{"_id":"5e3af11c8ebc3ee5b656260b","slug":"court-security-will-be-impregnable-no-entry-without-pass-gonda-news-lko5068618170","type":"story","status":"publish","title_hn":"अभेद्य होगी कोर्ट की सुरक्षा, बिना पास प्रवेश नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अभेद्य होगी कोर्ट की सुरक्षा, बिना पास प्रवेश नहीं
विज्ञापन
गोंडा में सुरक्षा को देखते हुए दीवानी कचहरी के गेट-2 पर तैनात पुलिस कर्मी।
- फोटो : GONDA
गोंडा। अब न्यायालय परिसर में बेरोक टोक आना जाना वादकारियों व अधिवक्ताओं के लिए आसान नहीं होगा। हाल में हुई घटनाओं को देखते हुए उच्च न्यायालय ने जनपद न्यायालयों की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने का निर्देश जारी किया है। उच्च न्यायालय की तर्ज पर जनपद एवं सत्र न्यायालय की प्रवेश प्रक्रिया को हाईटेक किया जा रहा है। न्यायालय में प्रवेश करने वाले अधिवक्ताओं के लिए परिचय पत्र व वादकारियों के लिए संबंधित अधिवक्ता के निर्देश पर पास जारी किया जाएगा। अधिवक्ताओं के वाहनों के पास भी न्यायालय से जारी होंगे जिससे अवैध वाहनों के प्रवेश को रोका जा सकेगा। अधिवक्ताओं के मुंशी व कोर्टकर्मी के सहायक कर्मचारियों के लिए भी पास जारी किया जाएगा। इसके अलावा न्यायालय के सभी प्रवेशद्वार पर मेटल डिटेक्टर मशीन लगाई जाएगी व पूरे न्यायालय परिसर तथा कोर्टरूम के द्वार पर सीसीटीवी (क्लोज टीवी सर्किट) लगाए जाएंगे। परिसर में प्रवेश करने वाले सभी अधिवक्ता व वादकारियों को मशीन से जांच करके ही प्रवेश दिया जाएगा।
गेट पास बनवाने के लिए करनी होगी ये प्रक्रिया
न्यायालय परिसर में प्रवेश करने के लिए उच्च न्यायालय के तर्ज पर पास जारी किये जायेंगे। वादकारियों को पास बनवाने के लिए काउंटर पर अपना आधार कार्ड, मुकदमा संख्या व अपने अधिवक्ता का नाम दर्ज करवाना पड़ेगा। जिससे उनको एक दिन वैधता वाला पास जारी किया जाएगा।
12 तारीख से बनेगा परिचय-पत्र
अधिवक्ताओं के परिचय जारी करने के लिए उनके प्रमाण पत्र जमा करा लिये गये है। 12 फरवरी से जिला जज के अदालत के सामने काउंटर बनाया जाएगा। 100 रुपये का शुल्क जमा करवाकर व सामने फोटो खींचकर परिचय पत्र बना दिया जाएगा। 15 फरवरी से किसी भी अधिवक्ता व वादकारी को न्यायालय में बिना परिचय पत्र व पास के प्रवेश नहीं दिया जाएगा। दोनों गेट पर पीएससी के प्रर्याप्त सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे।
विज्ञापन
15 से लागू होगी व्यवस्था
उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देश पर जनपद एवं सत्र न्यायालय में भी प्रवेश हाईकोर्ट के तर्ज बॉयोमीट्रिक जांच के बाद ही दिया जाएगा। सभी प्रकार की व्यवस्था पूरी हो चुकी है। 10 फरवरी को समीक्षा बैठक के बाद 15 फरवरी से व्यवस्था लागू की जाएगी। -रवि कुमार सिंह, प्रशासनिक अधिकारी जनपद एवं सत्र न्यायालय
बनेगी हेल्प डेस्क
परिचय पत्र बनाये जाने की व्यवस्था में सभी अधिवक्ताओं ने सहयोग किया है। वादकारियों को पास बनवाने में कोई दिक्कत न हो इसके लिए सिविल बार एसोसिएशन द्वारा कुछ दिनों तक हेल्प डेस्क बनाया जाएगा। -विवेकमणि श्रीवास्तव, अध्यक्ष सिविल बार एसोसिएशन
न्यायालय परिसर में प्रवेश उच्च न्यायालय की तर्ज पर बायोमीट्रिक जांच के बाद दिया जाएगा। किसी भी वीआईपी का सुरक्षा गार्ड भी न्यायालय परिसर में प्रवेश नहीं करेगा। जिला बार एसोसिएशन गेट नंबर चार को खोले जाने, बार काउंसिल द्वारा जारी परिचय-पत्र को ही प्रवेश के लिये मान्य करने की मांग करेगा। -रविचंद्र त्रिपाठी, अध्यक्ष जिला बार एसोसिएशन
विज्ञापन
गेट पास बनवाने के लिए करनी होगी ये प्रक्रिया
न्यायालय परिसर में प्रवेश करने के लिए उच्च न्यायालय के तर्ज पर पास जारी किये जायेंगे। वादकारियों को पास बनवाने के लिए काउंटर पर अपना आधार कार्ड, मुकदमा संख्या व अपने अधिवक्ता का नाम दर्ज करवाना पड़ेगा। जिससे उनको एक दिन वैधता वाला पास जारी किया जाएगा।
विज्ञापन
12 तारीख से बनेगा परिचय-पत्र
अधिवक्ताओं के परिचय जारी करने के लिए उनके प्रमाण पत्र जमा करा लिये गये है। 12 फरवरी से जिला जज के अदालत के सामने काउंटर बनाया जाएगा। 100 रुपये का शुल्क जमा करवाकर व सामने फोटो खींचकर परिचय पत्र बना दिया जाएगा। 15 फरवरी से किसी भी अधिवक्ता व वादकारी को न्यायालय में बिना परिचय पत्र व पास के प्रवेश नहीं दिया जाएगा। दोनों गेट पर पीएससी के प्रर्याप्त सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे।
विज्ञापन
15 से लागू होगी व्यवस्था
उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देश पर जनपद एवं सत्र न्यायालय में भी प्रवेश हाईकोर्ट के तर्ज बॉयोमीट्रिक जांच के बाद ही दिया जाएगा। सभी प्रकार की व्यवस्था पूरी हो चुकी है। 10 फरवरी को समीक्षा बैठक के बाद 15 फरवरी से व्यवस्था लागू की जाएगी। -रवि कुमार सिंह, प्रशासनिक अधिकारी जनपद एवं सत्र न्यायालय
बनेगी हेल्प डेस्क
परिचय पत्र बनाये जाने की व्यवस्था में सभी अधिवक्ताओं ने सहयोग किया है। वादकारियों को पास बनवाने में कोई दिक्कत न हो इसके लिए सिविल बार एसोसिएशन द्वारा कुछ दिनों तक हेल्प डेस्क बनाया जाएगा। -विवेकमणि श्रीवास्तव, अध्यक्ष सिविल बार एसोसिएशन
न्यायालय परिसर में प्रवेश उच्च न्यायालय की तर्ज पर बायोमीट्रिक जांच के बाद दिया जाएगा। किसी भी वीआईपी का सुरक्षा गार्ड भी न्यायालय परिसर में प्रवेश नहीं करेगा। जिला बार एसोसिएशन गेट नंबर चार को खोले जाने, बार काउंसिल द्वारा जारी परिचय-पत्र को ही प्रवेश के लिये मान्य करने की मांग करेगा। -रविचंद्र त्रिपाठी, अध्यक्ष जिला बार एसोसिएशन