{"_id":"625ef4af9d91616fc60de81c","slug":"animal-vetnari-docter-pets-gonda-news-lko6268627186","type":"story","status":"publish","title_hn":"शुरू होगी पशु एंबुलेंस सेवा, बेजुबानों को घर पर मिलेगा इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शुरू होगी पशु एंबुलेंस सेवा, बेजुबानों को घर पर मिलेगा इलाज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोंडा। बेजुबान पशुओं को अब इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। उन्हें घर पर ही इलाज की सुविधा मुहैया होगी। इसके लिए बस टोल फ्री नंबर 1962 पर एक कॉल करना होगी। इस फोन कॉल पर पशु चिकित्सक की की टीम एंबुलेंस से घर सीधे घर पहुंचकर बीमार पशुओं का इलाज करेगी। इतना ही नहीं जरूरत पड़ने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए पशु चिकित्सालय भी लाया जा सकेगा। इसके लिए जिले में पशु एंबुलेंस सेवा शुरू की जा रही है। शासन की तरफ से इस सेवा के लिए आठ एंबुलेंस वाहन भी विभाग को उपलब्ध कराए गए हैं। टोल फ्री नंबर पर फोन करते ही पशु चिकित्सक, लैब टेक्नीशियन व सहायकों से लैस टीम पशु एंबुलेंस से पहुंचकर इलाज की सुविधा मुहैया कराएगी।
अभी तक चिकित्सकों व संसाधनों की कमी के चलते पशुओं को इलाज के लिए चिकित्सालय तक की दौड़ लगानी पड़ती है। ऐसे में निजी चिकित्सकों से महंगा इलाज न करा पाने के कारण काफी संख्या में मवेशियों की मौत तक हो जाती है। इस परेशानी से बचाने के लिए जिले में अब मवेशियों के इलाज के लिए भी डायल 102-108 की तर्ज पर डायल 1962 पशु एंबुलेंस सेवा की शुरूआत भी अगले माह से होगी। यह जानकारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रवींद्र सिंह राठौर ने दी। इसके लिए प्रति एक लाख मवेशियों पर एक मोबाइल चिकित्सीय सेवा वैन की तैनाती की जाएगी।
जिले को मिलेगी आठ एंबुलेंस
जिलेें में करीब आठ लाख मवेशी हैं, जिनमें पालतू, गो-आश्रय केंद्रों के व बेसहारा मवेशी शामिल हैं। इसके अनुसार जिले के लिए आठ एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाएंगी। इसमें एक वेटनरी चिकित्सक, एक सहायक, लैब टेक्नीशियन, एक फार्मासिस्ट व एक चालक की मौजूदगी रहेगी। दवाओं की किट व उपकरण भी उपलब्ध रहेंगे। मवेशियों के खून, मूत्र व मल की जांच के लिए एंबुलेंस में ही लैब की भी सुविधा रहेगी। यह सेवा 24 घंटे जारी रहेगी। मौके पर उच्च चिकित्सीय सेवा की जरूरत महसूस होने पर सीनियर वेटनरी चिकित्सक को बुलाया जाएगा।
विज्ञापन
जीवीके करेगा संचालन
डायल 102 व 108 की तर्ज पर इस एंबुलेंस का भी संचालन जीवीकेईएमआरआई कंपनी की ओर से ही किया जाएगा। शासन की तरफ से इसके लिए टोल फ्री नंबर 1962 जारी किया गया है। इस नंबर पर पशुपालक फोन कर सेवा का निशुल्क लाभ उठा सकेंगे।
विज्ञापन
अभी तक चिकित्सकों व संसाधनों की कमी के चलते पशुओं को इलाज के लिए चिकित्सालय तक की दौड़ लगानी पड़ती है। ऐसे में निजी चिकित्सकों से महंगा इलाज न करा पाने के कारण काफी संख्या में मवेशियों की मौत तक हो जाती है। इस परेशानी से बचाने के लिए जिले में अब मवेशियों के इलाज के लिए भी डायल 102-108 की तर्ज पर डायल 1962 पशु एंबुलेंस सेवा की शुरूआत भी अगले माह से होगी। यह जानकारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रवींद्र सिंह राठौर ने दी। इसके लिए प्रति एक लाख मवेशियों पर एक मोबाइल चिकित्सीय सेवा वैन की तैनाती की जाएगी।
विज्ञापन
जिले को मिलेगी आठ एंबुलेंस
जिलेें में करीब आठ लाख मवेशी हैं, जिनमें पालतू, गो-आश्रय केंद्रों के व बेसहारा मवेशी शामिल हैं। इसके अनुसार जिले के लिए आठ एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाएंगी। इसमें एक वेटनरी चिकित्सक, एक सहायक, लैब टेक्नीशियन, एक फार्मासिस्ट व एक चालक की मौजूदगी रहेगी। दवाओं की किट व उपकरण भी उपलब्ध रहेंगे। मवेशियों के खून, मूत्र व मल की जांच के लिए एंबुलेंस में ही लैब की भी सुविधा रहेगी। यह सेवा 24 घंटे जारी रहेगी। मौके पर उच्च चिकित्सीय सेवा की जरूरत महसूस होने पर सीनियर वेटनरी चिकित्सक को बुलाया जाएगा।
विज्ञापन
जीवीके करेगा संचालन
डायल 102 व 108 की तर्ज पर इस एंबुलेंस का भी संचालन जीवीकेईएमआरआई कंपनी की ओर से ही किया जाएगा। शासन की तरफ से इसके लिए टोल फ्री नंबर 1962 जारी किया गया है। इस नंबर पर पशुपालक फोन कर सेवा का निशुल्क लाभ उठा सकेंगे।