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इलाज और देखभाल के अभाव में कोरोना संक्रमित की मौत
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गोंडा। कोरोना वायरस के संक्रमण के बाद होम आइसोलेशन आपको मंहगा पड़ सकता है। यहां तक कि आपको अपनी जान भी गंवानी पड़ सकती है। शनिवार की देर शाम इटियाथोक में कुछ ऐसा ही देखने को मिला है। यहां एक उचित इलाज और देखभाल के अभाव में एक व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। प्रशासनिक अफसरों की निगरानी में कोविड प्रोटोकाल के तहत उसका अंतिम संस्कार कराया गया है। वहीं शनिवार को ही जिले के नामी वकील की भी मौत कोरोना के चलते हो गई। इस चर्चा है कि चार दिन पहले उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।
संक्रमित होने के बाद स्टेशन रोड पर बने आवास में उसे होम आइसोलेट कर दिया गया था। शनिवार की देर शाम अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। जब तक गांव से घर वाले पहुंचते आसपास के लोगों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सूचना दी। बाद में पहुंचे परिजन उन्हें लेकर गोंडा के एक प्राइवेट अस्पताल में पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर जिला अस्पताल के लिए कोरोना प्रोटोकॉल के तहत आवश्यक कार्यवाही के लिए भेज दिया। रविवार की सुबह करीब 3 बजे अयाह गांव में परिवारीजनों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम की मौजूदगी में नियमानुसार अंतिम संस्कार कर दिया। परिवारीजनों के मुताबिक पहले से भी वो बीमार चल रहे। जिला अस्पताल के एक डॉक्टर के यहां से उनका इलाज चल रहा था।
किसी की कोई जांच नहीं की गई
इटियाथोक (गोंडा)। रेलवे स्टेशन रोड पर कोरोना संक्रमित के मिलने के बाद यहां एहतियात के तौर पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमित के अलावा मोहल्ले वालों की भी जांच नहीं की, न ही किसी का सैंपल लिया गया। इसके अलावा संक्रमित एरिया को बंद करने की कार्यवाही भी नहीं की गई। जिससे लोग बराबर आते जाते रहे। उधर, संक्रमित की मृत्यु हो जाने के बाद भी काफी संख्या में लोग वहां जमा हो गए। यहां पर लोगों ने एहतियात नहीं बरता।
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कोरोना संक्रमित को लाने के लिए टीम इटियाथोक गई थी लेकिन वहीं इनके परिवार और कोरोना पीड़ित ने घर में होम आइसोलेशन को चुना था। उनकी तबीयत पहले से ही खराब चल रही थी। -डॉ. मधु गैरोला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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संक्रमित होने के बाद स्टेशन रोड पर बने आवास में उसे होम आइसोलेट कर दिया गया था। शनिवार की देर शाम अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। जब तक गांव से घर वाले पहुंचते आसपास के लोगों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सूचना दी। बाद में पहुंचे परिजन उन्हें लेकर गोंडा के एक प्राइवेट अस्पताल में पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर जिला अस्पताल के लिए कोरोना प्रोटोकॉल के तहत आवश्यक कार्यवाही के लिए भेज दिया। रविवार की सुबह करीब 3 बजे अयाह गांव में परिवारीजनों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम की मौजूदगी में नियमानुसार अंतिम संस्कार कर दिया। परिवारीजनों के मुताबिक पहले से भी वो बीमार चल रहे। जिला अस्पताल के एक डॉक्टर के यहां से उनका इलाज चल रहा था।
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किसी की कोई जांच नहीं की गई
इटियाथोक (गोंडा)। रेलवे स्टेशन रोड पर कोरोना संक्रमित के मिलने के बाद यहां एहतियात के तौर पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमित के अलावा मोहल्ले वालों की भी जांच नहीं की, न ही किसी का सैंपल लिया गया। इसके अलावा संक्रमित एरिया को बंद करने की कार्यवाही भी नहीं की गई। जिससे लोग बराबर आते जाते रहे। उधर, संक्रमित की मृत्यु हो जाने के बाद भी काफी संख्या में लोग वहां जमा हो गए। यहां पर लोगों ने एहतियात नहीं बरता।
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कोरोना संक्रमित को लाने के लिए टीम इटियाथोक गई थी लेकिन वहीं इनके परिवार और कोरोना पीड़ित ने घर में होम आइसोलेशन को चुना था। उनकी तबीयत पहले से ही खराब चल रही थी। -डॉ. मधु गैरोला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी