{"_id":"689a3028b16780c67508df68","slug":"anganwadi-worker-played-the-duty-of-a-mother-for-severely-malnourished-children-gonda-news-c-100-1-gon1001-142180-2025-08-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: अति कुपोषित बच्चों के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने निभाया मां का फर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: अति कुपोषित बच्चों के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने निभाया मां का फर्ज
Mon, 11 Aug 2025 11:32 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 11 Aug 2025 11:32 PM IST
विज्ञापन
गोंडा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता फूलकुमारी ने अति कुपोषित बच्चों की मां की तरह देखभाल कर ममता की मिसाल कायम की है। पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में 14 दिन तक भर्ती बच्चों का फॉलोअप कर उनकी जान बचाने में फूलकुमारी ने अहम भूमिका निभाई। विभाग की ओर से उन्हें सम्मानित किया गया है।
मुजेहना के शाहपुर बनकट निवासी एक नवजात अति कुपोषण का शिकार था। आंगनबाड़ी केंद्र कोल्हुआ द्वितीय की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता फूलकुमारी के सर्वे में पता चला कि बच्चे का जन्म आठवें महीने में ही हो गया है। उसका वजन मात्र दो किलो 400 ग्राम है। एएनएम ने बच्चे की हालत गंभीर बताई। इसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता फूलकुमारी ने बच्चे के प्रति ममता का भाव दिखाते हुए आठ मई 2025 को उसे मेडिकल कॉलेज स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया। पहले 14 दिन तक नवजात भर्ती रहा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने एनआरसी के स्टाफ से प्रतिदिन फोन कर नवजात का फॉलोअप किया। चार दिन वह खुद एनआरसी में देखने गईं। 22 मई को डिस्चार्ज होने के बाद नवजात का वजन तीन किलो 100 ग्राम हो गया। घर जाने के बाद प्रतिदिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पहुंचकर उचित पोषण के तरीके बताती रहीं। गांव की एक बच्ची जिसका वजन तीन किलो 100 ग्राम था। इस अतिकुपोषित बच्ची को उन्होंने नौ जुलाई 2025 को एनआरसी में भर्ती कराया। 14 दिन तक बेहतर फॉलोअप करने के बाद बच्ची का वजन चार किलो हो गया। सीडीपीओ अभिषेक दूबे ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता फूलकुमारी को सम्मानित किया है।
विज्ञापन
मुजेहना के शाहपुर बनकट निवासी एक नवजात अति कुपोषण का शिकार था। आंगनबाड़ी केंद्र कोल्हुआ द्वितीय की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता फूलकुमारी के सर्वे में पता चला कि बच्चे का जन्म आठवें महीने में ही हो गया है। उसका वजन मात्र दो किलो 400 ग्राम है। एएनएम ने बच्चे की हालत गंभीर बताई। इसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता फूलकुमारी ने बच्चे के प्रति ममता का भाव दिखाते हुए आठ मई 2025 को उसे मेडिकल कॉलेज स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया। पहले 14 दिन तक नवजात भर्ती रहा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने एनआरसी के स्टाफ से प्रतिदिन फोन कर नवजात का फॉलोअप किया। चार दिन वह खुद एनआरसी में देखने गईं। 22 मई को डिस्चार्ज होने के बाद नवजात का वजन तीन किलो 100 ग्राम हो गया। घर जाने के बाद प्रतिदिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पहुंचकर उचित पोषण के तरीके बताती रहीं। गांव की एक बच्ची जिसका वजन तीन किलो 100 ग्राम था। इस अतिकुपोषित बच्ची को उन्होंने नौ जुलाई 2025 को एनआरसी में भर्ती कराया। 14 दिन तक बेहतर फॉलोअप करने के बाद बच्ची का वजन चार किलो हो गया। सीडीपीओ अभिषेक दूबे ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता फूलकुमारी को सम्मानित किया है।
विज्ञापन