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दो युवकों की हत्या, ट्रैक पर फेंके शव
अमर उजाला/गोंडा
Updated Fri, 10 Jun 2016 11:32 PM IST
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गौर थाना क्षेत्र के कवलसिया में विवाहिता की मौत की जांच करने पहुंचे पुलिस अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
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इटियाथोक क्षेत्र के पांडेयपुरवा पारासराय गांव के निकट शुक्रवार की सुबह लोवर-बनियान पहले दो युवकों के क्षत-विक्षत शव रेल ट्रैक पर पड़े पाए गए। क्षेत्रीय लोगों की मानें तो दोनों युवकों की हत्या करने के बाद उनके शव यहां लाकर रेल ट्रैक पर फेंक दिए गए। जबकि पुलिस इससे साफ इंकार कर रही है।
उसका कहना है कि मरने वाले दोनों युवक देखने से चोर मालूम होते हैं, जो रेल ट्रैक पर बैठकर कोई योजना बना रहे थे। इसी दरम्यान ट्रेन आने पर उनके कुछ साथी भाग खड़े हुए, जबकि रेल ट्रैक पर बैठे यह दोनों युवक ट्रेन हादसे का शिकार हो गए। पुलिस ने दोनों युवकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। लेकिन देर शाम तक न तो दोनों युवकों की शिनाख्त हो पाई और न ही यह पता चल पाया कि आखिर उनकी मौत कैसे हुई।
गोंडा से बलरामपुर के रास्ते बढ़नी होते हुए गोरखपुर को जाने वाले रूट पर पांडेयपुरवा पारासराय गांव पड़ता है, जहां शुक्रवार की सुबह दो अज्ञात युवकों के शव पड़े पाए गए। परासराय गांव की प्रधान कृष्णावती के पति चतुर सिंह ने इसकी सूचना इटियाथोक पुलिस को दी।
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वहीं, दो युवकों के शव रेल ट्रैक पर पड़े होने की सूचना मिलते ही तमाम ग्रामीण मौके पर जुट गए। मरने वाले दोनों युवकों में से एक के दोनों पैर और सिर का पिछला हिस्सा ट्रेन से कटा था, जबकि एक युवक का केवल एक पैर ही ट्रेन से कटा था।
पुलिस की तलाशी में मारे गए लोवर-बनियान पहने दोनों अज्ञात युवकों के पास से एक स्क्रू रिंच, घड़ी और एक हजार रुपये मिले। जबकि पास में ही एक गमछा भी पड़ा मिला। ग्रामीणों की मानें तो दोनों युवकों की हत्या करने के बाद उनके शव यहां लाकर रेल ट्रैक पर फेंक दिए गए।
वहीं, प्रभारी निरीक्षक फणींद सिंह यादव का कहना है कि देखने से दोनों युवक प्रथम दृष्टया अपराधी लग रहे हैं। यहां रेल ट्रैक तक आने की उनकी मंशा किसी योजना की तैयारी रही होगी। लेकिन जहां तक उनका मानना है कि यह दोनों लोग ट्रेन आने की आवाज नहीं सुन सके और हादसे का शिकार हो गए।
उनका कहना है कि अगर उनके साथी उनके साथ रहे होंगे तो हादसे के बाद वह उन्हें छोड़कर भाग गए होंगे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह पता चल पाएगा कि दोनों युवकों की मौत ट्रेन से कटकर हुई या फिर उनका शव हत्या करने के बाद यहां फेंका गया।
शुक्रवार की सुबह जिन दो अज्ञात युवकों के शव रेल ट्रैक पर मिले, उसे लेकर पूरा मामला हत्या और हादसे की गुत्थी में उलझ कर रह गया है। पुलिस की मानें तो अगर दोनों युवकों की हत्या कहीं और हुई होती तो उन्हें उनके हत्यारे किसी वाहन से लेकर जरूर आते, जबकि जिस जगह पर वह दोनों लोग हादसे का शिकार हुए, वहां दूर-दूर तक चार पहिया वाहन आने का कोई रास्ता ही नहीं है।
वहीं एक अपराधी जैसे प्रतीत हो रहे मरने वाले उन दो युवकों के उस गिरोह पर भी नजर है, जिसने उसे ट्रेन से कटने के लिए यहां फेंक दिया। माना जा रहा है कि गिरोह में किसी बात को लेकर दोनों युवकों का और लोगों से विवाद हुआ होगा, जिसके बाद उन्हीं लोगों ने उसकी हत्या कर उन्हें रेल ट्रैक पर ट्रेन से कटने के लिए छोड़ दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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उसका कहना है कि मरने वाले दोनों युवक देखने से चोर मालूम होते हैं, जो रेल ट्रैक पर बैठकर कोई योजना बना रहे थे। इसी दरम्यान ट्रेन आने पर उनके कुछ साथी भाग खड़े हुए, जबकि रेल ट्रैक पर बैठे यह दोनों युवक ट्रेन हादसे का शिकार हो गए। पुलिस ने दोनों युवकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। लेकिन देर शाम तक न तो दोनों युवकों की शिनाख्त हो पाई और न ही यह पता चल पाया कि आखिर उनकी मौत कैसे हुई।
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गोंडा से बलरामपुर के रास्ते बढ़नी होते हुए गोरखपुर को जाने वाले रूट पर पांडेयपुरवा पारासराय गांव पड़ता है, जहां शुक्रवार की सुबह दो अज्ञात युवकों के शव पड़े पाए गए। परासराय गांव की प्रधान कृष्णावती के पति चतुर सिंह ने इसकी सूचना इटियाथोक पुलिस को दी।
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वहीं, दो युवकों के शव रेल ट्रैक पर पड़े होने की सूचना मिलते ही तमाम ग्रामीण मौके पर जुट गए। मरने वाले दोनों युवकों में से एक के दोनों पैर और सिर का पिछला हिस्सा ट्रेन से कटा था, जबकि एक युवक का केवल एक पैर ही ट्रेन से कटा था।
पुलिस की तलाशी में मारे गए लोवर-बनियान पहने दोनों अज्ञात युवकों के पास से एक स्क्रू रिंच, घड़ी और एक हजार रुपये मिले। जबकि पास में ही एक गमछा भी पड़ा मिला। ग्रामीणों की मानें तो दोनों युवकों की हत्या करने के बाद उनके शव यहां लाकर रेल ट्रैक पर फेंक दिए गए।
वहीं, प्रभारी निरीक्षक फणींद सिंह यादव का कहना है कि देखने से दोनों युवक प्रथम दृष्टया अपराधी लग रहे हैं। यहां रेल ट्रैक तक आने की उनकी मंशा किसी योजना की तैयारी रही होगी। लेकिन जहां तक उनका मानना है कि यह दोनों लोग ट्रेन आने की आवाज नहीं सुन सके और हादसे का शिकार हो गए।
उनका कहना है कि अगर उनके साथी उनके साथ रहे होंगे तो हादसे के बाद वह उन्हें छोड़कर भाग गए होंगे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह पता चल पाएगा कि दोनों युवकों की मौत ट्रेन से कटकर हुई या फिर उनका शव हत्या करने के बाद यहां फेंका गया।
शुक्रवार की सुबह जिन दो अज्ञात युवकों के शव रेल ट्रैक पर मिले, उसे लेकर पूरा मामला हत्या और हादसे की गुत्थी में उलझ कर रह गया है। पुलिस की मानें तो अगर दोनों युवकों की हत्या कहीं और हुई होती तो उन्हें उनके हत्यारे किसी वाहन से लेकर जरूर आते, जबकि जिस जगह पर वह दोनों लोग हादसे का शिकार हुए, वहां दूर-दूर तक चार पहिया वाहन आने का कोई रास्ता ही नहीं है।
वहीं एक अपराधी जैसे प्रतीत हो रहे मरने वाले उन दो युवकों के उस गिरोह पर भी नजर है, जिसने उसे ट्रेन से कटने के लिए यहां फेंक दिया। माना जा रहा है कि गिरोह में किसी बात को लेकर दोनों युवकों का और लोगों से विवाद हुआ होगा, जिसके बाद उन्हीं लोगों ने उसकी हत्या कर उन्हें रेल ट्रैक पर ट्रेन से कटने के लिए छोड़ दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।