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Gonda News: गोंडा में वर्चस्व की जंग में फंसी भाजपा, विपक्षी दलों ने उठाए सवाल
Thu, 25 Sep 2025 12:09 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 25 Sep 2025 12:09 AM IST
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रुपईडीह/गोंडा।
कटरा बाजार विधायक व ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि के बीच मंगलवार को हुए टकराव ने भाजपा की चिंता बढ़ा दी है। पार्टी के भीतर चल रही खेमेबाजी के सतह पर आने से प्रदेश नेतृत्व हरकत में आया है। दोनों पक्षों से जवाब तलब किया गया है। पूरे घटनाक्रम पर सपा के साथ ही कांग्रेस ने भी सवाल उठाकर राजनीति को नई दिशा देने की कोशिश की है।
कटरा बाजार से भाजपा विधायक बावन सिंह हों या ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि भवानी भीख शुक्ला, दोनों भाजपा में होने के बाद भी अलग-अलग राह पर हैं। दोनों को एक कद्दावर नेता का करीबी माना जाता है। फिर ऐसा क्या हुआ, जो दोनों मैदान में आमने-सामने आ गए। बुधवार को ब्लाॅक प्रमुख प्रतिनिधि ने कहा कि पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह उनके नेता हैं। यह बात अलग है कि पूर्व सांसद की तरफ से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। हां, पार्टी के नेताओं ने इस विवाद को उचित नहीं माना है।
विधायक बावन सिंह ने मंगलवार रात बयान दिया था कि कुछ लोग ब्लॉक प्रमुख का पैसा खाते हैं। उन्हें संरक्षण देते हैं। विधायक ने कहा कि उनका नाम लेना नहीं चाहते हैं। मगर ब्लॉक सभागार में बैठक रोकना सरेआम गुंडई है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।
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भाजपा के पंचायत प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय सह संयोजक राजेश तिवारी का कहना है कि जो भी हुआ दुर्भाग्यपूर्ण है। दोनों परिवार के ही हैं। दोनों को संयम बरतना चाहिए। पंचायत चुनाव पर इसके असर को लेकर उन्होंने कहा कि पार्टी धरातल पर काम कर रही है। जिला उपाध्यक्ष अनुपम मिश्र का कहना है कि प्रदेश नेतृत्व मामले में गंभीर है।
प्रमुख के समर्थन में आई सपा
मंगलवार को घटना के बाद देर रात सपा नेता विनोद कुमार शुक्ल ने प्रमुख प्रतिनिधि व उनके बेटों से मुलाकात की। उन्होंने पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए विधायक पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। वहीं, कटरा बाजार के पूर्व सपा विधायक बैजनाथ दूबे ने भी ब्लॉक प्रमुख को समर्थन देते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि यह लड़ाई वर्चस्व की है।
बवाल पर राजनीतिक बोल प्रशासनिक लापरवाही से हुई घटना : कांग्रेस
-कटरा बाजार ब्लॉक की घटना प्रशासनिक लापरवाही की देन है। कार्यक्रम जब पहले से तय था। सभी अधिकारियों को सूचना भी थी, तब पुलिसबल को रहना चाहिए था। सत्तादल के विधायक जाते हैं तो वैसे भी तमाम पुलिस रहती है। पूरी प्लानिंग के साथ घटना को अंजाम दिया गया है। ब्लॉक में ईंट-पत्थर कहां से आए, इसकी जांच होनी चाहिए?
-रामप्रताप सिंह, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
ब्राह्मणों को पीछे धकेल रही भाजपा : सपा
यह वर्चस्व की लड़ाई है। प्रमुख का ब्लॉक है। विधायक का पूरा क्षेत्र है। प्रमुख ब्राह्मण समुदाय का है, इसलिए कमजोर है। भाजपा सिर्फ ब्राह्मणों का वोट लेकर उन्हें पीछे धकेलने का काम कर रही है। सपा में सभी वर्गों का सम्मान है। भाजपा ब्राह्मणों को सिर्फ इस्तेमाल करती है।
-अरशद हुसैन, जिलाध्यक्ष सपा
यह वर्चस्व की लड़ाई है
-विधानसभा क्षेत्र कटरा के विधायक बावन सिंह और वहां के ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि भवानी भीख शुक्ल के समर्थकों के बीच मंगलवार को हुआ बवाल दोनों के वर्चस्व की लड़ाई है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को इसमें हस्तक्षेप कर दोनों को समझाकर मामला शांत कराना चाहिए। ऐसे मामले किसी भी राजनीतिक दल में हों, इससे पार्टी की छवि धूमिल होती है।
-मनोज कनौजिया, जिलाध्यक्ष बसपा
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कटरा बाजार विधायक व ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि के बीच मंगलवार को हुए टकराव ने भाजपा की चिंता बढ़ा दी है। पार्टी के भीतर चल रही खेमेबाजी के सतह पर आने से प्रदेश नेतृत्व हरकत में आया है। दोनों पक्षों से जवाब तलब किया गया है। पूरे घटनाक्रम पर सपा के साथ ही कांग्रेस ने भी सवाल उठाकर राजनीति को नई दिशा देने की कोशिश की है।
कटरा बाजार से भाजपा विधायक बावन सिंह हों या ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि भवानी भीख शुक्ला, दोनों भाजपा में होने के बाद भी अलग-अलग राह पर हैं। दोनों को एक कद्दावर नेता का करीबी माना जाता है। फिर ऐसा क्या हुआ, जो दोनों मैदान में आमने-सामने आ गए। बुधवार को ब्लाॅक प्रमुख प्रतिनिधि ने कहा कि पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह उनके नेता हैं। यह बात अलग है कि पूर्व सांसद की तरफ से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। हां, पार्टी के नेताओं ने इस विवाद को उचित नहीं माना है।
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विधायक बावन सिंह ने मंगलवार रात बयान दिया था कि कुछ लोग ब्लॉक प्रमुख का पैसा खाते हैं। उन्हें संरक्षण देते हैं। विधायक ने कहा कि उनका नाम लेना नहीं चाहते हैं। मगर ब्लॉक सभागार में बैठक रोकना सरेआम गुंडई है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।
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भाजपा के पंचायत प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय सह संयोजक राजेश तिवारी का कहना है कि जो भी हुआ दुर्भाग्यपूर्ण है। दोनों परिवार के ही हैं। दोनों को संयम बरतना चाहिए। पंचायत चुनाव पर इसके असर को लेकर उन्होंने कहा कि पार्टी धरातल पर काम कर रही है। जिला उपाध्यक्ष अनुपम मिश्र का कहना है कि प्रदेश नेतृत्व मामले में गंभीर है।
प्रमुख के समर्थन में आई सपा
मंगलवार को घटना के बाद देर रात सपा नेता विनोद कुमार शुक्ल ने प्रमुख प्रतिनिधि व उनके बेटों से मुलाकात की। उन्होंने पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए विधायक पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। वहीं, कटरा बाजार के पूर्व सपा विधायक बैजनाथ दूबे ने भी ब्लॉक प्रमुख को समर्थन देते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि यह लड़ाई वर्चस्व की है।
बवाल पर राजनीतिक बोल प्रशासनिक लापरवाही से हुई घटना : कांग्रेस
-कटरा बाजार ब्लॉक की घटना प्रशासनिक लापरवाही की देन है। कार्यक्रम जब पहले से तय था। सभी अधिकारियों को सूचना भी थी, तब पुलिसबल को रहना चाहिए था। सत्तादल के विधायक जाते हैं तो वैसे भी तमाम पुलिस रहती है। पूरी प्लानिंग के साथ घटना को अंजाम दिया गया है। ब्लॉक में ईंट-पत्थर कहां से आए, इसकी जांच होनी चाहिए?
-रामप्रताप सिंह, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
ब्राह्मणों को पीछे धकेल रही भाजपा : सपा
यह वर्चस्व की लड़ाई है। प्रमुख का ब्लॉक है। विधायक का पूरा क्षेत्र है। प्रमुख ब्राह्मण समुदाय का है, इसलिए कमजोर है। भाजपा सिर्फ ब्राह्मणों का वोट लेकर उन्हें पीछे धकेलने का काम कर रही है। सपा में सभी वर्गों का सम्मान है। भाजपा ब्राह्मणों को सिर्फ इस्तेमाल करती है।
-अरशद हुसैन, जिलाध्यक्ष सपा
यह वर्चस्व की लड़ाई है
-विधानसभा क्षेत्र कटरा के विधायक बावन सिंह और वहां के ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि भवानी भीख शुक्ल के समर्थकों के बीच मंगलवार को हुआ बवाल दोनों के वर्चस्व की लड़ाई है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को इसमें हस्तक्षेप कर दोनों को समझाकर मामला शांत कराना चाहिए। ऐसे मामले किसी भी राजनीतिक दल में हों, इससे पार्टी की छवि धूमिल होती है।
-मनोज कनौजिया, जिलाध्यक्ष बसपा