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Gonda News: नशा नहीं, जीवन चुनें और सपनों को सार्थक करें
Sun, 20 Sep 2026 11:18 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 20 Sep 2026 11:18 PM IST
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गोंडा। श्री लाल बहादुर शास्त्री पीजी कॉलेज के वाणिज्य संकाय की ओर से शनिवार को सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत अभियान’ विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य प्रो. जितेंद्र सिंह ने की।
उन्होंने कहा कि युवाओं को मद्यपान, नशे और दुर्व्यसनों से दूर रहकर मानसिक एवं शारीरिक रूप से मजबूत बनना होगा। अच्छे विचारों को जीवन में अपनाने और बुरी आदतों व विचारों को दूर करने से ही युवा अपने सपनों को सार्थक कर सकते हैं। मुख्य वक्ता रसायन विज्ञान के शिक्षक डॉ. दिलीप शुक्ल ने कहा कि नशा केवल शराब, गांजा या अन्य मादक पदार्थों तक सीमित नहीं है। किसी वस्तु या आदत का मानसिक रूप से गुलाम हो जाना भी नशा है। आज मोबाइल की लत भी बड़ी समस्या बनती जा रही है। तनाव, चिंता, बेरोजगारी, आर्थिक परेशानियों और टूटते रिश्तों के कारण कई लोग नशे का सहारा लेते हैं। नशे से बाहर निकलने के लिए मानसिक दृढ़ता जरूरी है। डॉ. मनोज मिश्र, डॉ. माला सिंह, डॉ. दिलीप सिंह, डॉ. अरुण प्रताप सिंह और बृजेश श्रीवास्तव ने भी विद्यार्थियों को दुर्व्यसनों से दूर रहने और व्यक्तित्व निर्माण पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में वीडियो क्लिप के माध्यम से नशे के कारण परिवार और विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव बताए गए। समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
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उन्होंने कहा कि युवाओं को मद्यपान, नशे और दुर्व्यसनों से दूर रहकर मानसिक एवं शारीरिक रूप से मजबूत बनना होगा। अच्छे विचारों को जीवन में अपनाने और बुरी आदतों व विचारों को दूर करने से ही युवा अपने सपनों को सार्थक कर सकते हैं। मुख्य वक्ता रसायन विज्ञान के शिक्षक डॉ. दिलीप शुक्ल ने कहा कि नशा केवल शराब, गांजा या अन्य मादक पदार्थों तक सीमित नहीं है। किसी वस्तु या आदत का मानसिक रूप से गुलाम हो जाना भी नशा है। आज मोबाइल की लत भी बड़ी समस्या बनती जा रही है। तनाव, चिंता, बेरोजगारी, आर्थिक परेशानियों और टूटते रिश्तों के कारण कई लोग नशे का सहारा लेते हैं। नशे से बाहर निकलने के लिए मानसिक दृढ़ता जरूरी है। डॉ. मनोज मिश्र, डॉ. माला सिंह, डॉ. दिलीप सिंह, डॉ. अरुण प्रताप सिंह और बृजेश श्रीवास्तव ने भी विद्यार्थियों को दुर्व्यसनों से दूर रहने और व्यक्तित्व निर्माण पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में वीडियो क्लिप के माध्यम से नशे के कारण परिवार और विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव बताए गए। समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
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