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महिला को जिंदा जलाया
बलरामपुर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jul 2015 11:36 PM IST
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ससुरालीजनों ने पहले तो आए दिन विवाद कर विवाहिता को परेशान किया। बीते दिन उन्होेंने उसे जिंदा जला दिया। अस्पताल में इलाज के दौरान विवाहिता की मौत हो गई। यह आरोप मृतका की मां ने लगाया है। वहीं, ससुरालीजनों का कहना है कि विवाहिता ने कमरा बंद कर खुद को आग लगाई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
महराजगंज तराई थाना क्षेत्र की लौकहवा गांव निवासी सुकैया ने शुक्रवार को बताया कि उसने अपनी बेटी रुकैया की शादी वर्ष 2011 में बलरामपुर देहात थाना क्षेत्र के ग्राम बेलहा निवासी इसरार से की थी। सुकैया का कहना है कि इसरार जनपद सुल्तानपुर स्थित एक मदरसे में शिक्षक है।
सुकैया के मुताबिक इसरार व उसके परिजन कैया से अक्सर विवाद कर उसे प्रताड़ित करते थे। करीब चार माह पूर्व रुकैया विवाद के चलते मायके आ गई थी। तीन दिन पूर्व ही रुकैया ससुराल आई थी। ईद में इसरार भी घर आया हुआ था। शुक्रवार को रुकैया घर के कमरे में जली हालत में मिली।
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जिला अस्पताल में रुकैया की मौत हो गई है। मृतका की मां का आरोप है कि उसकी बेटी को ससुरालीजनों ने ही जलाया है। उधर, रुकैया की सास आबिदा का कहना है कि शुक्रवार को इसरार सुल्तानपुर जा रहा था। पूरा परिवार इसरार को छोड़ने के लिए बस स्टैंड पर आया था।
रुकैया घर में अकेली थी। उसने कमरा बंदकर खुद को आग लगा ली। इसरार को छोड़कर घर पहुंचने पर परिवारीजनों ने कमरे से धुआं निकलता देखा तो कमरे का दरवाजा तोड़ रुकैया का जिला अस्पताल पहुंचाया। थानाध्यक्ष बलरामपुर देहात नरेंद्र बहादुर यादव ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामले में अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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महराजगंज तराई थाना क्षेत्र की लौकहवा गांव निवासी सुकैया ने शुक्रवार को बताया कि उसने अपनी बेटी रुकैया की शादी वर्ष 2011 में बलरामपुर देहात थाना क्षेत्र के ग्राम बेलहा निवासी इसरार से की थी। सुकैया का कहना है कि इसरार जनपद सुल्तानपुर स्थित एक मदरसे में शिक्षक है।
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सुकैया के मुताबिक इसरार व उसके परिजन कैया से अक्सर विवाद कर उसे प्रताड़ित करते थे। करीब चार माह पूर्व रुकैया विवाद के चलते मायके आ गई थी। तीन दिन पूर्व ही रुकैया ससुराल आई थी। ईद में इसरार भी घर आया हुआ था। शुक्रवार को रुकैया घर के कमरे में जली हालत में मिली।
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जिला अस्पताल में रुकैया की मौत हो गई है। मृतका की मां का आरोप है कि उसकी बेटी को ससुरालीजनों ने ही जलाया है। उधर, रुकैया की सास आबिदा का कहना है कि शुक्रवार को इसरार सुल्तानपुर जा रहा था। पूरा परिवार इसरार को छोड़ने के लिए बस स्टैंड पर आया था।
रुकैया घर में अकेली थी। उसने कमरा बंदकर खुद को आग लगा ली। इसरार को छोड़कर घर पहुंचने पर परिवारीजनों ने कमरे से धुआं निकलता देखा तो कमरे का दरवाजा तोड़ रुकैया का जिला अस्पताल पहुंचाया। थानाध्यक्ष बलरामपुर देहात नरेंद्र बहादुर यादव ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामले में अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।