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उज्जवला योजना में उपभोक्ताओं से तीन हजार की वसूली
amar ujala
Updated Fri, 23 Jun 2017 09:38 PM IST
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भारत सरकार की उज्जवला गैस कनेक्शन योजना में भी भ्रष्टाचार का घुन लग गया है। जिले में कुल 2.50 लाख बीपीएल परिवारों में से अभी तक मात्र 1.50 लाख लाभार्थियों को ही उज्जवला योजना के तहत गैस कनेक्शन मिल पाया है। एक लाख कार्ड धारकों में अधिकतर को पैसा न देने के कारण कनेक्शन नहीं मिला।
उपभोक्ताओं से गैस एजेंसियां प्रति कनेक्शन तीन हजार तक वसूल रही हैं। जिले में उज्जवला योजना की शुरूआत तीन साल पहले हुई थी। जिले के कुल 2.50 लाख परिवार को इस योजना का लाभ दिया जाना था लेकिन अभी तक मात्र 1.50 लाख लाभार्थी ही इससे जुड़ सके हैं। इस योजना को सफल बनाने के लिए लगाए गये अधिकारी भी गैस एजेन्सी के भ्रष्ट तंत्र से मिल गये जिससे गैस कनेक्शन के नाम पर गैस एजेन्सियों के कर्मचारियों की ओर से वसूली की जाने लगी।
गैस एजेन्सियों ने अपनी बदनामी से बचने के लिए बिचौलियों को बीच में लगाकर गरीब परिवारों से 500 रुपये से लेकर तीन हजार रुपये तक वसूली की। इससे तमाम गरीबों ने कर्ज लेकर कनेक्शन के नाम पर पैसा दिया तो तमाम गरीब पीछे हट गये।
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सही मानीटरिंग न होने से गरीबों की आवाज दब कर रह गई। वहीं इस योजना के सफलता की कसौटी पर गरीब उपभोक्ताओं के सामने गैस की रिफिलिंग के लिए फण्ड की समस्या है। वह 600 से 700 रुपये एक साथ दे पाने में असमर्थ है जिससे कई ऐसे उपभोक्ता है जो एक या दो बार गैस भरवाने के बाद फिर हिम्मत नही जुटा सके।
ग्राम पंचायत सोनापार के बीपीएल कार्डधारक राम अक्षयबर से गैस एजेन्सी के कर्मियों ने कनेक्शन के नाम पर तीन हजार रुपये मांगा। अक्षयबर का कहना है कि उनसे गैस कनेक्शन के नाम पर तीन हजार रुपये मांगे गये न दे पाने पर उसे आज तक कनेक्शन नही मिल पाया। उसका कहना है गैस कनेक्शन के लिए उसने अधिकारियों से भी शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नही हुई।
रूपईडीह क्षेत्र के ग्राम इमिलिया भगवानदीनपुरवा निवासनी पूनम देवी का कहना है कि उन्हें काफी मशक्त के बाद गैस का कनेक्शन मिल पाया था। इसके लिए उससे गैस एजेन्सी के कर्मचारी ने पांच सौ रुपये वसूल किये थे। उसका कहना था कि कर्मचारी ने धमकाया था कि पांच सौ रुपये नही दोगी तो गैस कनेक्शन बहुत देर में मिल पाएगा।
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उपभोक्ताओं से गैस एजेंसियां प्रति कनेक्शन तीन हजार तक वसूल रही हैं। जिले में उज्जवला योजना की शुरूआत तीन साल पहले हुई थी। जिले के कुल 2.50 लाख परिवार को इस योजना का लाभ दिया जाना था लेकिन अभी तक मात्र 1.50 लाख लाभार्थी ही इससे जुड़ सके हैं। इस योजना को सफल बनाने के लिए लगाए गये अधिकारी भी गैस एजेन्सी के भ्रष्ट तंत्र से मिल गये जिससे गैस कनेक्शन के नाम पर गैस एजेन्सियों के कर्मचारियों की ओर से वसूली की जाने लगी।
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गैस एजेन्सियों ने अपनी बदनामी से बचने के लिए बिचौलियों को बीच में लगाकर गरीब परिवारों से 500 रुपये से लेकर तीन हजार रुपये तक वसूली की। इससे तमाम गरीबों ने कर्ज लेकर कनेक्शन के नाम पर पैसा दिया तो तमाम गरीब पीछे हट गये।
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सही मानीटरिंग न होने से गरीबों की आवाज दब कर रह गई। वहीं इस योजना के सफलता की कसौटी पर गरीब उपभोक्ताओं के सामने गैस की रिफिलिंग के लिए फण्ड की समस्या है। वह 600 से 700 रुपये एक साथ दे पाने में असमर्थ है जिससे कई ऐसे उपभोक्ता है जो एक या दो बार गैस भरवाने के बाद फिर हिम्मत नही जुटा सके।
ग्राम पंचायत सोनापार के बीपीएल कार्डधारक राम अक्षयबर से गैस एजेन्सी के कर्मियों ने कनेक्शन के नाम पर तीन हजार रुपये मांगा। अक्षयबर का कहना है कि उनसे गैस कनेक्शन के नाम पर तीन हजार रुपये मांगे गये न दे पाने पर उसे आज तक कनेक्शन नही मिल पाया। उसका कहना है गैस कनेक्शन के लिए उसने अधिकारियों से भी शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नही हुई।
रूपईडीह क्षेत्र के ग्राम इमिलिया भगवानदीनपुरवा निवासनी पूनम देवी का कहना है कि उन्हें काफी मशक्त के बाद गैस का कनेक्शन मिल पाया था। इसके लिए उससे गैस एजेन्सी के कर्मचारी ने पांच सौ रुपये वसूल किये थे। उसका कहना था कि कर्मचारी ने धमकाया था कि पांच सौ रुपये नही दोगी तो गैस कनेक्शन बहुत देर में मिल पाएगा।