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Gonda News: जमीनें हड़पने के मास्टरमाइंड बृजेश की जमानत अर्जी खारिज
Sat, 08 Apr 2023 12:07 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 08 Apr 2023 12:07 AM IST
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गोंडा। कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जमीनें हड़पने के मास्टरमाइंड व भूमाफिया बृजेश कुमार अवस्थी की जमानत याचिका जिला जज ने खारिज कर दी है। उसके खिलाफ प्रशासन लगातार अभियान चला रहा है और दर्जनों बड़े मामलों में एसआईटी की जांच चल रही है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी बसंत कुमार शुक्ल ने बताया कि कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम भदुवा तरहर निवासी राम शंकर ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें कहा था कि 23 अक्तूबर 2018 को क्षेत्रीय लेखपाल ने फोन कर उसे बताया कि उसकी भूमिधरी जमीन के नामांतरण का आदेश ऊषा देवी पत्नी अशोक कुमार मिश्र निवासी सिविल लाइंस, गोंडा के पक्ष में 21 जून 2014 को हो गया है। अभिलेख देखने पर पता चला कि किसी फर्जी व्यक्ति के हस्तलेख में नामांतरण आदेश दर्ज किया गया है, मगर ऑनलाइन खतौनी में न तो कोई नामांतरण आदेश अंकित है और न ही किसी बैनामे का विवरण ही अंकित मिला।
बाद में पता चला कि गांव का बृजेश कुमार अवस्थी कूटरचित अंकना के आधार पर उसकी संपत्ति हथियाना चाहता है। ऊषा देवी उसकी सगी सास है। एसपी के आदेश पर नगर कोतवाली पुलिस ने 31 अक्तूबर 2018 को केस दर्ज कर अपराध शाखा के साथ विवेचना शुरू की। पुख्ता साक्ष्य के आधार पर नवंबर 2022 में बृजेश कुमार अवस्थी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
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बृजेश के जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता ने कहा कि आरोपी ने रैकेट बनाकर सरकारी अभिलेखों में छेड़छाड़ व कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जिले में तमाम लोगों की संपत्ति हड़प ली है। उसके खिलाफ इसी तरह के लगभग 50 केस दर्ज हैं। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान मुकदमे के तथ्य, साक्ष्य और आपराधिक इतिहास को देखते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश ब्रजेंद्र मणि त्रिपाठी ने आरोपी बृजेश कुमार अवस्थी का जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।
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जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी बसंत कुमार शुक्ल ने बताया कि कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम भदुवा तरहर निवासी राम शंकर ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें कहा था कि 23 अक्तूबर 2018 को क्षेत्रीय लेखपाल ने फोन कर उसे बताया कि उसकी भूमिधरी जमीन के नामांतरण का आदेश ऊषा देवी पत्नी अशोक कुमार मिश्र निवासी सिविल लाइंस, गोंडा के पक्ष में 21 जून 2014 को हो गया है। अभिलेख देखने पर पता चला कि किसी फर्जी व्यक्ति के हस्तलेख में नामांतरण आदेश दर्ज किया गया है, मगर ऑनलाइन खतौनी में न तो कोई नामांतरण आदेश अंकित है और न ही किसी बैनामे का विवरण ही अंकित मिला।
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बाद में पता चला कि गांव का बृजेश कुमार अवस्थी कूटरचित अंकना के आधार पर उसकी संपत्ति हथियाना चाहता है। ऊषा देवी उसकी सगी सास है। एसपी के आदेश पर नगर कोतवाली पुलिस ने 31 अक्तूबर 2018 को केस दर्ज कर अपराध शाखा के साथ विवेचना शुरू की। पुख्ता साक्ष्य के आधार पर नवंबर 2022 में बृजेश कुमार अवस्थी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
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बृजेश के जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता ने कहा कि आरोपी ने रैकेट बनाकर सरकारी अभिलेखों में छेड़छाड़ व कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जिले में तमाम लोगों की संपत्ति हड़प ली है। उसके खिलाफ इसी तरह के लगभग 50 केस दर्ज हैं। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान मुकदमे के तथ्य, साक्ष्य और आपराधिक इतिहास को देखते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश ब्रजेंद्र मणि त्रिपाठी ने आरोपी बृजेश कुमार अवस्थी का जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।