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दो दुराचारियों को आजीवन कारावास की सजा
Updated Fri, 02 Nov 2018 12:50 AM IST
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गोंडा। किशोरी के साथ दुष्कर्म करने के दो अभियुक्तों को द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट जितेंद्र कुमार पांडेय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
विशेष लोक अभियोजक एससी-एसटी एक्ट कृष्ण प्रताप सिंह के मुताबिक खोड़ारे थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 16 वर्षीया दलित किशोरी के भाई ने थाना क्षेत्र के नरहरपुर के रहने वाले अनिल कुमार चाईं व मोहम्मद रफीक के खिलाफ 25 अप्रैल 2008 को उसकी बहन को भगाकर उसके साथ दुष्कर्म करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
जिसमें कहा गया कि 18 अप्रैल 2008 को अनिल कुमार चाईं उसकी बहन को बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। जिसकी एफआईआर 25 अप्रैल 2008 को दर्ज होने के बाद पुलिस ने 29 सितंबर 2008 को अभियुक्त को गिरफ्तार कर किशोरी को पकड़ लिया। उसका चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। इसके बाद दुष्कर्म के मामले में अनिल कुमार चाईं के साथ ही मोहम्म्द रफीक को आरोपित किया।
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अदालत में विशेष लोक अभियोजक ने गवाहों का बयान कराया। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससी एसटी-एक्ट ने गवाहों के बयान सुनने और पत्रावली का अवलोकन कर अभियुक्त अनिल कुमार चाईं व मोहम्मद रफीक को दुष्कर्म व एससी-एसटी एक्ट के तहत दोष सिद्ध करते हुए आजीवन कारावास की सजा की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। आरोपियों को अर्थदंड की धनराशि जमा न करने की दशा में एक-एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी।
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विशेष लोक अभियोजक एससी-एसटी एक्ट कृष्ण प्रताप सिंह के मुताबिक खोड़ारे थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 16 वर्षीया दलित किशोरी के भाई ने थाना क्षेत्र के नरहरपुर के रहने वाले अनिल कुमार चाईं व मोहम्मद रफीक के खिलाफ 25 अप्रैल 2008 को उसकी बहन को भगाकर उसके साथ दुष्कर्म करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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जिसमें कहा गया कि 18 अप्रैल 2008 को अनिल कुमार चाईं उसकी बहन को बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। जिसकी एफआईआर 25 अप्रैल 2008 को दर्ज होने के बाद पुलिस ने 29 सितंबर 2008 को अभियुक्त को गिरफ्तार कर किशोरी को पकड़ लिया। उसका चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। इसके बाद दुष्कर्म के मामले में अनिल कुमार चाईं के साथ ही मोहम्म्द रफीक को आरोपित किया।
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अदालत में विशेष लोक अभियोजक ने गवाहों का बयान कराया। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससी एसटी-एक्ट ने गवाहों के बयान सुनने और पत्रावली का अवलोकन कर अभियुक्त अनिल कुमार चाईं व मोहम्मद रफीक को दुष्कर्म व एससी-एसटी एक्ट के तहत दोष सिद्ध करते हुए आजीवन कारावास की सजा की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। आरोपियों को अर्थदंड की धनराशि जमा न करने की दशा में एक-एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी।