{"_id":"5fa819818ebc3e9bb925a546","slug":"cold-starts-a-quarter-of-a-million-children-did-not-get-sweaters-gonda-news-lko5492742193","type":"story","status":"publish","title_hn":"ठंड शुरू, पौने चार लाख बच्चों को नहीं मिला स्वेटर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ठंड शुरू, पौने चार लाख बच्चों को नहीं मिला स्वेटर
विज्ञापन
गोंडा के एक स्कूल में स्वेटर न मिलने से किताब वितरण के दौरान ठिठुरते बच्चे।
- फोटो : GONDA
गोंडा। बेसिक शिक्षा के तीन हजार स्कूलों में पढ़ने वाले पौने चार लाख बच्चों को स्वेटर नहीं मिल रहा है। अक्टूबर में ही स्वेटर वितरण का आदेश था और शासन ने बजट भी जारी कर दिया है। इसके बावजूद स्वेटर का वितरण न होने से बच्चे ठंड से ठिठुर रहे हैं। इस बार अभी से ठंड भी शुरू हो गयी है और स्कूल में भले ही बच्चे नहीं आ रहे हैं लेकिन उनकी उम्मीदें स्वेटर वितरण पर टिकी थीं। अभिभावकों की मानें तो स्वेटर अब मिल जाना चाहिए, लेकिन विभाग की ओर से लापरवाही के कारण वितरण नहीं हो रहा है।
जिले के बच्चों को स्वेटर देने के लिए करीब 8 करोड़ का बजट तय किया गया है। शासन से स्वेटर वितरण की कार्रवाई हर हाल में अक्तूबर में पूरा करके वितरण करने का फरमान भी जारी हो गया था। स्थिति यह है कि अभी तक स्कूलों की ओर से स्वेटर वितरण का कार्य शुुरू नही हुआ है। ऐसा तब है जब बिना बच्चों के स्कूल बुलाए ही स्कूलों को खोल रखा गया है। ऐसा इन योजनाओं के संचालन के लिए ही किया गया है फिर भी विभाग स्वेटर वितरण पर हाथ पर हाथ रखे बैठा है। बताया जा रहा है कि अभी स्वेटर का वितरण शुरू होगा तभी ठंड और बढ़ने से पहले हर बच्चे को स्वेटर मिल पाएगा। कारण स्कूलों से स्वेटर वितरण तो होना है लेकिन स्कूलों तक स्वेटर पहुंचाने का काम किसी एजेंसी के माध्यम से होना है। ऐसे में तीन हजार स्कूलों तक स्वेटर पहुंचाने में समय लगेगा। अक्तूबर तो छोड़िए माह नवंबर का एक पखवारा बीतने को है लेकिन स्वेटर वितरण शुरू नहीं हो पाया है।
विवादों में घिरी टेंडर प्रक्रिया
स्कूली बच्चों को स्वेटर देने के लिए विभाग ने टेंडर प्रक्रिया तो पूरी कर ली है लेकिन वह विवादों में घिर गई है। कानपुर की एक संस्था को स्वेटर वितरण के लिए स्वेटर आपूर्ति का कार्य तय किया गया है। लेकिन अभी संस्था की ओर से कोई कार्रवाई जिले में शुरू नहीं की गई है। स्वेटर के लिए टेंडर आपूर्ति की शिकायत बेसिक शिक्षा मंत्री से कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने किया है और प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। इसका निराकरण कराकर स्वेटर आपूर्ति शुरू किए जाने के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए गए हैं।
विज्ञापन
स्वेटर के लिए तय है 200 का रेट, 154 रुपये में वितरण का है आफर
स्वेटर के लिए शासन ने 200 रुपये प्रति स्वेटर मूल्य तय किया गया है। बीते दिनों हुई टेंडर प्रक्रिया में संस्थाओं की ओर से 154 रुपये तक में स्वेटर देने का प्रस्ताव दिया गया है। बताया जा रहा है कि टेंडर के लिए की जा रही प्रतिस्पर्धा में ठेका हासिल करने के लिए संस्थाएं रेट तो गिरा कर दे देती हैं लेकिन आपूर्ति का कार्य मिलने के बाद हाथ खड़े करने लगती हैं। इससे भी स्वेटर वितरण में देरी होती है वहीं रेट के हिसाब से स्वेटर की आपूर्ति पर गुणवत्ता में कमी रहती है। यह अलग बात है कि भुगतान और जांच में सब सही साबित कर दिया जाता है। लेकिन रेट के कारण नुकसान तो बच्चों का ही होता है।
स्वेटर वितरण के हो रहे प्रयास
स्वेटर वितरण की प्रक्रिया पूरी की गई है, जल्द ही वितरण के लिए कार्रवाई की जाएगी। स्वेटर की आपूर्ति जेम पोर्टल के माध्यम से की गई टेंडर प्रक्रिया के आधार पर तय संस्था की ओर से होनी है। वितरण कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। -डॉ. इन्द्रजीत प्रजापति, बीएसए
विज्ञापन
जिले के बच्चों को स्वेटर देने के लिए करीब 8 करोड़ का बजट तय किया गया है। शासन से स्वेटर वितरण की कार्रवाई हर हाल में अक्तूबर में पूरा करके वितरण करने का फरमान भी जारी हो गया था। स्थिति यह है कि अभी तक स्कूलों की ओर से स्वेटर वितरण का कार्य शुुरू नही हुआ है। ऐसा तब है जब बिना बच्चों के स्कूल बुलाए ही स्कूलों को खोल रखा गया है। ऐसा इन योजनाओं के संचालन के लिए ही किया गया है फिर भी विभाग स्वेटर वितरण पर हाथ पर हाथ रखे बैठा है। बताया जा रहा है कि अभी स्वेटर का वितरण शुरू होगा तभी ठंड और बढ़ने से पहले हर बच्चे को स्वेटर मिल पाएगा। कारण स्कूलों से स्वेटर वितरण तो होना है लेकिन स्कूलों तक स्वेटर पहुंचाने का काम किसी एजेंसी के माध्यम से होना है। ऐसे में तीन हजार स्कूलों तक स्वेटर पहुंचाने में समय लगेगा। अक्तूबर तो छोड़िए माह नवंबर का एक पखवारा बीतने को है लेकिन स्वेटर वितरण शुरू नहीं हो पाया है।
विज्ञापन
विवादों में घिरी टेंडर प्रक्रिया
स्कूली बच्चों को स्वेटर देने के लिए विभाग ने टेंडर प्रक्रिया तो पूरी कर ली है लेकिन वह विवादों में घिर गई है। कानपुर की एक संस्था को स्वेटर वितरण के लिए स्वेटर आपूर्ति का कार्य तय किया गया है। लेकिन अभी संस्था की ओर से कोई कार्रवाई जिले में शुरू नहीं की गई है। स्वेटर के लिए टेंडर आपूर्ति की शिकायत बेसिक शिक्षा मंत्री से कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने किया है और प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। इसका निराकरण कराकर स्वेटर आपूर्ति शुरू किए जाने के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए गए हैं।
विज्ञापन
स्वेटर के लिए तय है 200 का रेट, 154 रुपये में वितरण का है आफर
स्वेटर के लिए शासन ने 200 रुपये प्रति स्वेटर मूल्य तय किया गया है। बीते दिनों हुई टेंडर प्रक्रिया में संस्थाओं की ओर से 154 रुपये तक में स्वेटर देने का प्रस्ताव दिया गया है। बताया जा रहा है कि टेंडर के लिए की जा रही प्रतिस्पर्धा में ठेका हासिल करने के लिए संस्थाएं रेट तो गिरा कर दे देती हैं लेकिन आपूर्ति का कार्य मिलने के बाद हाथ खड़े करने लगती हैं। इससे भी स्वेटर वितरण में देरी होती है वहीं रेट के हिसाब से स्वेटर की आपूर्ति पर गुणवत्ता में कमी रहती है। यह अलग बात है कि भुगतान और जांच में सब सही साबित कर दिया जाता है। लेकिन रेट के कारण नुकसान तो बच्चों का ही होता है।
स्वेटर वितरण के हो रहे प्रयास
स्वेटर वितरण की प्रक्रिया पूरी की गई है, जल्द ही वितरण के लिए कार्रवाई की जाएगी। स्वेटर की आपूर्ति जेम पोर्टल के माध्यम से की गई टेंडर प्रक्रिया के आधार पर तय संस्था की ओर से होनी है। वितरण कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। -डॉ. इन्द्रजीत प्रजापति, बीएसए