{"_id":"65355acb336c1ca0330ecac6","slug":"ct-scan-machine-worth-rs-15-crore-has-been-gathering-dust-for-eight-months-gonda-news-c-100-gon1001-6433-2023-10-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: आठ महीने से धूल फांक रही डेढ़ करोड़ की सीटी स्कैन मशीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: आठ महीने से धूल फांक रही डेढ़ करोड़ की सीटी स्कैन मशीन
Sun, 22 Oct 2023 10:54 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 22 Oct 2023 10:54 PM IST
विज्ञापन
गोंडा। जिला अस्पताल भले ही उच्चीकृत कर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय का हिस्सा बन गया हो। लेकिन स्वास्थ्य व्यवस्थाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। सिर में चोट लगने वाले मरीजों को सस्ती जांच के लिए अस्पताल में 1.5 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित की गई सीटी स्कैन मशीन पिछले आठ महीनों से खराब पड़ी धूल फांक रही है।
दुघर्टना में घायल, सिर में दर्द व अन्य बीमारी से पीड़ित करीब 100 मरीज मेडिकल कॉलेज में उपचार कराने आते हैं, जिसमें से औसतन 65 मरीजों को सीटी स्कैन कराने का परामर्श दिया जाता है। अस्पताल के क्षेत्रीय निदान केंद्र में सीटी स्कैन की सुविधा मात्र 500 रुपये शुल्क जमा करने के बाद मिल जाती थी, लेकिन यहां की सीटी स्कैन मशीन बीते मार्च महीने से ही खराब पड़ी है। जिससे मरीजों को बाहर से महंगी जांच करवानी पड़ रही है। बाहर निजी सेंटरों पर सीटी स्कैन की जांच के लिए 2,300 से 2,500 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं। मशीन खराब होने के कारण मरीजों को हर रोज औसतन 1.5 लाख रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। वहीं, जिम्मेदार सिर्फ सेवा प्रदाता एजेंसी को पत्र लिखने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
एजेंसी को लिखी गई चिट्ठी
शासन की ओर से मरम्मत कार्य के लिए एजेंसी नामित की गई है। संबंधित एजेंसी के इंजीनियर कई बार आकर मशीन की मरम्मत किए हैं, लेकिन संचालित नहीं हो सकी। फिर एक बार चिट्ठी लिखी गई है।
विज्ञापन
- डाॅ. वीके गुप्त, सीएमएस मेडिकल कॉलेज
विज्ञापन
दुघर्टना में घायल, सिर में दर्द व अन्य बीमारी से पीड़ित करीब 100 मरीज मेडिकल कॉलेज में उपचार कराने आते हैं, जिसमें से औसतन 65 मरीजों को सीटी स्कैन कराने का परामर्श दिया जाता है। अस्पताल के क्षेत्रीय निदान केंद्र में सीटी स्कैन की सुविधा मात्र 500 रुपये शुल्क जमा करने के बाद मिल जाती थी, लेकिन यहां की सीटी स्कैन मशीन बीते मार्च महीने से ही खराब पड़ी है। जिससे मरीजों को बाहर से महंगी जांच करवानी पड़ रही है। बाहर निजी सेंटरों पर सीटी स्कैन की जांच के लिए 2,300 से 2,500 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं। मशीन खराब होने के कारण मरीजों को हर रोज औसतन 1.5 लाख रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। वहीं, जिम्मेदार सिर्फ सेवा प्रदाता एजेंसी को पत्र लिखने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
विज्ञापन
एजेंसी को लिखी गई चिट्ठी
शासन की ओर से मरम्मत कार्य के लिए एजेंसी नामित की गई है। संबंधित एजेंसी के इंजीनियर कई बार आकर मशीन की मरम्मत किए हैं, लेकिन संचालित नहीं हो सकी। फिर एक बार चिट्ठी लिखी गई है।
विज्ञापन
- डाॅ. वीके गुप्त, सीएमएस मेडिकल कॉलेज