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फर्जी सीबीआई अफसर धरा
अमर उजाला ब्यूरो/गोंडा
Updated Wed, 04 May 2016 11:10 PM IST
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पुलिस गिरफ्त में फर्जी सीबीआई अफसर
- फोटो : अमर उजाला
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कोटेदारों से फर्जी सीबीआई अफसर बनकर जांच के नाम पर पैसा एेंठने के मामले में बुधवार को एक युवक को विभागीय कर्मियों ने पुलिस के हवाले कर दिया। दो कोटेदारों से इससे पहले 7500 रुपये एेंठने वाले सूरज मिश्रा नाम के फर्जी सीबीआई अफसर से नगर पुलिस पूछताछ कर रही है।
बताया जाता है कि विकास खंड कटरा बाजार क्षेत्र के ग्राम बसंतपुर में उचित दर विक्रेता जगदम्मा व लक्ष्मनपुर के उचित दर विक्रेता घनश्याम के यहां एक सप्ताह पूर्व सूरज मिश्रा नाम का एक व्यक्ति अपने एक साथी के साथ सीबीआई अफसर बनकर अनाज घपले की जांच करने गया था।
जांच के दौरान फर्जी सीबीआई अफसर सूरज ने कोटेदार जगम्मा से तीन हजार 500 रुपये व कोटेदार घनश्याम से चार हजार रुपये बतौर रिश्वत ऐंठ लिए। बाकी जांच बाद में आकर करने की बात कह कर दोनों लोग चले गए। बुधवार को सुबह सूरज ने दोबार दोनों को कोटेदारों को जांच के नाम पर तलब करते हुए मिलने को कहा।
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कोटेदारों ने शक व घबराहट में क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक राजेश कुमार विश्कर्मा से जानकारी की क्या कोई सीबीआई टीम ने क्षेत्र के कोटेदारों की जांच शुरू की है। जानकारी होने पर कोटेदारों ने फर्जी सीबीआई अफसर को सबक सिखाने की गरज से उसे जांच के बाबत जानकारी व और सुविधा शुल्क देने का लालच देकर जिला पूर्ति कार्यालय बुला लिया।
कोटेदारों ने इस बात की जानकारी क्षेत्र के पूर्ति निरीक्षक के अलावा विभाग के दूसरे कर्मचारियों को दे दी। जब कथित सीबीआई अधिकारी सूरज मिश्रा कार्यालय पहुंचा तो उससे कार्यालय के अधिकारियों व कर्मचारियों ने पूंछा कि आप कहां के सीबीआई अफसर हैं।
इस पर उसने सब पर अपना खूब रौब गालिब किया। लेकिन सच्चाई सामने न आने पर पूर्ति विभाग के कर्मियों ने इसकी सूचना नगर पुलिस को दे दी। पुलिस उसे लेकर कोतवाली लेजाकर पूछताछ कर रही है। मामले में नगर कोतवाल अंगद राय ने बताया कि पकड़ा गया व्यक्ति सूरज मिश्रा इटियाथोक थाना क्षेत्र के ग्राम जगदीशपुर का निवासी है।
इससे पूछताछ की जा रही है। अभी इस मामले में किसी कोटेदार या फिर पूर्ति विभाग के किसी अधिकारी कर्मचारी की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है। वहीं इस बाबत करनैलगंज तहसील क्षेत्र के पूर्ति निरीक्षक राजेश कुमार विश्वक र्मा का कहना है कि कथित सीबीआई अफसर क ो पुलिस ने हिरासत में लिया है। इस बाबत उचित दर विक्रेताओं की ओर से तहरीर दी जाएगी।
कोतवाली में केस मैनेज करने का चला पंचायती ड्रामा
फर्जी सीबीआई अफसर ने लगता है काम करने व पकड़े जाने पर छूट जाने का प्री प्लान कर रखा था। उसके पकड़े जाने के कुछ ही देर बाद उसे बचाने वालों की टीम भी सक्रिय हो गई। कई लोग अधिकारियों को फोन पर व मिलाकर मामले को बैठने का खेल शुरू कर दिया। केस को रफा-दफा करने वालों व मीडियाकर्मियों का कोतवाली नगर में कई घंटे जमावड़ा लगा रहा। नगर पुलिस भी मामले में तेज कार्रवाई करने के बजाए पंचायत करती नजर आयी। फिलहाल पुलिस को अभी विभाग व ठगी का शिकार बने कोटेदारों से तहरीर मिलने का इंतजार है।
‘तुम्हारे सप्लाई इंस्पेक्टर भी पैर पड़ेंगे मेरे’
फर्जी सीबीआई अफसर बनकर कोटेदारों से पैसा ऐंठने वाले सूरज मिश्रा ने जब कोटेदारों को बुधवार को फोन पर दोबारा मिलने की बात कही तो कोटेदारों को कुछ शक हुआ। कोटेदारों ने पूर्ति निरीक्षक से जानकारी ली कि कोई सीबीआई जांच तो नही चल रही है। जानकारी होने पर जब कोटेदारों ने क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक से मिल कर अपने बाबत जांच करने को कहा तो उसने कोटेदारों को डपट लिया। सूरज ने कोटेदारों पर रौब झाड़ते हुए कहा कि मैं तो तुम्हारे सप्लाई इंस्पेक्टर को जानता ही हूं बुला लो वो भी अभी हमारे पैर पड़ेंगे।
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बताया जाता है कि विकास खंड कटरा बाजार क्षेत्र के ग्राम बसंतपुर में उचित दर विक्रेता जगदम्मा व लक्ष्मनपुर के उचित दर विक्रेता घनश्याम के यहां एक सप्ताह पूर्व सूरज मिश्रा नाम का एक व्यक्ति अपने एक साथी के साथ सीबीआई अफसर बनकर अनाज घपले की जांच करने गया था।
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जांच के दौरान फर्जी सीबीआई अफसर सूरज ने कोटेदार जगम्मा से तीन हजार 500 रुपये व कोटेदार घनश्याम से चार हजार रुपये बतौर रिश्वत ऐंठ लिए। बाकी जांच बाद में आकर करने की बात कह कर दोनों लोग चले गए। बुधवार को सुबह सूरज ने दोबार दोनों को कोटेदारों को जांच के नाम पर तलब करते हुए मिलने को कहा।
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कोटेदारों ने शक व घबराहट में क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक राजेश कुमार विश्कर्मा से जानकारी की क्या कोई सीबीआई टीम ने क्षेत्र के कोटेदारों की जांच शुरू की है। जानकारी होने पर कोटेदारों ने फर्जी सीबीआई अफसर को सबक सिखाने की गरज से उसे जांच के बाबत जानकारी व और सुविधा शुल्क देने का लालच देकर जिला पूर्ति कार्यालय बुला लिया।
कोटेदारों ने इस बात की जानकारी क्षेत्र के पूर्ति निरीक्षक के अलावा विभाग के दूसरे कर्मचारियों को दे दी। जब कथित सीबीआई अधिकारी सूरज मिश्रा कार्यालय पहुंचा तो उससे कार्यालय के अधिकारियों व कर्मचारियों ने पूंछा कि आप कहां के सीबीआई अफसर हैं।
इस पर उसने सब पर अपना खूब रौब गालिब किया। लेकिन सच्चाई सामने न आने पर पूर्ति विभाग के कर्मियों ने इसकी सूचना नगर पुलिस को दे दी। पुलिस उसे लेकर कोतवाली लेजाकर पूछताछ कर रही है। मामले में नगर कोतवाल अंगद राय ने बताया कि पकड़ा गया व्यक्ति सूरज मिश्रा इटियाथोक थाना क्षेत्र के ग्राम जगदीशपुर का निवासी है।
इससे पूछताछ की जा रही है। अभी इस मामले में किसी कोटेदार या फिर पूर्ति विभाग के किसी अधिकारी कर्मचारी की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है। वहीं इस बाबत करनैलगंज तहसील क्षेत्र के पूर्ति निरीक्षक राजेश कुमार विश्वक र्मा का कहना है कि कथित सीबीआई अफसर क ो पुलिस ने हिरासत में लिया है। इस बाबत उचित दर विक्रेताओं की ओर से तहरीर दी जाएगी।
कोतवाली में केस मैनेज करने का चला पंचायती ड्रामा
फर्जी सीबीआई अफसर ने लगता है काम करने व पकड़े जाने पर छूट जाने का प्री प्लान कर रखा था। उसके पकड़े जाने के कुछ ही देर बाद उसे बचाने वालों की टीम भी सक्रिय हो गई। कई लोग अधिकारियों को फोन पर व मिलाकर मामले को बैठने का खेल शुरू कर दिया। केस को रफा-दफा करने वालों व मीडियाकर्मियों का कोतवाली नगर में कई घंटे जमावड़ा लगा रहा। नगर पुलिस भी मामले में तेज कार्रवाई करने के बजाए पंचायत करती नजर आयी। फिलहाल पुलिस को अभी विभाग व ठगी का शिकार बने कोटेदारों से तहरीर मिलने का इंतजार है।
‘तुम्हारे सप्लाई इंस्पेक्टर भी पैर पड़ेंगे मेरे’
फर्जी सीबीआई अफसर बनकर कोटेदारों से पैसा ऐंठने वाले सूरज मिश्रा ने जब कोटेदारों को बुधवार को फोन पर दोबारा मिलने की बात कही तो कोटेदारों को कुछ शक हुआ। कोटेदारों ने पूर्ति निरीक्षक से जानकारी ली कि कोई सीबीआई जांच तो नही चल रही है। जानकारी होने पर जब कोटेदारों ने क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक से मिल कर अपने बाबत जांच करने को कहा तो उसने कोटेदारों को डपट लिया। सूरज ने कोटेदारों पर रौब झाड़ते हुए कहा कि मैं तो तुम्हारे सप्लाई इंस्पेक्टर को जानता ही हूं बुला लो वो भी अभी हमारे पैर पड़ेंगे।