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Gonda News: फर्जी बैनामा कराने में आरोपी महिला की जमानत खारिज
Tue, 09 Jul 2024 10:52 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 09 Jul 2024 10:52 PM IST
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गोंडा। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कूटरचना, जालसाजी कर जमीन का बैनामा कराने के मामले में आरोपी महिला का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम भदुवा तरहर निवासी राजू वाजपेयी ने 22 नवंबर 2022 को कोतवाली नगर में केस दर्ज कराया। कहा कि 26 सितंबर 2015 को उसने अपने चाचा त्रिलोकी से ग्राम भदुवा तरहर स्थित जमीन पंजीकृत बैनामा के जरिए खरीदा था। जिस पर वह काबिज भी है। उसके गांव के बृजेश कुमार अवस्थी व उनके साथियों ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कराकर त्रिलोकी नाथ से कोतवाली नगर क्षेत्र के मोहल्ला सिविल लाइन गोंडा निवासी कमलेश त्रिपाठी पत्नी हरिशंकर के पक्ष में बैनामा करा दिया। इस संबंध में उपनिबंधक सदर ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि त्रिलोकी द्वारा कोई बैनामा पंजीकृत नहीं कराया गया है। मामले की विवेचना के दौरान पता चला कि कमलेश त्रिपाठी का वास्तविक नाम रमापति पत्नी त्रियुगी नरायण है और वह परसपुर थाना क्षेत्र के ग्राम खैराडीहा की रहने वाली है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान मुकदमे के तथ्य, परिस्थितियों एवं अपराध की गंभीरता को देखते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ राम दयाल ने आरोपी रमापति का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम भदुवा तरहर निवासी राजू वाजपेयी ने 22 नवंबर 2022 को कोतवाली नगर में केस दर्ज कराया। कहा कि 26 सितंबर 2015 को उसने अपने चाचा त्रिलोकी से ग्राम भदुवा तरहर स्थित जमीन पंजीकृत बैनामा के जरिए खरीदा था। जिस पर वह काबिज भी है। उसके गांव के बृजेश कुमार अवस्थी व उनके साथियों ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कराकर त्रिलोकी नाथ से कोतवाली नगर क्षेत्र के मोहल्ला सिविल लाइन गोंडा निवासी कमलेश त्रिपाठी पत्नी हरिशंकर के पक्ष में बैनामा करा दिया। इस संबंध में उपनिबंधक सदर ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि त्रिलोकी द्वारा कोई बैनामा पंजीकृत नहीं कराया गया है। मामले की विवेचना के दौरान पता चला कि कमलेश त्रिपाठी का वास्तविक नाम रमापति पत्नी त्रियुगी नरायण है और वह परसपुर थाना क्षेत्र के ग्राम खैराडीहा की रहने वाली है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान मुकदमे के तथ्य, परिस्थितियों एवं अपराध की गंभीरता को देखते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ राम दयाल ने आरोपी रमापति का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।