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संशोधित फाइल
Updated Wed, 08 Nov 2017 11:34 PM IST
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पुलिस ने ग्रामीणों को दौड़ाकर पीटा
तरबगंज/गोंडा। तरबगंज में चकमार्ग पर अवैध खनन के विरोध में उतरे ग्रामीणों की बुधवार को खनन माफिया से झड़प हो गई। ग्रामीणों के विरोध पर खनन माफिया ने पुलिस को बुला लिया। जिसके बाद मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने ग्रामीणों को दौड़ा दौड़ाकर पीटा।
पुलिस के हमले में कई ग्रामीण घायल हो गए हैं। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत एसपी के अलावा आईजी व डीजीपी से कर जांच कराने की मांग की है।
तरबगंज तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत करनीपुर के पास बालू ठेकेदार मेघनाथ को ठेका मिला है। गांव के सहदेव सिंह, जोरावर सिंह, ज्ञान प्रकाश, सीतापति आदि का आरोप है कि ठेकेदार ने गांव के पास मिले पट्टे की जमीन पर प्रतिबन्धित मशीन पुकलैण्ड से बालू खनन करने के साथ करनीपुर-भिखारीपुर के चकमार्ग पर भी खनन कर डाला।
इसका जब गांव के लोगों ने विरोध शुरू किया तो ठेकेदार ने इलाकाई पुलिस को बुला लिया। सूचना पाकर दरोगा इन्द्रजीत यादव, कांस्टेबिल राम स्वरूप, अजय शुक्ला व अन्य पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचेे। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने ग्रामीणों को ही दबाना शुरू कर दिया।
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ग्रामीण जब नहीं माने और कार्रवाई की मांग पर अड़े तो उनकी पिटाई शुरू कर दी है। इस पर ग्रामीणों ने विरोध किया और दोनों में नोकझोंक व झड़प हुई। यही नहीं घटना की सूचना पाकर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने भी सिर्फ लीपापोती की और वहां से चले गए।
ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन पर ठेकेदार से मिलीभगत करने का आरोप लगाया है। यही नहीं ग्राम वासियों ने पूरे प्रकरण के बाबत जांच कर कार्रवाई के लिए एसपी व डीजीपी से शिकायत की है, जबकि इस मामले में एसओ तरबगंज मनीष जाटव ने पुलिस की ओर से ग्रामीणों को पीटे जाने की घटना से इनकार किया है।
उन्होंने कहा कि इस बारे में उन्हें ग्रामीणों की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है, जबकि सीओ ब्रम्हा सिंह ने घटना की जानकारी से इनकार किया है।
ग्रामीणों के खिलाफ ही पुलिस ने दर्ज कर लिया मामला
तरबगंज। बालू खनन मामले में खनन कर रहे लोगों ने बचाव का रास्ता तलाश लिया है। उनकी ओर से भी ग्रामीणों के खिलाफ थाने में तहरीर दी गई। पुलिस ने भी तेजी दिखाते हुए ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज करने में देर नहीं लगायी, जबकि ग्रामीणों की तहरीर पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
नवाबगंज थाने के हरबंशपुर के मजरे रमई पुरवा निवासी कुंदन ने स्थानीय थाने पर करनीपुर गांव के चार लोगों के विरुद्ध मारपीट कर रुपये छीनने अनुसूचित जाति अधिनियम समेत कई धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराया है।
थानाध्यक्ष मनीष ने बताया कि कुंदन ने दी गई तहरीर में आरोप लगाया था कि वह बुधवार को सुबह 8 बजे ट्रैक्टर ट्राली लेकर बालू भरने आया था। उसी समय करनीपुर गांव के लोगों ने बालू खनन का विरोध करते हुए उसे दौड़ा लिया।
चार लोगों ज्ञान प्रकाश मिश्रा, गोवर्धन दुबे, विपिन शुक्ला तथा जोरावल ने ट्रैक्टर को तोड़-फोड दिया और उसे मारा पीटा। इसके अलावा जेब में रखे 19 हजार 420 रुपये छीन लिए। आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है ।
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तरबगंज/गोंडा। तरबगंज में चकमार्ग पर अवैध खनन के विरोध में उतरे ग्रामीणों की बुधवार को खनन माफिया से झड़प हो गई। ग्रामीणों के विरोध पर खनन माफिया ने पुलिस को बुला लिया। जिसके बाद मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने ग्रामीणों को दौड़ा दौड़ाकर पीटा।
पुलिस के हमले में कई ग्रामीण घायल हो गए हैं। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत एसपी के अलावा आईजी व डीजीपी से कर जांच कराने की मांग की है।
तरबगंज तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत करनीपुर के पास बालू ठेकेदार मेघनाथ को ठेका मिला है। गांव के सहदेव सिंह, जोरावर सिंह, ज्ञान प्रकाश, सीतापति आदि का आरोप है कि ठेकेदार ने गांव के पास मिले पट्टे की जमीन पर प्रतिबन्धित मशीन पुकलैण्ड से बालू खनन करने के साथ करनीपुर-भिखारीपुर के चकमार्ग पर भी खनन कर डाला।
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इसका जब गांव के लोगों ने विरोध शुरू किया तो ठेकेदार ने इलाकाई पुलिस को बुला लिया। सूचना पाकर दरोगा इन्द्रजीत यादव, कांस्टेबिल राम स्वरूप, अजय शुक्ला व अन्य पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचेे। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने ग्रामीणों को ही दबाना शुरू कर दिया।
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ग्रामीण जब नहीं माने और कार्रवाई की मांग पर अड़े तो उनकी पिटाई शुरू कर दी है। इस पर ग्रामीणों ने विरोध किया और दोनों में नोकझोंक व झड़प हुई। यही नहीं घटना की सूचना पाकर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने भी सिर्फ लीपापोती की और वहां से चले गए।
ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन पर ठेकेदार से मिलीभगत करने का आरोप लगाया है। यही नहीं ग्राम वासियों ने पूरे प्रकरण के बाबत जांच कर कार्रवाई के लिए एसपी व डीजीपी से शिकायत की है, जबकि इस मामले में एसओ तरबगंज मनीष जाटव ने पुलिस की ओर से ग्रामीणों को पीटे जाने की घटना से इनकार किया है।
उन्होंने कहा कि इस बारे में उन्हें ग्रामीणों की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है, जबकि सीओ ब्रम्हा सिंह ने घटना की जानकारी से इनकार किया है।
ग्रामीणों के खिलाफ ही पुलिस ने दर्ज कर लिया मामला
तरबगंज। बालू खनन मामले में खनन कर रहे लोगों ने बचाव का रास्ता तलाश लिया है। उनकी ओर से भी ग्रामीणों के खिलाफ थाने में तहरीर दी गई। पुलिस ने भी तेजी दिखाते हुए ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज करने में देर नहीं लगायी, जबकि ग्रामीणों की तहरीर पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
नवाबगंज थाने के हरबंशपुर के मजरे रमई पुरवा निवासी कुंदन ने स्थानीय थाने पर करनीपुर गांव के चार लोगों के विरुद्ध मारपीट कर रुपये छीनने अनुसूचित जाति अधिनियम समेत कई धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराया है।
थानाध्यक्ष मनीष ने बताया कि कुंदन ने दी गई तहरीर में आरोप लगाया था कि वह बुधवार को सुबह 8 बजे ट्रैक्टर ट्राली लेकर बालू भरने आया था। उसी समय करनीपुर गांव के लोगों ने बालू खनन का विरोध करते हुए उसे दौड़ा लिया।
चार लोगों ज्ञान प्रकाश मिश्रा, गोवर्धन दुबे, विपिन शुक्ला तथा जोरावल ने ट्रैक्टर को तोड़-फोड दिया और उसे मारा पीटा। इसके अलावा जेब में रखे 19 हजार 420 रुपये छीन लिए। आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है ।