइनें हटाई जा सकी हैं। बाकी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों पर हादसे का खतरा बना हुआ है।
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बखरवा प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक विजय कुमार शुक्ल का कहना है कि ट्रांसफार्मर व हाईटेंशन लाइनों के चलते चिंगारी निकलने से कई बार आग भी लग चुकी है। परसागोंडरी निवासी नंद किशोर, मुकेश, अजय तिवारी और अखड़ेरा के मोहम्मद अली का कहना है कि परिसर में खेलते और पढ़ते समय यह लाइनें कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। बिजली विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी दिव्य रंजन का कहना है कि स्कूलों के ऊपर से लाइन ले जाने का कोई नियम नहीं है। इनमें से अधिकतर लाइनें पहले से बनी हो सकती हैं। स्कूल बाद में बना होगा। सुरक्षा के प्रति विभाग को सचेत रहना चाहिए। लापरवाही बरतना कभी भी भारी पड़ सकता है।
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लापरवाही से जा चुकी है जान
-पोर्टरगंज के पथवलिया कंपोजिट विद्यालय से भी एचटी लाइन हटाई जानी थी। मगर महीनों बाद लाइन नहीं हटाई गई। आरोप है कि जिम्मेदार हीलाहवाली करते रहे। ऐसे में बीते 10 अप्रैल को तार टूटकर गिरने से रंजीत तिवारी (30) की मौत हो गई। इसके बाद कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए थे।
बच्चों व शिक्षकों में भय व्याप्त
मुजेहना/इटियाथोक। इटियाथोक ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बखरवा में 106 बच्चे पंजीकृत हैं। स्कूल परिसर में ट्रांसफार्मर व लाइन होने से बच्चों व शिक्षकों में भय व्याप्त है। वर्ष 2022 से धानेपुर विद्युत उपकेंद्र के अधिकारियों का चक्कर लगा रहे हैं। इसी तरह से प्राथमिक विद्यालय करुवापारा में भी आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में ही ट्रांसफार्मर व एचटी लाइन बच्चों व शिक्षकों को डरा रही है।
हादसे को खुला न्योता
प्राथमिक विद्यालय परसागोंडरी, उच्च प्राथमिक विद्यालय कपूरपुर, प्राथमिक विद्यालय अखड़ेरा आदि विद्यालयों के ऊपर से एचटी व एलटी लाइनें दौड़ रही हैं। अखड़ेरा के विद्यालय परिसर में ट्रांसफार्मर रख दिया गया है। बीईओ सीमा पांडेय ने बताया कि तारों और ट्रांसफार्मर को हटाने के लिए विद्युत विभाग को लिखित सूचना दी गई है। (संवाद)
जल्द हटेंगी लाइनें
स्कूलों के ऊपर से गुजर रही एलटी व एचटी लाइनों को हटाने की मांग को गंभीरता से लिया गया है। समीक्षा के बाद सभी अधीक्षण अभियंताओं को निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही मिलने पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। ठेकेदारों पर कार्रवाई की गई है।
यदुनाथ यथार्थ, मुख्य अभियंता, देवीपाटन जोन