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Gonda News: नियुक्ति से लेकर घूसखोरी तक के आरोपों से घिरे रहे बीएसए
Tue, 11 Nov 2025 11:41 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 11 Nov 2025 11:41 PM IST
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बीएसए अतुल कुमार तिवारी।
गोंडा। घूसखोरी के आरोप में फंसे बीएसए अतुल तिवारी के निलंबन की खबर से मंगलवार शाम महकमे के लोगों में प्रकरण की चर्चा शुरू हो गई। दरअसल, बीते तीन माह के भीतर बीएसए के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। एक में घूसखोरी का आरोप है तो दूसरे में नियुक्ति में फर्जीवाड़े का। विभागीय कर्मी मामले में अभी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। वहीं, कोतवाली पुलिस ने घूसखोरी के आरोप की जांच तेज कर दी है।
ताजा मामला फर्नीचर आपूर्ति से जुड़ा है। मोतीगंज के ग्राम किनकी निवासी मनोज पांडेय हरियाणा के गुरुग्राम स्थित नीमन सीटिंग सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में एमडी हैं। मनोज पांडेय की तहरीर पर न्यायालय के आदेश पर नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था। इसमें मनोज ने आरोप लगाया था कि 564 उच्च प्राथमिक एवं संकुल विद्यालयों में फर्नीचर आपूर्ति के लिए हुए टेंडर में उनकी कंपनी को एल-1 घोषित किया गया था। करीब 15 से 16 करोड़ रुपये के इस काम में बीएसए अतुल कुमार तिवारी, जिला समन्वयक (जेम) प्रेमशंकर मिश्र और जिला समन्वयक (सिविल) विद्याभूषण मिश्र ने उनसे 15 प्रतिशत कमीशन (करीब 2.25 करोड़ रुपये) की मांग की थी। मनोज के अनुसार, चार जनवरी 2025 को उन्हें राजकीय हाउसिंग कॉलोनी स्थित बीएसए के आवास पर बुलाया गया, जहां उन्होंने 22 लाख रुपये बीएसए को और चार-चार लाख रुपये दोनों समन्वयकों को दिए। शेष रकम न देने पर उनका 50.38 लाख रुपये का डिमांड ड्राफ्ट वापस लेकर रद्द कर दिया गया। इसके बाद उनकी फर्म को दो वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। हालांकि बीएसए आरोपों को खारिज करते हुए हाईकोर्ट तक गए, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी याचिका ही वापस ले ली। बीएसए मुकदमा दर्ज होते ही अवकाश पर चले गए थे। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
अधिकतम मूल्य पर आपूर्ति का खेल
आरोप है कि विभागीय अधिकारियों ने अधिकतम मूल्य 8,500 रुपये के हिसाब से फर्नीचर की आपूर्ति का खेल किया है। जबकि पहले वाली फर्म ने 7,498 रुपये में ही आपूर्ति की बात कही थी। विभागीय अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हैं। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच चल रही है। तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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नियुक्ति मामले में एसटीएफ कर रही है जांच
बीएसए अतुल तिवारी समेत अन्य पर फर्जी नियुक्ति के मामले में पहले से दर्ज मुकदमे की जांच हाईकोर्ट के आदेश पर यूपी एसटीएफ कर रही है। एसटीएफ ने बीएसए कार्यालय में छापा मारकर रिकॉर्ड कब्जे में लिए हैं। अब सभी की निगाहें एसटीएफ पर टिकी हुई हैं।
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ताजा मामला फर्नीचर आपूर्ति से जुड़ा है। मोतीगंज के ग्राम किनकी निवासी मनोज पांडेय हरियाणा के गुरुग्राम स्थित नीमन सीटिंग सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में एमडी हैं। मनोज पांडेय की तहरीर पर न्यायालय के आदेश पर नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था। इसमें मनोज ने आरोप लगाया था कि 564 उच्च प्राथमिक एवं संकुल विद्यालयों में फर्नीचर आपूर्ति के लिए हुए टेंडर में उनकी कंपनी को एल-1 घोषित किया गया था। करीब 15 से 16 करोड़ रुपये के इस काम में बीएसए अतुल कुमार तिवारी, जिला समन्वयक (जेम) प्रेमशंकर मिश्र और जिला समन्वयक (सिविल) विद्याभूषण मिश्र ने उनसे 15 प्रतिशत कमीशन (करीब 2.25 करोड़ रुपये) की मांग की थी। मनोज के अनुसार, चार जनवरी 2025 को उन्हें राजकीय हाउसिंग कॉलोनी स्थित बीएसए के आवास पर बुलाया गया, जहां उन्होंने 22 लाख रुपये बीएसए को और चार-चार लाख रुपये दोनों समन्वयकों को दिए। शेष रकम न देने पर उनका 50.38 लाख रुपये का डिमांड ड्राफ्ट वापस लेकर रद्द कर दिया गया। इसके बाद उनकी फर्म को दो वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। हालांकि बीएसए आरोपों को खारिज करते हुए हाईकोर्ट तक गए, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी याचिका ही वापस ले ली। बीएसए मुकदमा दर्ज होते ही अवकाश पर चले गए थे। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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अधिकतम मूल्य पर आपूर्ति का खेल
आरोप है कि विभागीय अधिकारियों ने अधिकतम मूल्य 8,500 रुपये के हिसाब से फर्नीचर की आपूर्ति का खेल किया है। जबकि पहले वाली फर्म ने 7,498 रुपये में ही आपूर्ति की बात कही थी। विभागीय अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हैं। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच चल रही है। तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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नियुक्ति मामले में एसटीएफ कर रही है जांच
बीएसए अतुल तिवारी समेत अन्य पर फर्जी नियुक्ति के मामले में पहले से दर्ज मुकदमे की जांच हाईकोर्ट के आदेश पर यूपी एसटीएफ कर रही है। एसटीएफ ने बीएसए कार्यालय में छापा मारकर रिकॉर्ड कब्जे में लिए हैं। अब सभी की निगाहें एसटीएफ पर टिकी हुई हैं।