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बजाज चीनी मिल ट्स्टी खिलाफ केस दर्ज
अमर उजाला/बलरामपुर
Updated Mon, 02 May 2016 11:06 PM IST
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चीनी मिल
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बजाज चीनी मिल इटईमैदा के अध्याशी के खिलाफ सोमवार को 62.63 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान न करने के आरोप में उतरौला कोतवाली में केस दर्ज कराया गया है। डीएम के आदेश पर गन्ना समिति उतरौला के विशेष सचिव ने केस दर्ज कराया है। बजाज चीनी मिल क्षेत्र के करीब 30 हजार किसानों का गन्ना मूल्य अभी तक दबाए बैठी है।
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह ने बताया कि बजाज चीनी मिल इटईमैदा के पेराई सत्र 2015-16 की डीएम प्रीति शुक्ला ने 30 अप्रैल को कैंप कार्यालय में बैठक कर भुगतान की समीक्षा की। इस दौरान जिला गन्ना अधिकारी ने डीएम को बताया कि बजाज चीनी मिल ने पेराई सत्र 2015-16 में क्षेत्र के करीब 30 हजार किसानों का 45.49 लाख क्विंटल गन्ना खरीदा था।
किसानों को गन्ना समिति बलरामपुर एवं उतरौला के माध्यम से शासन द्वारा निर्धारित दर से 124 करोड़ सात लाख 78 हजार रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान करना था। बाद में शासन स्तर से 230 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 104 करोड़ 52 लाख 88 हजार रुपये का भुगतान 14 दिन के अंदर करने का निर्देश दिया गया। मिल ने बीती 25 फरवरी को गन्ने की खरीद बंद कर दी।
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30 अप्रैल तक मात्र 41 करोड़ 89 लाख 94 हजार रुपये का ही भुगतान किया। गन्ना आयुक्त एवं मंडलायुक्त ने बजाज चीनी मिल के अध्याशी को 19 दिसंबर 2015, दो और 19 जनवरी, तीन व 20 फरवरी और डीएम के स्तर से 18 फरवरी व 31 मार्च को नोटिस जारी कर समय से गन्ना मूल्य का बकाया भुगतान कराने का कड़ा निर्देश दिया गया।
कई बार निर्देश के बावजूद बजाज चीनी मिल ने 62 करोड़ 62 लाख 94 हजार रुपये किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया। किसानों से खरीदे गए गन्ना मूल्य का भुगतान न करने के आरोप में अध्याशी के खिलाफ डीएम ने एफआईआर दर्ज कराने का आदेश किया।
डीएम के आदेश पर किसानों के साथ धोखाधड़ी एवं आर्थिक क्षति पहुंचाने के आरोप में बजाज चीनी मिल इटईमैदा के अध्याशी साकेत बंसल के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत गन्ना समिति उतरौला के विशेष सचिव दिनेश चंद्र लाल को एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया गया।
डीएम के निर्देश पर गन्ना समिति उतरौला के विशेेेष सचिव ने उतरौला कोतवाली में सोमवार को केस दर्ज करा दिया है। केस दर्ज कराने के बाद डीएम ने जिला गन्ना अधिकारी को किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराने का निर्देश दिया। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि मिल का शीरा व चीनी अभिरक्षा में लेकर किसानों का बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराया जाएगा।
पेराई सत्र 2014-15 में भी बजाज चीनी मिल इटईमैदा ने लेटलतीफ भुगतान किया था। किसानों के गन्ना मूल्य का समय से भुगतान न करने के आरोप में मिल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर की कार्रवाई की गई थी और चीनी व शीरा बेचकर किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान किया गया था।
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जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह ने बताया कि बजाज चीनी मिल इटईमैदा के पेराई सत्र 2015-16 की डीएम प्रीति शुक्ला ने 30 अप्रैल को कैंप कार्यालय में बैठक कर भुगतान की समीक्षा की। इस दौरान जिला गन्ना अधिकारी ने डीएम को बताया कि बजाज चीनी मिल ने पेराई सत्र 2015-16 में क्षेत्र के करीब 30 हजार किसानों का 45.49 लाख क्विंटल गन्ना खरीदा था।
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किसानों को गन्ना समिति बलरामपुर एवं उतरौला के माध्यम से शासन द्वारा निर्धारित दर से 124 करोड़ सात लाख 78 हजार रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान करना था। बाद में शासन स्तर से 230 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 104 करोड़ 52 लाख 88 हजार रुपये का भुगतान 14 दिन के अंदर करने का निर्देश दिया गया। मिल ने बीती 25 फरवरी को गन्ने की खरीद बंद कर दी।
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30 अप्रैल तक मात्र 41 करोड़ 89 लाख 94 हजार रुपये का ही भुगतान किया। गन्ना आयुक्त एवं मंडलायुक्त ने बजाज चीनी मिल के अध्याशी को 19 दिसंबर 2015, दो और 19 जनवरी, तीन व 20 फरवरी और डीएम के स्तर से 18 फरवरी व 31 मार्च को नोटिस जारी कर समय से गन्ना मूल्य का बकाया भुगतान कराने का कड़ा निर्देश दिया गया।
कई बार निर्देश के बावजूद बजाज चीनी मिल ने 62 करोड़ 62 लाख 94 हजार रुपये किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया। किसानों से खरीदे गए गन्ना मूल्य का भुगतान न करने के आरोप में अध्याशी के खिलाफ डीएम ने एफआईआर दर्ज कराने का आदेश किया।
डीएम के आदेश पर किसानों के साथ धोखाधड़ी एवं आर्थिक क्षति पहुंचाने के आरोप में बजाज चीनी मिल इटईमैदा के अध्याशी साकेत बंसल के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत गन्ना समिति उतरौला के विशेष सचिव दिनेश चंद्र लाल को एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया गया।
डीएम के निर्देश पर गन्ना समिति उतरौला के विशेेेष सचिव ने उतरौला कोतवाली में सोमवार को केस दर्ज करा दिया है। केस दर्ज कराने के बाद डीएम ने जिला गन्ना अधिकारी को किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराने का निर्देश दिया। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि मिल का शीरा व चीनी अभिरक्षा में लेकर किसानों का बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराया जाएगा।
पेराई सत्र 2014-15 में भी बजाज चीनी मिल इटईमैदा ने लेटलतीफ भुगतान किया था। किसानों के गन्ना मूल्य का समय से भुगतान न करने के आरोप में मिल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर की कार्रवाई की गई थी और चीनी व शीरा बेचकर किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान किया गया था।