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दो भाइयों को 10 साल की सजा
अमर उजाला ब्यूरो, गोंडा
Updated Wed, 30 Mar 2016 11:25 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : demo
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चार वर्ष पूर्व बच्चों के मामूली विवाद में लालबाबू की लाठियों से पीटकर हत्या करने के आरोपी दो सगे भाइयों को अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय महेश नौटियाल ने 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा व पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता विनोद कुमार सिंह व अंबरीश यादव के मुताबिक धानेपुर थाना क्षेत्र के नैपुरिया मौजा दुल्हापुर निवासी गजाधर ने एक जुलाई 2012 को धानेपुर थाने में अशोक एवं सुमिरन पुत्र राममिलन के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
जिसमें कहा गया कि गजाधर व उसके पट्टीदार राममिलन के बच्चों में खेल के दौरान झगड़ा हो गया था। गजाधर इसकी शिकायत करने राममिलन के घर गया था। तभी राममिलन के बेटे अशोक व सुमिरन लाठी से उसे मारने लगे।
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इस दौरान गजाधर का छोटा भाई लालबाबू उसे बचाने दौड़ा तो दोनों ने उसे लाठियों से पीटा, जिससे उसका सिर फट गया। उसकी जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। सत्र परीक्षण के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ताओं ने गवाहों के बयान कराए।
अदालत ने दोनों पक्षों की बहस को सुना व पत्रावली का अवलोकन कर आरोपी अशोक व सुमिरन को गैर इरादतन हत्या के आरोप में 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा व पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। जुर्माना अदा न करने पर दोनों को छह माह की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता विनोद कुमार सिंह व अंबरीश यादव के मुताबिक धानेपुर थाना क्षेत्र के नैपुरिया मौजा दुल्हापुर निवासी गजाधर ने एक जुलाई 2012 को धानेपुर थाने में अशोक एवं सुमिरन पुत्र राममिलन के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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जिसमें कहा गया कि गजाधर व उसके पट्टीदार राममिलन के बच्चों में खेल के दौरान झगड़ा हो गया था। गजाधर इसकी शिकायत करने राममिलन के घर गया था। तभी राममिलन के बेटे अशोक व सुमिरन लाठी से उसे मारने लगे।
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इस दौरान गजाधर का छोटा भाई लालबाबू उसे बचाने दौड़ा तो दोनों ने उसे लाठियों से पीटा, जिससे उसका सिर फट गया। उसकी जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। सत्र परीक्षण के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ताओं ने गवाहों के बयान कराए।
अदालत ने दोनों पक्षों की बहस को सुना व पत्रावली का अवलोकन कर आरोपी अशोक व सुमिरन को गैर इरादतन हत्या के आरोप में 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा व पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। जुर्माना अदा न करने पर दोनों को छह माह की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।