फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   After three and a half years, Ramlali got her inheritance rights

Gonda News: साढ़े तीन साल बाद रामलली को मिला वरासत में हक

Mon, 12 Jan 2026 11:19 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Mon, 12 Jan 2026 11:19 PM IST
विज्ञापन
After three and a half years, Ramlali got her inheritance rights
मां पाटेश्वरी संवाद में महिलाओं की पीड़ा सुनते मंडलायुक्त श​शि भूषण लाल सुशील। -संवाद
गोंडा। सरकारी दफ्तरों की चौखट पर साढ़े तीन साल तक भटकने के बाद विधवा रामलली को आखिरकार वह अधिकार मिल ही गया, जिसकी वह हकदार थीं। मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद में उन्हें न सिर्फ सुना गया, बल्कि एक घंटे के भीतर न्याय भी दिया गया।
विज्ञापन

करनैलगंज के शाहजोत निवासी रामलली की जिंदगी 12 जुलाई 2022 को उस समय बदल गई, जब उनके पति शिवप्रसाद का निधन हो गया। पति की मृत्यु के बाद लेखपाल की ओर से कराई गई वरासत में बेटों के नाम तो दर्ज कर दिए गए, लेकिन पत्नी रामलली का नाम दस्तावेजों से गायब रहा। यह चूक उनके लिए अभिशाप बन गई। विधवा होने के बावजूद वह अपने हक से वंचित रह गईं। रामलली ने बताया कि उन्होंने तहसील से लेकर अन्य अधिकारियों तक से कई बार गुहार लगाई, लेकिन हर बार आश्वासन ही मिला। समय बीतता गया, दर्द गहराता गया और उम्मीदें टूटती चली गईं।
विज्ञापन

सोमवार को आयुक्त सभागार में मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद में रामलली ने अपनी पीड़ा अधिकारियों के सामने रखीं। मंडलायुक्त शशिभूषण लाल सुशील ने गंभीरता दिखाई और मौके पर ही करनैलगंज की एसडीएम नेहा मिश्रा को फोन करके तत्काल वरासत में नाम दर्ज कराने के निर्देश दिए। करीब एक घंटे के भीतर ही नाम दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

करनैलगंज तहसील के मंगुरा गांव की रहने वाली ज्ञानवती ने आबादी की जमीन पर कब्जा और रास्ता रोके जाने की शिकायत रखी। मंडलायुक्त ने मामले को गंभीर मानते हुए एसडीएम को फोन करके तत्काल रास्ता दिलाने के निर्देश दिए। महिलाओं की इस विशेष सुनवाई में 15 शिकायतें आईं, इनमें से कई मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। इस दौरान अपर आयुक्त मीनू राणा, वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी चेतना सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

इन्होंने भी बयां की पीड़ा
जनसुनवाई के दौरान एक महिला ने अपनी व्यथा सुनाई। बताया कि माता-पिता का निधन हो चुका है और परिवार में कोई भाई जीवित नहीं है। वर्तमान में वह और उसकी बहन ही परिवार की वैध उत्तराधिकारी हैं, जिनके नाम ग्राम नरहरपुर, तहसील मनकापुर में राजस्व अभिलेखों में वरासत के रूप में दर्ज हैं। महिला ने बताया कि आवास विकास कॉलोनी की भरतपुरी योजना स्थित मकान संख्या-264 में नगर पालिका स्तर पर वरासत दर्ज कराने के लिए परिवाकीजन के प्रमाणपत्र की आवश्यकता है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी सदर को आवेदन दिया गया था, जिसे जांच के लिए तहसील मनकापुर भेजा गया। वहां परिवार रजिस्टर की नकल मांगी गई, लेकिन ग्राम पंचायत की ओर से नकल देने से इन्कार कर दिया गया। पीड़िता ने मामले में हस्तक्षेप कर कार्रवाई की मांग की। कौड़िया क्षेत्र के ग्राम लोनियनपुरवा निवासी विद्यावती ने विवादित भूमि पर अवैध कब्जा और निर्माण कार्य रोके जाने की मांग की। तरबगंज क्षेत्र के ग्राम गढ़ी निवासी कबूतरा ने भी अपनी भूमि पर अवैध कब्जे का मामला उठाते हुए न्याय की गुहार लगाई। सभी मामलों में कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed