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नियमों को ताक पर रखकर की गई 29 शिक्षकों की नियुक्ति

Tue, 17 Apr 2018 11:48 PM IST
Updated Tue, 17 Apr 2018 11:48 PM IST
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नियमों को ताक पर रखकर की गई 29 शिक्षकों की नियुक्ति

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नियमों को दरकिनार कर की गई थी 29 शिक्षकों की नियुक्ति

गोंडा। जिले के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में एक साल पहले तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक की मिली भगत से विद्यालयों में स्थानांतरण, सेवानिवृत्ति या अध्यापक की आकस्मिक मृत्यु की दशा में रिक्त हुए पदों पर विद्यालय की प्रबंध समितियों ने नियमों को ताक पर रखकर 42 शिक्षकों को नियुक्ति दे दी थी।

जिला विद्यालय निरीक्षक ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर अनियमित ढंग से इन शिक्षकों को वेतन भुगतान किए जाने का आदेश पारित कर दिया। इस मामले की शिकायत माध्यमिक शिक्षक संघ के मंडलीय मंत्री विनय कुमार शुक्ल ने देवी पाटन मंडल के आयुक्त से करते हुए पूरे मामले की जांच कराए जाने की मांग की थी।
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इस पर कमिश्नर ने अपर आयुक्त प्रशासन की अध्यक्षता में अपर निदेशक कोषागार एंव पेंशन व संयुक्त शिक्षा निदेशक समेत तीन सदस्यीय समिति का गठन कर प्रकरण की जांच के आदेश दिए थे। देवी पाटन मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक की जांच में 29 शिक्षकों की नियुक्ति अवैध पाई गई है।
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जांच के दौरान यह पाया गया कि विद्यालय प्रबंध समितियों ने मनमाने ढंग से शिक्षकों को तैनाती दी। इस तैनाती में तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक राम खेलावन वर्मा की मिलीभगत भी सामने आई है।

संयुक्त शिक्षा निदेशक की जांच रिपोर्ट के मुताबिक जिला विद्यालय निरीक्षक ने मनमाने ढंग से अधिकारिता विहीन व नियमित रूप से शिक्षकों के वेतन भुगतान का आदेश पारित कर दिया जिसे सरकारी राजस्व का नुकसान हुआ। संयुक्त शिक्षा निदेशक ने अपनी जांच रिपोर्ट कमिश्रर देवी पाटन मंडल को सौंप दी है।

माध्यमिक विद्यालयो में तैनाती पाने वाले जिन शिक्षकों की नियुक्ति अवैध मिली है उनमें अल्पकालिक रूप से नियुक्त रागिनी त्रिपाठी, दीपक कुमार, सौरभ पांडेय, राकेश कुमार, संतोष कुमार सिंह, ज्ञान प्रकाश सिंह, अंकित कुमार पाठक, रमेश कुमार, श्रवण कुमार गुप्ता, दीपक सिंह भदौरिया, कौशलेंद्र प्रताप सिंह, तनुजा सिंह, योगेंद्र प्रताप शुक्ल व संदीप सिंह शामिल हैं।

इसी तरह से मौलिक नियुक्ति पाने वाले उपेंद्र प्रताप सिंह,अंशुमान सिंह,तरुण कुमार सिंह,कालिंदी पांडेय,रविप्रकाश सिंह,सोमनाथ पांडेय,अमरेश कुमार मिश्र,संजय सिंह,समर बहादुर सिंह,विजय प्रताप सिंह,गुरुप्रसाद,अमरेंद्र सिंह,दिग्विजय सिंह,अमित कुमार द्विवेदी व संदीप सिंह की नियुक्ति अवैध मिली है।

करीब एक वर्ष पहले तैनाती पाने इन शिक्षकों को शिकायत होने से पहले वेतन के रूप में करीब 70 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। शिकायत होने के बाद इनके वेतन भुगतान पर रोक लगा दी गई थी। अब नियुक्ति अवैध मिलने के बाद भुगतान की गई धनराशि की रिकवरी की जा सकती है। साथ ही इन शिक्षकों पर बर्खास्तगी की तलवार भी लटक गई है।

कमिश्नर के आदेश पर की गई शिक्षकों की नियुक्ति की जांच में 29 शिक्षकों की नियुक्ति अवैध मिली है। इस नियुक्ति में तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक राम ख्ेालावन वर्मा भी दोषी पाए गए हैं। पूरी जांच रिपोर्ट अपर आयुक्त प्रशासन को सौंप दी गई है।
-ओम प्रकाश द्विवेदी, संयुक्त शिक्षा निदेशक
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