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Gonda News: विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने बदला जिला प्रभारी
Sun, 20 Sep 2026 11:21 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 20 Sep 2026 11:21 PM IST
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भाजपा के जिला प्रभारी राहुल राज रस्तोगी।
गोंडा। विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भाजपा ने जिले के संगठनात्मक समीकरण में बदलाव करते हुए जिला प्रभारी बदल दिया है। विजय बहादुर पाठक के स्थान पर अवध क्षेत्र के क्षेत्रीय महामंत्री राहुल राज रस्तोगी को जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बदलाव ऐसे समय हुआ है जब जिले में संगठन के भीतर गुटबाजी और कार्यकर्ताओं की नाराजगी की चर्चाएं लगातार सामने आती रही हैं। नए जिला प्रभारी के सामने सबसे बड़ी चुनौती अलग-अलग खेमों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय स्थापित कर संगठन को चुनावी मोड में सक्रिय करना होगी।
जिले में दो लोकसभा और सात विधानसभा सीटें हैं। वर्तमान में सभी सीटों पर भाजपा का कब्जा है। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी ने बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है। बूथों के सत्यापन के साथ ही कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने की तैयारी चल रही है। ऐसे में जिला प्रभारी का बदलाव पार्टी की आगामी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जिलाध्यक्ष बदलने के बाद भी नहीं थमा असंतोष
भाजपा में संगठनात्मक स्तर पर खींचतान का सिलसिला पिछले वर्ष से चर्चा में रहा है। वर्ष 2025 में अमर किशोर कश्यप को दोबारा जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी दिए जाने के बाद पार्टी के एक वर्ग ने इसका विरोध किया था। इसी दौरान अमर किशोर कश्यप से जुड़ा एक आपत्तिजनक वीडियो वायरल हो गया। मामला चर्चा में आने के बाद पार्टी नेतृत्व ने उन्हें जिलाध्यक्ष पद से हटा दिया था। इसके बाद कुछ समय तक जिलाध्यक्ष पद रिक्त रहा और बाद में अकबाल बहादुर तिवारी को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। नई कार्यकारिणी की घोषणा के बाद भी संगठन के भीतर असंतोष के स्वर उठते रहे। सोशल मीडिया पर कुछ कार्यकर्ताओं की ओर से संगठन और पदाधिकारियों को लेकर सवाल उठाए गए। अनुशासनहीनता से जुड़े मामले भी सामने आने की चर्चा रही। हालांकि इनमें से कई मामलों को संगठन स्तर पर ही सुलझाने का प्रयास किया गया।
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आमने-सामने आ चुके हैं नेता
जिले में संगठन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय को लेकर भी समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। कटरा बाजार क्षेत्र में विधायक बावन सिंह और भवानी भीख शुक्ल के बीच विवाद में प्रांतीय नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद स्थिति शांत हुई थी। इस घटनाक्रम ने भी जिले में नेताओं के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत को सामने रखा। अब राहुल राज रस्तोगी के सामने विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को एकजुट रखने की चुनौती है। उन्हें बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के साथ ही वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों और संगठन पदाधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल बनाना होगा। पार्टी के सामने चुनौती यह भी है कि अंदरूनी मतभेद पीछे छोड़कर चुनावी तैयारियों को एकजुटता के साथ आगे बढ़ाया जाए।
संवाद से मजबूत करेंगे संगठन
जिला प्रभारी राहुल राज रस्तोगी ने कहा कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किया जाएगा। संवाद के जरिये संगठन को मजबूत किया जाएगा। विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज कर दी गई है।
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जिले में दो लोकसभा और सात विधानसभा सीटें हैं। वर्तमान में सभी सीटों पर भाजपा का कब्जा है। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी ने बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है। बूथों के सत्यापन के साथ ही कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने की तैयारी चल रही है। ऐसे में जिला प्रभारी का बदलाव पार्टी की आगामी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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जिलाध्यक्ष बदलने के बाद भी नहीं थमा असंतोष
भाजपा में संगठनात्मक स्तर पर खींचतान का सिलसिला पिछले वर्ष से चर्चा में रहा है। वर्ष 2025 में अमर किशोर कश्यप को दोबारा जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी दिए जाने के बाद पार्टी के एक वर्ग ने इसका विरोध किया था। इसी दौरान अमर किशोर कश्यप से जुड़ा एक आपत्तिजनक वीडियो वायरल हो गया। मामला चर्चा में आने के बाद पार्टी नेतृत्व ने उन्हें जिलाध्यक्ष पद से हटा दिया था। इसके बाद कुछ समय तक जिलाध्यक्ष पद रिक्त रहा और बाद में अकबाल बहादुर तिवारी को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। नई कार्यकारिणी की घोषणा के बाद भी संगठन के भीतर असंतोष के स्वर उठते रहे। सोशल मीडिया पर कुछ कार्यकर्ताओं की ओर से संगठन और पदाधिकारियों को लेकर सवाल उठाए गए। अनुशासनहीनता से जुड़े मामले भी सामने आने की चर्चा रही। हालांकि इनमें से कई मामलों को संगठन स्तर पर ही सुलझाने का प्रयास किया गया।
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आमने-सामने आ चुके हैं नेता
जिले में संगठन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय को लेकर भी समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। कटरा बाजार क्षेत्र में विधायक बावन सिंह और भवानी भीख शुक्ल के बीच विवाद में प्रांतीय नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद स्थिति शांत हुई थी। इस घटनाक्रम ने भी जिले में नेताओं के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत को सामने रखा। अब राहुल राज रस्तोगी के सामने विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को एकजुट रखने की चुनौती है। उन्हें बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के साथ ही वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों और संगठन पदाधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल बनाना होगा। पार्टी के सामने चुनौती यह भी है कि अंदरूनी मतभेद पीछे छोड़कर चुनावी तैयारियों को एकजुटता के साथ आगे बढ़ाया जाए।
संवाद से मजबूत करेंगे संगठन
जिला प्रभारी राहुल राज रस्तोगी ने कहा कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किया जाएगा। संवाद के जरिये संगठन को मजबूत किया जाएगा। विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज कर दी गई है।