{"_id":"616079ca8ebc3e93fe365324","slug":"bsa-could-be-deployed-in-the-district-after-seven-months-gonda-news-lko599227641","type":"story","status":"publish","title_hn":"सात महीने बाद जिले में हो सकी बीएसए की तैनाती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सात महीने बाद जिले में हो सकी बीएसए की तैनाती
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोंडा। बेसिक शिक्षा को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के लिए पूरे सात महीने का इंतजार करना पड़ा। शासन स्तर पर दो बार प्रयास भी हुए लेकिन लगातार हो रही कार्रवाईयों से अधिकारी जिले में आना ही नही चाहते थे। काफी मशक्कत के बाद गुरुवार की देरशाम को बीएसए के पद पर रायबरेली डायट में वरिष्ठ प्रवक्ता जय प्रताप सिंह की तैनाती हो सकी है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी इंद्रजीत प्रजापति इसी साल फरवरी माह में निलंबित हो गए थे। वजीरगंज के एक शिक्षक की ओर से भेजी गई सूची पर ही कार्रवाई होने से प्रदेश में अधिकारियों ने जिले में तैनाती से दूर भागने लगे। इससे सहायक शिक्षा निदेशक विनय मोहन वन को पहली मार्च को बीएसए का प्रभार मिला।
उन्होंने सितंबर तक तो प्रभार देखा लेकिन फिर विवाद बढ़ने लगे तो उन्होंने प्रभार से मुक्त किए जाने की मांग कर ली। इसके बाद 23 सितंबर को डीआईओएस राकेश कुुमार को प्रभार सौंपा गया।
विज्ञापन
इसके बीच में 30 जून को बाराबंकी की वरिष्ठ प्रवक्ता दीपिका चतुर्वेदी को जिले में बीएसए पद पर तैनाती दी गई लेकिन उन्होने मेडिकल ले लिया। बीते गुरुवार को बीएसए की तैनाती का आदेश जारी हुआ तो वरिष्ठ प्रवक्ता दीपिका चतुर्वेदी को गोंडा से हटाकर संभल कर दिया गया और रायबरेली डायट में तैनात वरिष्ठ प्रवक्ता जय प्रताप सिंह को जिले में तैनाती दी गई।
विभाग के अधिकारियों की मानें तो बीएसए जय प्रताप सिंह पुराने और अनुभवी अधिकारी हैं। वह प्रदेश के कई जिलों में बीएसए रह चुके हैं। फिलहाल शुक्रवार को वह जिले में प्रभार लेने नही आ सके। दो दिन अवकाश होने के बाद सोमवार को ही प्रभार लिए जाने की उम्मीद है।
विज्ञापन
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी इंद्रजीत प्रजापति इसी साल फरवरी माह में निलंबित हो गए थे। वजीरगंज के एक शिक्षक की ओर से भेजी गई सूची पर ही कार्रवाई होने से प्रदेश में अधिकारियों ने जिले में तैनाती से दूर भागने लगे। इससे सहायक शिक्षा निदेशक विनय मोहन वन को पहली मार्च को बीएसए का प्रभार मिला।
विज्ञापन
उन्होंने सितंबर तक तो प्रभार देखा लेकिन फिर विवाद बढ़ने लगे तो उन्होंने प्रभार से मुक्त किए जाने की मांग कर ली। इसके बाद 23 सितंबर को डीआईओएस राकेश कुुमार को प्रभार सौंपा गया।
विज्ञापन
इसके बीच में 30 जून को बाराबंकी की वरिष्ठ प्रवक्ता दीपिका चतुर्वेदी को जिले में बीएसए पद पर तैनाती दी गई लेकिन उन्होने मेडिकल ले लिया। बीते गुरुवार को बीएसए की तैनाती का आदेश जारी हुआ तो वरिष्ठ प्रवक्ता दीपिका चतुर्वेदी को गोंडा से हटाकर संभल कर दिया गया और रायबरेली डायट में तैनात वरिष्ठ प्रवक्ता जय प्रताप सिंह को जिले में तैनाती दी गई।
विभाग के अधिकारियों की मानें तो बीएसए जय प्रताप सिंह पुराने और अनुभवी अधिकारी हैं। वह प्रदेश के कई जिलों में बीएसए रह चुके हैं। फिलहाल शुक्रवार को वह जिले में प्रभार लेने नही आ सके। दो दिन अवकाश होने के बाद सोमवार को ही प्रभार लिए जाने की उम्मीद है।