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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   five years imprisonment the three accused

तीन आरोपियों को पांच वर्ष की सजा

Thu, 08 Oct 2015 11:01 PM IST
बलरामपुर/अमर उजाला ब्यूरो
बलरामपुर/अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 08 Oct 2015 11:01 PM IST
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धोखाधड़ी करके करोड़ों रुपये हड़पने के आरोप में सीजेएम ने तीन लोगों को दोषी मानते हुए पांच-पांच वर्ष की कैद व 48-48 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपियों को 52-52 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
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कोतवाली उतरौला के ग्राम रुखी मझारी निवासी हफीज ने थाने पर 19 अगस्त 2012 को प्रार्थना पत्र दिया था कि उसके गांव के ही अजमतुल्ला, सौयाद अहमद व शोएब शकील ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक चिट फंड कंपनी पंजीकृत कराई थी।
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ये लोग पहले स्पीड वर्ल्ड आटो मोबाइल नाम की कंपनी में काम करने तथा कंपनी का मुख्यालय मुंबई व केरल में होना बताते थे। इन लोगों के झांसे में आकर मैं तथा अन्य कई लोग चिट फंड कंपनी के एजेंट बन गए।
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इन एजेंटों ने क्षेत्रीय जनता करोड़ों रुपये कंपनी के खाते में जमा करा दिए। कुछ दिन कारोबार के बाद कंपनी बंद कर यह लोग फरार हो गये और क्षेत्र की जनता का करोड़ों रुपये हड़प लिया। पुलिस ने हफीज के प्रार्थना पत्र पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में 3 जुलाई 2013 को प्रस्तुत किया।

उतरौला मुंसिफ न्यायालय में मुकदमे का परीक्षण शुरू हुआ। परीक्षण के दौरान अभियोजन अधिकारी सत्य प्रकाश पांडेय ने 40 सरकारी गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया।

दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद मुंसिफ उतरौला प्रदीप कुमार सिंह ने 23 सितंबर 2015 को तीनों को धोखाधड़ी का दोषी माना तथा दोषी पाए गए और उम्र कैद की सजा का प्रावधान होने के कारण पत्रावली सीजेएम बलरामपुर न्यायालय को स्थानांतरित कर दिया।


वहीं सरकारी वकील सत्य प्रकाश पांडेय ने जनता का करोड़ों रुपये हड़पने वाले तीनों आरोपियों को अधिकतम सजा देने की  अपील न्यायालय से की।

दोनों पक्षों को सुनने के बाद सीजेएम प्रमेन्द्र कुमार ने तीनों आरोपियों को पांच-पांच वर्ष की कैद व 48-48 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपियों को 52-52 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
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