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Hisar News: खुद को कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा बताकर अधिकारियों व भाजपा पदाधिकारियों को फोन करने वाला गिरफ्तार
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हिसार। खुद को कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा बताकर अधिकारियों और भाजपा पदाधिकारियों को फोन करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी राहुल खान राजस्थान के अलवर जिले के गांव पिपरोली का रहने वाला है। पुलिस प्रवक्ता मदन लाल ने बताया कि राहुल इस मामले में मुख्य आरोपी था।
लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा के पीए अरुण कुमार ने साइबर थाना पुलिस को शिकायत दी थी। अरुण कुमार ने बताया था कि कोई व्यक्ति मंत्री रणबीर गंगवा के नाम पर सिम निकलवाकर उसका दुरुपयोग कर रहा है। लोगों को फोन करने वाला व्यक्ति खुद को मंत्री रणबीर गंगवा बता रहा है। पीए की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।
आरोपी ने सिम को किया खुर्द-बुर्द
पुलिस के अनुसार आरोपी राहुल खान को जब पता चला कि उसके फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया है तो उसने सिम को खुर्द-बुर्द कर दिया। आरोपी ने बताया कि सिम लेने के बाद उसने ट्रूकॉलर पर रणबीर गंगवा के नाम से नंबर सेव कर लिया। वहीं मंत्री के फेसबुक अकाउंट से 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के दौरान जीजेयू में खींची गई फोटो लेकर उसे डीपी पर लगा दिया ताकि किसी को शक न हो।
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यूं हुआ था मामले का खुलासा
इन साइबर ठगों ने 18 से 20 जुलाई के बीच अंबाला के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता और गुरुग्राम के एक अधिकारी को भी फोन किया था। कॉल करने वाला खुद को मंत्री रणबीर गंगवा बताकर कहता था कि वह अपना आदमी भेज रहा है उसका काम कर देना। इन लोगों ने भाजपा के पानीपत और करनाल जिलाध्यक्ष को भी फोन किया। भाजपा जिलाध्यक्ष मंत्री से पहले भी फोन पर बात करते रहे हैं। उन्हें मंत्री के बात करने के तरीके और लहजे की जानकारी थी। इस पर उन्हें कुछ शक हुआ। इसके बाद करनाल जिलाध्यक्ष ने मंत्री को उनके निजी नंबर पर फोन कर नए नंबर से कॉल करने के बारे में पूछा। इससे पूरे मामले का खुलासा हुआ।
मंत्री के नाम पर फोन कर फर्नीचर बेचने के जरिए ठगी का प्रयास
20 जुलाई को कॉलर ने पानीपत भाजपा जिलाध्यक्ष दुष्यंत भट्ट और करनाल जिलाध्यक्ष प्रवीण लाठर को भी फोन किया। प्रवीण ने बताया कि कॉलर ने कहा था मैं रणबीर गंगवा का पीए बोल रहा हूं और मंत्री जी का कोई जानकार है। उसका ट्रांसफर हो गया है और घर का फर्नीचर आधे रेट में बेचना है। कॉलर ने 75 हजार रुपये में सामान बेचने की बात कही। इसके बाद एक अनजान नंबर से फोन आया। उसने बताया कि आपके पास मंत्री जी का फोन आया होगा, मुझे सामान बेचना है। इसके बाद प्रवीण ने खुद मंत्री रणबीर गंगवा के निजी नंबर पर फोन कर सच्चाई जानी।
अलवर से दो लोगों को किया था गिरफ्तार
मामला मंत्री से जुड़ा होने के चलते साइबर टीम ने फोन की लोकेशन ट्रेस की। लोकेशन मिलते ही पुलिस की एक टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए रवाना हो गई। साइबर सेल और सीआईए टीम ने राजस्थान के अलवर जिले के गांव नाडका से दो लोगों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया था।
लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा के पीए अरुण कुमार ने साइबर थाना पुलिस को शिकायत दी थी। अरुण कुमार ने बताया था कि कोई व्यक्ति मंत्री रणबीर गंगवा के नाम पर सिम निकलवाकर उसका दुरुपयोग कर रहा है। लोगों को फोन करने वाला व्यक्ति खुद को मंत्री रणबीर गंगवा बता रहा है। पीए की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।
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आरोपी ने सिम को किया खुर्द-बुर्द
पुलिस के अनुसार आरोपी राहुल खान को जब पता चला कि उसके फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया है तो उसने सिम को खुर्द-बुर्द कर दिया। आरोपी ने बताया कि सिम लेने के बाद उसने ट्रूकॉलर पर रणबीर गंगवा के नाम से नंबर सेव कर लिया। वहीं मंत्री के फेसबुक अकाउंट से 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के दौरान जीजेयू में खींची गई फोटो लेकर उसे डीपी पर लगा दिया ताकि किसी को शक न हो।
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यूं हुआ था मामले का खुलासा
इन साइबर ठगों ने 18 से 20 जुलाई के बीच अंबाला के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता और गुरुग्राम के एक अधिकारी को भी फोन किया था। कॉल करने वाला खुद को मंत्री रणबीर गंगवा बताकर कहता था कि वह अपना आदमी भेज रहा है उसका काम कर देना। इन लोगों ने भाजपा के पानीपत और करनाल जिलाध्यक्ष को भी फोन किया। भाजपा जिलाध्यक्ष मंत्री से पहले भी फोन पर बात करते रहे हैं। उन्हें मंत्री के बात करने के तरीके और लहजे की जानकारी थी। इस पर उन्हें कुछ शक हुआ। इसके बाद करनाल जिलाध्यक्ष ने मंत्री को उनके निजी नंबर पर फोन कर नए नंबर से कॉल करने के बारे में पूछा। इससे पूरे मामले का खुलासा हुआ।
मंत्री के नाम पर फोन कर फर्नीचर बेचने के जरिए ठगी का प्रयास
20 जुलाई को कॉलर ने पानीपत भाजपा जिलाध्यक्ष दुष्यंत भट्ट और करनाल जिलाध्यक्ष प्रवीण लाठर को भी फोन किया। प्रवीण ने बताया कि कॉलर ने कहा था मैं रणबीर गंगवा का पीए बोल रहा हूं और मंत्री जी का कोई जानकार है। उसका ट्रांसफर हो गया है और घर का फर्नीचर आधे रेट में बेचना है। कॉलर ने 75 हजार रुपये में सामान बेचने की बात कही। इसके बाद एक अनजान नंबर से फोन आया। उसने बताया कि आपके पास मंत्री जी का फोन आया होगा, मुझे सामान बेचना है। इसके बाद प्रवीण ने खुद मंत्री रणबीर गंगवा के निजी नंबर पर फोन कर सच्चाई जानी।
अलवर से दो लोगों को किया था गिरफ्तार
मामला मंत्री से जुड़ा होने के चलते साइबर टीम ने फोन की लोकेशन ट्रेस की। लोकेशन मिलते ही पुलिस की एक टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए रवाना हो गई। साइबर सेल और सीआईए टीम ने राजस्थान के अलवर जिले के गांव नाडका से दो लोगों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया था।