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कॉलेज ने अपने ही 60 छात्रों को थमा दी जाली मार्कशीट
Amar ujala Bureau
Updated Mon, 13 Feb 2017 11:32 PM IST
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नवाबगंज के देवीदीन सिंह महाविद्यालय के प्रबंधन ने कालेज की छवि को चमकाने और फेल छात्रों को रोकने के लिए गजब फर्जीवाड़ा कर डाला। कॉलेज प्रबंधन ने बीएससी प्रथम वर्ष की परीक्षा में फेल हो चुके 60 विद्यार्थियों को पास होने की नकली मार्कशीट बनाकर थमा दिया।
मार्कशीट अवध विश्वविद्यालय की असली मार्कशीट की तरह होने के कारण छात्र भी धोखा खा गए। शक होने पर जब एक छात्रा ने विश्वविद्यालय जाकर इसकी सत्यता की पड़ताल कराई तो इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
कॉलेज में शिकायत करने पर छात्रा से अभद्रता कर उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। छात्रा ने इसकी शिकायत अवध विवि के कुलपति समेत जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक से करते हुए कॉलेज के प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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बस्ती जिले के छावनी थाना क्षेत्र के चंद्रवलिया गांव की रहने वाली बीना देवी के मुताबिक उसने शैक्षिक सत्र 2015-16 में नवाबगंज थाना क्षेत्र के कटरा शिवदयालगंज स्थित देवीदीन सिंह महाविद्यालय में बीएससी प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया था।
फरवरी 2016 में आयोजित परीक्षा में वह फेल हो गई थी। इस कारण नए सत्र में उसने अपना नाम जिले के वजीरगंज थाना क्षेत्र के भगीरथी सिंह स्मारक महाविद्यालय में बीएससी प्रथम वर्ष में ही करा लिया।
बीना का कहना है कि प्रवेश लेने के बाद अगस्त 2016 में देवीदीन महाविद्यालय के लिपिक चंदन सिंह उर्फ संदीप सिंह ने उसके मोबाइल पर फोन कर उसे पास होने की जानकारी दी और बीएससी द्वितीय वर्ष मे प्रवेश लेने के लिए कहा।
इस पर भरोसा करके भागीरथी कॉलेज को छोड़ कर उसने फिर से देवीदीन सिंह महाविद्यालय में बीएससी द्वितीय वर्ष में प्रवेश ले लिया। कुछ दिन बाद उसे मार्कशीट के फर्जी होने का शक हुआ तो उसने अवध विश्वविद्यालय जाकर मार्कशीट की जांच कराने का फैसला किया।
बीना ने बताया कि जब उसने विवि में मार्कशीट की जांच कराई तो पता चला कि वह फेल है और उसे जो मार्कशीट दी गई है वह जाली है। इस जानकारी के बाद वह फिर से महाविद्यालय पहुंची और मार्कशीट नकली होने की जानकारी देते हुए लिपिक से परीक्षा की क्रॉसलिस्ट दिखाने की मांग की।
बीना का आरोप है कि अपनी पोल खुलती देख लिपिक ने पहले तो उसे चुप रहने की नसीहत दी लेकिन जब वह नहीं मानी तो लिपिक ने उससे अभद्रता करते हुए उसे जान से मारने की धमकी देते हुुए कॉलेज से भगा दिया।
बीना का आरोप है कि उसके अलावा बीएससी प्रथम वर्ष में कुुल 72 छात्र थे और सबके सब फेल हो गए थे लेकिन महाविद्यालय ने छात्रा मधु गुप्ता, पूजा सिंह, धनोसरी मिश्रा, वली मोहम्मद समेत करीब 60 छात्रों को पास वाली फर्जी मार्कशीट देकर अपने यहां बीएससी द्वितीय वर्ष में दाखिला दे दिया।
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मार्कशीट अवध विश्वविद्यालय की असली मार्कशीट की तरह होने के कारण छात्र भी धोखा खा गए। शक होने पर जब एक छात्रा ने विश्वविद्यालय जाकर इसकी सत्यता की पड़ताल कराई तो इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
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कॉलेज में शिकायत करने पर छात्रा से अभद्रता कर उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। छात्रा ने इसकी शिकायत अवध विवि के कुलपति समेत जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक से करते हुए कॉलेज के प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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बस्ती जिले के छावनी थाना क्षेत्र के चंद्रवलिया गांव की रहने वाली बीना देवी के मुताबिक उसने शैक्षिक सत्र 2015-16 में नवाबगंज थाना क्षेत्र के कटरा शिवदयालगंज स्थित देवीदीन सिंह महाविद्यालय में बीएससी प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया था।
फरवरी 2016 में आयोजित परीक्षा में वह फेल हो गई थी। इस कारण नए सत्र में उसने अपना नाम जिले के वजीरगंज थाना क्षेत्र के भगीरथी सिंह स्मारक महाविद्यालय में बीएससी प्रथम वर्ष में ही करा लिया।
बीना का कहना है कि प्रवेश लेने के बाद अगस्त 2016 में देवीदीन महाविद्यालय के लिपिक चंदन सिंह उर्फ संदीप सिंह ने उसके मोबाइल पर फोन कर उसे पास होने की जानकारी दी और बीएससी द्वितीय वर्ष मे प्रवेश लेने के लिए कहा।
इस पर भरोसा करके भागीरथी कॉलेज को छोड़ कर उसने फिर से देवीदीन सिंह महाविद्यालय में बीएससी द्वितीय वर्ष में प्रवेश ले लिया। कुछ दिन बाद उसे मार्कशीट के फर्जी होने का शक हुआ तो उसने अवध विश्वविद्यालय जाकर मार्कशीट की जांच कराने का फैसला किया।
बीना ने बताया कि जब उसने विवि में मार्कशीट की जांच कराई तो पता चला कि वह फेल है और उसे जो मार्कशीट दी गई है वह जाली है। इस जानकारी के बाद वह फिर से महाविद्यालय पहुंची और मार्कशीट नकली होने की जानकारी देते हुए लिपिक से परीक्षा की क्रॉसलिस्ट दिखाने की मांग की।
बीना का आरोप है कि अपनी पोल खुलती देख लिपिक ने पहले तो उसे चुप रहने की नसीहत दी लेकिन जब वह नहीं मानी तो लिपिक ने उससे अभद्रता करते हुए उसे जान से मारने की धमकी देते हुुए कॉलेज से भगा दिया।
बीना का आरोप है कि उसके अलावा बीएससी प्रथम वर्ष में कुुल 72 छात्र थे और सबके सब फेल हो गए थे लेकिन महाविद्यालय ने छात्रा मधु गुप्ता, पूजा सिंह, धनोसरी मिश्रा, वली मोहम्मद समेत करीब 60 छात्रों को पास वाली फर्जी मार्कशीट देकर अपने यहां बीएससी द्वितीय वर्ष में दाखिला दे दिया।