{"_id":"623a10d481556719ae59f16b","slug":"bar-association-suspention-gonda-news-lko62268279","type":"story","status":"publish","title_hn":"बार एसोसिएशन कर्नलगंज का चुनाव निरस्त करने के निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बार एसोसिएशन कर्नलगंज का चुनाव निरस्त करने के निर्देश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करनैलगंज (गोंडा)। बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश ने तहसील बार एसोसिएशन का चुनाव निरस्त कर पुन: चुनाव कराने का निर्देश अध्यक्ष एल्डर्स कमेटी को दिया है। मंगलवार को इस बात की जानकारी एल्डर्स कमेटी के अध्यक्ष बीके सिंह ने दी है।
उन्होंने बताया कि बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश द्वारा जिलाधिकारी गोंडा के माध्यम से भेजा गया पत्र प्राप्त हुआ। पूर्व में हुए तहसील बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के चुनाव को अवैध करार देते हुए निरस्त कर दिया गया है। पुन: मतदाता सूची तैयार कर 30 मार्च को उपस्थित होकर बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश को सूचित करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि पूर्व में चुनाव में 79 मतदाता अधिवक्ता ऐसे हैं जिनका बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश से रजिस्ट्रेशन नहीं है, और न ही उनके पास सीओपी नंबर है।
फिर भी मतदाता सूची के अनुसार चुनाव में उनके द्वारा मतदान किया गया है। ऐसे सभी अधिवक्ता विधि व्यवसाय नहीं कर सकते और न ही कहीं वकालत नामा लगा सकते हैं। बताया कि 30 मार्च के बाद बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार पुन: चुनाव की तिथि निर्धारित की जाएगी। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश द्वारा जिलाधिकारी गोंडा के माध्यम से भेजा गया पत्र प्राप्त हुआ। पूर्व में हुए तहसील बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के चुनाव को अवैध करार देते हुए निरस्त कर दिया गया है। पुन: मतदाता सूची तैयार कर 30 मार्च को उपस्थित होकर बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश को सूचित करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि पूर्व में चुनाव में 79 मतदाता अधिवक्ता ऐसे हैं जिनका बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश से रजिस्ट्रेशन नहीं है, और न ही उनके पास सीओपी नंबर है।
विज्ञापन
फिर भी मतदाता सूची के अनुसार चुनाव में उनके द्वारा मतदान किया गया है। ऐसे सभी अधिवक्ता विधि व्यवसाय नहीं कर सकते और न ही कहीं वकालत नामा लगा सकते हैं। बताया कि 30 मार्च के बाद बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार पुन: चुनाव की तिथि निर्धारित की जाएगी। (संवाद)
विज्ञापन