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पुलिस के सामने दो पक्षों में संघर्ष
अमर उजाला/गोंडा
Updated Tue, 12 Jul 2016 11:39 PM IST
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पथराव करते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
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भरथा इटहिया गांव में कोटा चयन को लेकर मंगलवार की सुबह हुई खुली बैठक में सिपाही ने एक ग्रामीण की जमकर पिटाई कर दी, जिससे बैठक में मौजूद दो पक्षों में तनाव बढ़ गया और मारपीट शुरू हो गई। बवाल की सूचना पर तीन थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। थोड़ी देर बाद पुलिस की मौजूदगी में एक बार फिर से दो गुटों के बीच ईट-पत्थर चले, जिसमें दो लोग घायल हो गए। घायलों को पुलिस थाने ले आई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
थाना कौड़िया क्षेत्र के भरथा इटहिया गांव के ग्राम सचिवालय में कोटा चयन की बैठक चल रही थी। बैठक में कोटा चयन को लेकर गांव के दो पक्षों के मत अलग-अलग थे। इसलिए दो पक्षों में बातचीत हो रही थी। इसी बीच थाना कौड़िया का सिपाही जयराम यादव वहां पहुंचा और बैठक में मौजूद गांव के मदन किशोर चौबे को लाठी से पीटने लगा। इससे ग्रामीण आक्रोशित हो गए और दो पक्षों में मारपीट शुरू हो गई, जिसमें दिनेश तिवारी व राजन चौबे घायल हो गए।
बवाल की सूचना पर कौड़िया थाने के प्रभारी निरीक्षक इंतखाब अहमद, थानाध्यक्ष कटरा बाजार विनोद यादव व एसएसआई आलोक दूबे पहुंचे। इसी के बाद एसडीएम करनैलगंज अनिल कुमार मिश्र व सीओ करनैलगंज एस हम्द भील मौके पर पहुंचे। एसडीएम व सीओ ने ग्रामीणाें को समझाकर मामला शांत कराया।
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एसडीएम ने कोटा चयन की बैठक को स्थगित कर दिया। इसके बाद अधिकारियों के वापस होते ही एक पक्ष के लोग लौट रहे थे, तभी दूसरे पक्ष ने उनसे निपट लेने की धमकी दे दी। इससे कौड़िया पुलिस के सामने ही दो पक्षों में ईट-पत्थर चलने लगे। बाद में लोगों के समझाने पर मामला शांत हुआ।
पुलिस ने छह लोगाें को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। आरोपी सिपाही जयराम यादव का कहना है कि कच्ची शराब के कारोबारियों के यहां सीओ ने छह माह पहले दबिश दी थी, उसके बाद से अब तक उनका मदन किशोर चौबे से उनके अच्छे संबंध थे। मंगलवार को कोटा चयन की बैठक में वह लोगों को आने से रोक रहे थे, उनसे सिर्फ समझाया गया है, मारपीट का आरोप गलत है। थाना कौड़िया के प्रभारी निरीक्षक इंतखाब अहमद ने बताया कि वहां दो पक्षाें में जब ईट-पत्थर चले,, उससे पहले पुलिस टीम लौट चुकी थी।
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थाना कौड़िया क्षेत्र के भरथा इटहिया गांव के ग्राम सचिवालय में कोटा चयन की बैठक चल रही थी। बैठक में कोटा चयन को लेकर गांव के दो पक्षों के मत अलग-अलग थे। इसलिए दो पक्षों में बातचीत हो रही थी। इसी बीच थाना कौड़िया का सिपाही जयराम यादव वहां पहुंचा और बैठक में मौजूद गांव के मदन किशोर चौबे को लाठी से पीटने लगा। इससे ग्रामीण आक्रोशित हो गए और दो पक्षों में मारपीट शुरू हो गई, जिसमें दिनेश तिवारी व राजन चौबे घायल हो गए।
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बवाल की सूचना पर कौड़िया थाने के प्रभारी निरीक्षक इंतखाब अहमद, थानाध्यक्ष कटरा बाजार विनोद यादव व एसएसआई आलोक दूबे पहुंचे। इसी के बाद एसडीएम करनैलगंज अनिल कुमार मिश्र व सीओ करनैलगंज एस हम्द भील मौके पर पहुंचे। एसडीएम व सीओ ने ग्रामीणाें को समझाकर मामला शांत कराया।
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एसडीएम ने कोटा चयन की बैठक को स्थगित कर दिया। इसके बाद अधिकारियों के वापस होते ही एक पक्ष के लोग लौट रहे थे, तभी दूसरे पक्ष ने उनसे निपट लेने की धमकी दे दी। इससे कौड़िया पुलिस के सामने ही दो पक्षों में ईट-पत्थर चलने लगे। बाद में लोगों के समझाने पर मामला शांत हुआ।
पुलिस ने छह लोगाें को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। आरोपी सिपाही जयराम यादव का कहना है कि कच्ची शराब के कारोबारियों के यहां सीओ ने छह माह पहले दबिश दी थी, उसके बाद से अब तक उनका मदन किशोर चौबे से उनके अच्छे संबंध थे। मंगलवार को कोटा चयन की बैठक में वह लोगों को आने से रोक रहे थे, उनसे सिर्फ समझाया गया है, मारपीट का आरोप गलत है। थाना कौड़िया के प्रभारी निरीक्षक इंतखाब अहमद ने बताया कि वहां दो पक्षाें में जब ईट-पत्थर चले,, उससे पहले पुलिस टीम लौट चुकी थी।