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रुपईडीह मे खसरे से दो बच्चों की मौत, 10 बीमार
Updated Mon, 26 Feb 2018 11:32 PM IST
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खसरे से दो बच्चों की मौत, 10 बीमार
रुपईडीह (गोंडा)। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रुपईडीह अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत पुरैनिया के मजरे पासीपुरवा में खसरे से दो बच्चों की मौत हो गई। जबकि गांव में 10 बच्चे खसरे से बीमार बताए जा रहे हैं।
मौत की सूचना मिलने के बाद पीएचसी रुपईडीह से डाक्टरों की टीम गांव पहुंची और बीमार बच्चों का उपचार किया। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आशुतोष शुक्ला ने बताया कि गांव में टीम भेजी गई है, जो बच्चों का इलाज कर रही है।
बदलते मौसम के साथ ही बीमारियों की आमद भी बढ़ने लगी है। अभी कुछ दिनों पहले जहां इटियाथोक में दो बच्चों की तेज बुखार और खसरे से मौत हो गई थी। तो वहीं एक बच्चे की जान बेलसर में गई।
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वहीं अब बदलते मौसम के साथ संक्रामक बीमारी का कहर रुपईडीह ब्लाक की ग्राम पंचायत पासीपुरवा में टूटा है। जहां पिछले पखवारे भर से लोग खसरे के साथ तेज बुखार की बीमारी से परेशान हैं।
रविवार को गांव में इसी बीमारी से पीड़ित संतोष कुमार के पुत्र महकू (2) की जहां जिला अस्पताल में रात को इलाज के दौरान मौत हो गई तो वहीं गांव में रहने वाली बजरंगी पासवान की एक साल की बेटी हिमांशी ने सोमवार सुबह दम तोड़ दिया।
जबकि गांव में खसरे, तेज बुखार से दिवाकर (6), अनूप (6 माह), धर्मेंद्र (18), अभिषेक (8), रामसेवक (7), मोहिनी (12), शिवा (8), प्रेमनाथ (6), छोटू (5) व दुर्गेश (11) बीमार चल रहे हैं।
वहीं इस बारे में जब प्रभारी चिकित्साधिकारी डा.आशुतोष शुक्ला से बात की गई तो उनका कहना था कि सोमवार की सुबह गांव में बीमारी फैलने की सूचना उन्हें मिली थी। जिसके तत्काल बाद डाक्टरों की एक टीम गांव के लिए रवाना कर दी गई है। जो मौके पर बीमार बच्चों का इलाज भी कर रही है।
सूचना के बाद भी खामोश स्वास्थ्य विभाग
गांव के प्रधान प्रतिनिधि राम कुमार पासवान का कहना है कि उन्होंने गांव में फैली बीमारी की लिखित सूचना पहले ही स्वास्थ्य विभाग को दी थी। लेकिन कोई भी स्वास्थ्य विभाग का कोई व्यक्ति गांव में झांकने तक नहीं आया।
जबकि गांव में किसी भी प्रकार की संक्रामक बीमारी फैलने पर इसकी सूचना तत्काल स्थानीय सीएचसी व मुख्यालय स्थित संक्रामक रोग नियंत्रण कक्ष को दिए जाने के निर्देश सीएमओ ने पहले से ही स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के दे रखे हैं। लेकिन इसके बाद भी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की लापरवाही आम जन पर भारी पड़ रही है।
खरगूपुर से बीमारियों की सूचना समय से नहीं मिल रही। यही कारण है कि बीमारी के खिलाफ नियंत्रण की जो कार्रवाई पहले हो जानी चाहिए थी, उसमें देरी हो रही है। इसके लिए वहां के अधीक्षक को ऐसे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को चिन्हित करने के लिए कहा गया है, जो इसमें देरी करते हैं। फिलहाल पासीपुरवा गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंच चुकी है और बीमार बच्चों का इलाज कर रही है।
-डा. संतोष कुमार श्रीवास्तव, सीएमओ
रुपईडीह (गोंडा)। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रुपईडीह अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत पुरैनिया के मजरे पासीपुरवा में खसरे से दो बच्चों की मौत हो गई। जबकि गांव में 10 बच्चे खसरे से बीमार बताए जा रहे हैं।
मौत की सूचना मिलने के बाद पीएचसी रुपईडीह से डाक्टरों की टीम गांव पहुंची और बीमार बच्चों का उपचार किया। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आशुतोष शुक्ला ने बताया कि गांव में टीम भेजी गई है, जो बच्चों का इलाज कर रही है।
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बदलते मौसम के साथ ही बीमारियों की आमद भी बढ़ने लगी है। अभी कुछ दिनों पहले जहां इटियाथोक में दो बच्चों की तेज बुखार और खसरे से मौत हो गई थी। तो वहीं एक बच्चे की जान बेलसर में गई।
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वहीं अब बदलते मौसम के साथ संक्रामक बीमारी का कहर रुपईडीह ब्लाक की ग्राम पंचायत पासीपुरवा में टूटा है। जहां पिछले पखवारे भर से लोग खसरे के साथ तेज बुखार की बीमारी से परेशान हैं।
रविवार को गांव में इसी बीमारी से पीड़ित संतोष कुमार के पुत्र महकू (2) की जहां जिला अस्पताल में रात को इलाज के दौरान मौत हो गई तो वहीं गांव में रहने वाली बजरंगी पासवान की एक साल की बेटी हिमांशी ने सोमवार सुबह दम तोड़ दिया।
जबकि गांव में खसरे, तेज बुखार से दिवाकर (6), अनूप (6 माह), धर्मेंद्र (18), अभिषेक (8), रामसेवक (7), मोहिनी (12), शिवा (8), प्रेमनाथ (6), छोटू (5) व दुर्गेश (11) बीमार चल रहे हैं।
वहीं इस बारे में जब प्रभारी चिकित्साधिकारी डा.आशुतोष शुक्ला से बात की गई तो उनका कहना था कि सोमवार की सुबह गांव में बीमारी फैलने की सूचना उन्हें मिली थी। जिसके तत्काल बाद डाक्टरों की एक टीम गांव के लिए रवाना कर दी गई है। जो मौके पर बीमार बच्चों का इलाज भी कर रही है।
सूचना के बाद भी खामोश स्वास्थ्य विभाग
गांव के प्रधान प्रतिनिधि राम कुमार पासवान का कहना है कि उन्होंने गांव में फैली बीमारी की लिखित सूचना पहले ही स्वास्थ्य विभाग को दी थी। लेकिन कोई भी स्वास्थ्य विभाग का कोई व्यक्ति गांव में झांकने तक नहीं आया।
जबकि गांव में किसी भी प्रकार की संक्रामक बीमारी फैलने पर इसकी सूचना तत्काल स्थानीय सीएचसी व मुख्यालय स्थित संक्रामक रोग नियंत्रण कक्ष को दिए जाने के निर्देश सीएमओ ने पहले से ही स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के दे रखे हैं। लेकिन इसके बाद भी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की लापरवाही आम जन पर भारी पड़ रही है।
खरगूपुर से बीमारियों की सूचना समय से नहीं मिल रही। यही कारण है कि बीमारी के खिलाफ नियंत्रण की जो कार्रवाई पहले हो जानी चाहिए थी, उसमें देरी हो रही है। इसके लिए वहां के अधीक्षक को ऐसे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को चिन्हित करने के लिए कहा गया है, जो इसमें देरी करते हैं। फिलहाल पासीपुरवा गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंच चुकी है और बीमार बच्चों का इलाज कर रही है।
-डा. संतोष कुमार श्रीवास्तव, सीएमओ