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गोंडा: तरबगंज तहसील परिसर में बंद किए छुट्टा मवेशी
Mon, 13 Feb 2023 11:50 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 13 Feb 2023 11:50 PM IST
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तरबगंज तहसील में धरना देते किसान। -संवाद
गोंडा। ग्रामीण क्षेत्र में छुट्टा गोवंशों से हो रहे नुकसान व प्रशासन की हीलाहवाली से किसानों में जबर्दस्त आक्रोश है। सोमवार सुबह 10 बजे किसानों ने तरबगंज तहसील परिसर के अंदर छुट्टा जानवरों को खदेड़कर गेट बंद कर दिया।
ग्रामसभा रामापुर, सेमरा जमालखानी, कटहा व ढोढ़ेपुर के किसानों ने करीब 300 छुट्टा मवेशियों को पकड़कर तहसील परिसर में बंद कर दिया। इससे तहसील का कामकाज प्रभावित रहा। नाराज किसानों ने छुट्टा मवेशियों से छुटकारा दिलाने की मांग को लेकर तहसील परिसर में धरना शुरू कर दिया। इससे तहसील पहुंचे वादकारी व अधिवक्ता हतप्रभ हो गए।
जितेंद्र पांडेय, हंसराज, कौशल पांडेय, संजय पांडेय, बंटी, दिनेश, रवि सिंह, सुजीत कुमार, बृजेश, रामप्रकाश ने कहा कि इतनी महंगाई में किसी तरह से खेती की जा रही है। मगर छुट्टा जानवर फसलों को बर्बाद कर देते हैं। किसान रात-दिन एक कर फसलों की रखवाली कर रहे हैं। किसानों ने कहा कि वो काफी दिनों से मवेशियों को गोशाला में भिजवाने की मांग कर रहे हैं, मगर सुनवाई नहीं हो रही है। किसानों की समस्या जानकर अधिवक्ता संघ भी उनके समर्थन में आ गया। रुद्रनरायन शुक्ल, रवींद्र पांडेय, देवमणि तिवारी, ओपी सिंह, ताज मोहम्मद आदि अधिवक्ताओं ने छुट्टा जानवरों से निजात दिलाने की मांग की।
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छुट्टा जानवरों को तहसील में बंद करके धरना देने के मामले में नायब नाजिर अजय कुमार ने पूर्व जिपं सदस्य जितेंद्र पांडेय उर्फ नान बच्चा समेत 31 लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। तहरीर में कहा कि नानबच्चा पांडेय के साथ करीब 30 अज्ञात लोगों ने तहसील परिसर में छुट्टा पशुओं को बंद कर दिया। जानवरों को दिनभर भूखा रखा। तहसील में कामकाज नहीं हो पाने से शासकीय कार्य बाधित हो गया। तहसील के कर्मचारियों व वादकारियों की जान सांसत में पड़ गई। इंस्पेक्टर मनोज पाठक ने बताया कि नानबच्चा पांडेय व 30 अज्ञात लोगों पर पशु क्रूरता अधिनियम, सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
इटियाथोक ब्लाॅक क्षेत्र के किसान भी छुट्टा मवेशियों से परेशान हैं। सोमवार को किसानों ने क्षेत्र के दो विद्यालयों में गोवंशों को बंद कर दिया। ईश्वरनंद कुट्टी व प्राथमिक विद्यालय मेहनौन में गोवंश बंद होने से सोमवार को विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित रही। किसानों ने विरोध प्रदर्शन कर स्कूल में बंद गोवंशों को गोशाला भिजवाने की मांग की है।
मेहनौन गांव के प्राथमिक विद्यालय में सोमवार को किसानों ने 73 गोवंशों को बंद कर दिया। इसके बाद लोगों ने प्रदर्शन कर गोवंशों को गोशाला में संरक्षित करने की मांग शुरू कर दी। विद्यालय में पशु बांधे जाने से सोमवार को शिक्षण कार्य प्रभावित रहा। दूसरी ओर ईश्वरनंद कुट्टी प्राथमिक विद्यालय में 48 गोवंश दूसरे दिन भी बंद रहे। गांव के रक्षाराम कश्यप, लालमनि तिवारी, अजीत मिश्र, आदेश पांडेय, किशोरीलाल आदि ने कहा कि हम लोगों ने पूर्व में खंड विकास अधिकारी को बेसहारा पशुओं को संरक्षित करने के लिए ज्ञापन सौंपा था मगर सुनवाई नहीं हुई।
बता दें कि रविवार से ही ईश्वरनंद कुट्टी के प्राथमिक विद्यालय में कई जानवर बंद हैं। दोनों विद्यालयों में गोवंश बंद होने से सोमवर को पठन-पाठन का कार्य बाधित रहा और विद्यार्थी घर लौट गए। संबंधित शिक्षक विद्यालय के बाहर पूरे दिन मौजूद रहे और परिसर खाली होने का इंतजार करते रहे।
खंड विकास अधिकारी रूपनारायण भारती ने बताया कि सभी पंचायत सचिवों को निर्देशित किया गया है कि वह अस्थाई गो-आश्रय केंद्र बनाकर पशुओं को संरक्षित करें। विद्यालय खाली कराया जा रहा है।
तरबगंज तहसील के करनीपुर गांव में भी 200 गोवंश एकत्र हैं। रविवार को ग्राम प्रधान ने 10 गोवंशों को चंदीपुर गोशाला में संरक्षित करा दिया। अब वहां भी जगह नहीं बची है। जिन स्थानों पर गोशाला है वहां भी ग्रामीण रखवाली कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दूर-दूर से लाकर यहां जानवर छोड़े जाते हैं, जो हमारे खेतों में जाकर फसलें नष्ट करते हैं।
तहसील में छुट्टा जानवरों को बंद करने की सूचना पर प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। एसडीएम शत्रुघ्न पाठक अवकाश पर थे। जिस पर मनकापुर के एसडीएम आकाश सिंह को भेजा गया। उन्होंने किसानों को समझाया और सहयोग की अपील की। इसके बाद किसानों के तेवर नरम पड़े। इस दौरान पीडी चंद्रशेखर, तहसीलदार डॉ. पुष्कर मिश्र, नायब तहसीलदार रामप्रताप पांडेय, सीओ संसार सिंह राठी सहित अन्य मौजूद रहे। जबकि एहतियात के ताैर पर तरबगंज, नवाबगंज, वजीरगंज, उमरीबेगमगंज के साथ ही परसपुर थाने की पुलिस मौके पर मुस्तैद रही।
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ग्रामसभा रामापुर, सेमरा जमालखानी, कटहा व ढोढ़ेपुर के किसानों ने करीब 300 छुट्टा मवेशियों को पकड़कर तहसील परिसर में बंद कर दिया। इससे तहसील का कामकाज प्रभावित रहा। नाराज किसानों ने छुट्टा मवेशियों से छुटकारा दिलाने की मांग को लेकर तहसील परिसर में धरना शुरू कर दिया। इससे तहसील पहुंचे वादकारी व अधिवक्ता हतप्रभ हो गए।
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जितेंद्र पांडेय, हंसराज, कौशल पांडेय, संजय पांडेय, बंटी, दिनेश, रवि सिंह, सुजीत कुमार, बृजेश, रामप्रकाश ने कहा कि इतनी महंगाई में किसी तरह से खेती की जा रही है। मगर छुट्टा जानवर फसलों को बर्बाद कर देते हैं। किसान रात-दिन एक कर फसलों की रखवाली कर रहे हैं। किसानों ने कहा कि वो काफी दिनों से मवेशियों को गोशाला में भिजवाने की मांग कर रहे हैं, मगर सुनवाई नहीं हो रही है। किसानों की समस्या जानकर अधिवक्ता संघ भी उनके समर्थन में आ गया। रुद्रनरायन शुक्ल, रवींद्र पांडेय, देवमणि तिवारी, ओपी सिंह, ताज मोहम्मद आदि अधिवक्ताओं ने छुट्टा जानवरों से निजात दिलाने की मांग की।
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छुट्टा जानवरों को तहसील में बंद करके धरना देने के मामले में नायब नाजिर अजय कुमार ने पूर्व जिपं सदस्य जितेंद्र पांडेय उर्फ नान बच्चा समेत 31 लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। तहरीर में कहा कि नानबच्चा पांडेय के साथ करीब 30 अज्ञात लोगों ने तहसील परिसर में छुट्टा पशुओं को बंद कर दिया। जानवरों को दिनभर भूखा रखा। तहसील में कामकाज नहीं हो पाने से शासकीय कार्य बाधित हो गया। तहसील के कर्मचारियों व वादकारियों की जान सांसत में पड़ गई। इंस्पेक्टर मनोज पाठक ने बताया कि नानबच्चा पांडेय व 30 अज्ञात लोगों पर पशु क्रूरता अधिनियम, सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
इटियाथोक ब्लाॅक क्षेत्र के किसान भी छुट्टा मवेशियों से परेशान हैं। सोमवार को किसानों ने क्षेत्र के दो विद्यालयों में गोवंशों को बंद कर दिया। ईश्वरनंद कुट्टी व प्राथमिक विद्यालय मेहनौन में गोवंश बंद होने से सोमवार को विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित रही। किसानों ने विरोध प्रदर्शन कर स्कूल में बंद गोवंशों को गोशाला भिजवाने की मांग की है।
मेहनौन गांव के प्राथमिक विद्यालय में सोमवार को किसानों ने 73 गोवंशों को बंद कर दिया। इसके बाद लोगों ने प्रदर्शन कर गोवंशों को गोशाला में संरक्षित करने की मांग शुरू कर दी। विद्यालय में पशु बांधे जाने से सोमवार को शिक्षण कार्य प्रभावित रहा। दूसरी ओर ईश्वरनंद कुट्टी प्राथमिक विद्यालय में 48 गोवंश दूसरे दिन भी बंद रहे। गांव के रक्षाराम कश्यप, लालमनि तिवारी, अजीत मिश्र, आदेश पांडेय, किशोरीलाल आदि ने कहा कि हम लोगों ने पूर्व में खंड विकास अधिकारी को बेसहारा पशुओं को संरक्षित करने के लिए ज्ञापन सौंपा था मगर सुनवाई नहीं हुई।
बता दें कि रविवार से ही ईश्वरनंद कुट्टी के प्राथमिक विद्यालय में कई जानवर बंद हैं। दोनों विद्यालयों में गोवंश बंद होने से सोमवर को पठन-पाठन का कार्य बाधित रहा और विद्यार्थी घर लौट गए। संबंधित शिक्षक विद्यालय के बाहर पूरे दिन मौजूद रहे और परिसर खाली होने का इंतजार करते रहे।
खंड विकास अधिकारी रूपनारायण भारती ने बताया कि सभी पंचायत सचिवों को निर्देशित किया गया है कि वह अस्थाई गो-आश्रय केंद्र बनाकर पशुओं को संरक्षित करें। विद्यालय खाली कराया जा रहा है।
तरबगंज तहसील के करनीपुर गांव में भी 200 गोवंश एकत्र हैं। रविवार को ग्राम प्रधान ने 10 गोवंशों को चंदीपुर गोशाला में संरक्षित करा दिया। अब वहां भी जगह नहीं बची है। जिन स्थानों पर गोशाला है वहां भी ग्रामीण रखवाली कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दूर-दूर से लाकर यहां जानवर छोड़े जाते हैं, जो हमारे खेतों में जाकर फसलें नष्ट करते हैं।
तहसील में छुट्टा जानवरों को बंद करने की सूचना पर प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। एसडीएम शत्रुघ्न पाठक अवकाश पर थे। जिस पर मनकापुर के एसडीएम आकाश सिंह को भेजा गया। उन्होंने किसानों को समझाया और सहयोग की अपील की। इसके बाद किसानों के तेवर नरम पड़े। इस दौरान पीडी चंद्रशेखर, तहसीलदार डॉ. पुष्कर मिश्र, नायब तहसीलदार रामप्रताप पांडेय, सीओ संसार सिंह राठी सहित अन्य मौजूद रहे। जबकि एहतियात के ताैर पर तरबगंज, नवाबगंज, वजीरगंज, उमरीबेगमगंज के साथ ही परसपुर थाने की पुलिस मौके पर मुस्तैद रही।