{"_id":"6a8931c9961ba6375a0fbe51","slug":"bihar-vaishali-gandak-river-water-level-lalganj-high-alert-hajipur-news-hindi-news-muzaffarpur-news-c-1-1-noi1236-4638153-2026-08-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar: नेपाल से छोड़ा गया पानी, गंडक ने पार किया खतरे का निशान; 3 सेमी ऊपर पहुंचा जलस्तर, हाई अलर्ट जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar: नेपाल से छोड़ा गया पानी, गंडक ने पार किया खतरे का निशान; 3 सेमी ऊपर पहुंचा जलस्तर, हाई अलर्ट जारी
Sat, 22 Aug 2026 02:56 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
Updated Sat, 22 Aug 2026 02:56 PM IST
सार
Bihar News: नेपाल स्थित बराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद बिहार के वैशाली में गंडक नदी उफान पर है। लालगंज में नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 3 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है और करीब आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। प्रशासन ने तटीय इलाकों में हाई अलर्ट जारी करते हुए तटबंधों पर निगरानी बढ़ा दी है।
विज्ञापन
गंगा घाट पुलिस का पहरा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
वैशाली जिले में नेपाल स्थित बराज से अचानक भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। लालगंज क्षेत्र में गंडक नदी का पानी खतरे के निशान को पार कर चुका है और वर्तमान में यह डेंजर मार्क से 3 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। जलस्तर में लगातार करीब आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हो रही वृद्धि को देखते हुए जिला प्रशासन, जल संसाधन विभाग और केंद्रीय जल आयोग ने कमर कस ली है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तटीय इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
विज्ञापन
तटबंधों पर 24 घंटे पहरा, कमजोर हिस्सों पर पैनी नजर
संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए जल संसाधन विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। विभाग के सहायक अभियंता जनार्दन सिंह और कनीय अभियंता राजेश कुमार तकनीकी टीम और विभागीय कर्मियों के साथ गंडक के तटबंधों पर कैंप कर रहे हैं। इंजीनियरों की टीम संवेदनशील और कमजोर माने जाने वाले स्थलों का लगातार निरीक्षण कर रही है। तटबंधों की मजबूती, पानी के दबाव और बहाव की दिशा पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।
विज्ञापन
बालू की बोरियां और राहत सामग्री तैयार
आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए विभाग ने जरूरी सुरक्षा उपकरण, बालू भरी बोरियां और अन्य बाढ़ राहत सामग्री मौके पर तैयार रखी है। अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर तत्काल बचाव और सुरक्षा कार्य शुरू किया जा सकेगा।
विज्ञापन
खतरे के निशान से ऊपर पानी, फिर भी स्थिति नियंत्रण में
केंद्रीय जल आयोग के तकनीकी कर्मी प्रभात पांडे ने बताया कि लालगंज में गंडक का जलस्तर खतरे के निशान से 3 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया है। इसमें करीब 0.5 सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से बढ़ोतरी हो रही है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और किसी बड़े या आसन्न खतरे की आशंका नहीं है। हालांकि, नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लगातार निगरानी की जा रही है।
यह भी पढ़ें: संध्या आरती के बीच शक्तिपीठ मां चंडिका के गर्भगृह में घुसा गंगा का पानी, प्रवेश द्वार पर बाढ़ की दस्तक
गांवों में मुनादी, नदी किनारे जाने से रोक
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने गंडक के कछार और नदी किनारे बसे गांवों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। लोगों को अनावश्यक रूप से घाटों और कछारों की ओर नहीं जाने की सलाह दी गई है। अभिभावकों से बच्चों को नदी के आसपास न जाने देने और पशुपालकों से मवेशियों को नदी की धार या रेतीले किनारों पर न ले जाने की अपील की गई है। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि तटबंध में कटाव, रिसाव या जलस्तर में कोई असामान्य हलचल दिखाई देने पर तत्काल स्थानीय प्रशासन या जल संसाधन विभाग के कंट्रोल रूम को सूचना दें।