{"_id":"5cb4c4d2bdec2213e76c3f10","slug":"bsp-candidate-filed-fis-nomination","type":"story","status":"publish","title_hn":"असलहों के शौकीन हैं करोड़पति चंद्रदेव यादव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
असलहों के शौकीन हैं करोड़पति चंद्रदेव यादव
Mon, 15 Apr 2019 11:22 PM IST
रमेश रमेश
amar ujala
amar ujala
Published by: रमेश रमेश
Updated Mon, 15 Apr 2019 11:22 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
लोक सभा चुनाव में सोमवार को कैसरंगज सीट से प्रदेश के पूर्व मंत्री चन्द्र देव यादव समेत गोंडा लोस सीट को से कुल पांच उम्मीदवारों ने पर्चा भरा। कई उम्मीदवार न सिर्फ करोड़पति है बल्कि कई लग्जरी वाहनों के मालिक हैं।
जेवर पहने के साथ हथियार रखने के भी शौकीन हैं। नामांकन करने के दौरान उम्मीदवार की हैसियत का उनकी ओर से दाखिल किये गये हलफनामे से यह खुलासा हुआ है।
सोमवार को कैसरगंज लोकसभा सीट से हाजीपुर आजमगढ़ निवासी बसपा गठबंधन के उम्मीदवार पूर्व मंत्री चन्द्र देव यादव ने पर्चा भरा।
उन्होंने अपने समर्थकों के साथ पहुंच कर सीआरओ कोर्ट पर आरओ राजित राम प्रजापति को अपना नामांकन प्रपत्र प्रस्तुत किया। इसके अलावा इसी सीट से प्रगतिशील समाजवादी पार्टी से धनंजय शर्मा ने पर्चा दाखिल किया।
विज्ञापन
इसी तरह गोंडा लोकसभा सीट से जिले के चकरसूल गांव निवासी हाफिज अली ने पीस पार्टी के टिकट पर जिलाधिकारी के कोर्ट पर रिटर्निंग अफसर डा. नितिन बंसल के सपक्ष पर्चा जमा किया। इसके अलावा गोंडा लोकसभा सीट से जावेद अंसारी निर्दल उम्मीदवार के रूप में पर्चा भरा।
विज्ञापन
जबकि समाजवादी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के टिकट से गोंडा लोकसभा सीट से कुतुबुद्दीन खां ने अपना नामांकन दाखिल किया। उम्मीदवारों की ओर से दाखिल किये गये हलपनामें अपने ऊपर दर्ज मुकदमों के साथ अपने चल अचल सम्पत्तियों का ब्यौरा पेश किया गया है। अब तक नामांकन दाखिल करने वाले सभी उम्मीदवारों में कुतुबुद्दीन खां सबसे अमीर उम्मीदवार के रूप में सामने आये हैं।
पूर्व मंत्री व कैसरगंज लोक सभा क्षेत्र से बसपा गठबंधन के उम्मीदवा पर भ्रष्टाचार,भूमि विवाद समेत आधा दर्जन अपराधिक मामले दर्ज हैं। किसी मामले में पुलिस ने अभी चार्जशीट दाखिल नही किया है तो कई मामले अभी कोर्ट में विचाराधीन हैं। किसी मामले में दोष सिद्ध होने की कार्रवाई नही हुई है।