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Gonda News: मौत के बाद प्रसूता को डॉक्टर ने कर दिया रेफर
Fri, 16 Jun 2023 11:22 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 16 Jun 2023 11:22 PM IST
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गोंडा। वार्ड में प्रसूता तड़पती रही और तीमारदारों के बार-बार कहने पर भी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर व स्टाफ नर्स ने इलाज नहीं किया। नतीजतन प्रसूता की मौत हो गई। जमकर हंगामा हुआ और मुख्यमंत्री तक से शिकायत की गई मगर जिला महिला अस्पताल में लापरवाही नहीं कम हुई। नतीजतन शुक्रवार को एक और प्रसूता की मौत हो गई। आरोप है कि जिम्मेदारी से बचने के लिए डॉक्टर ने हालत गंभीर बताकर शव को ही लखनऊ रेफर कर दिया।
तीमारदारों के मुताबिक शक हुआ तो तुरंत पास के निजी अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टर ने बताया कि प्रसूता की तो पहले ही मौत हो चुकी है। परिजनों ने मामले में मुख्यमंत्री समेत उच्चाधिकारियों से शिकायत करने की बात कही है।
हलधरमऊ के भटनैया निवासी मनीष शुक्ल ने अपनी भाभी नंदिनी दुबे (28) को बुधवार को प्रसव पीड़ा होने पर जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। बृहस्पतिवार दोपहर डॉ. दीपमाला ने ऑपरेशन कर सुरक्षित प्रसव कराया। तीन किलो वजन की स्वस्थ बच्ची पैदा हुई, मगर शुक्रवार को प्रसूता के शरीर में अचानक तेज दर्द शुरू हो गया।
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स्टाफ नर्स ने उपचार किया मगर हालत गंभीर होती गई। परिजन मनीष की मानें तो प्रसूता की मौत हो गई, फिर भी डॉक्टर ने गंभीर बताकर उसे लखनऊ रेफर कर दिया। प्रसूता बेजान थी। तीमारदारों का आरोप है कि उन्हें प्रसूता के जीवित न होने का शक हुआ। ऐसे में वह प्रसूता को पास के ही निजी अस्पताल में ले गया, जहां देखते ही डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया कि प्रसूता की तो पहले ही मौत हो चुकी है।
नंदिनी दुबे के तीमारदारों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद कोई डॉक्टर राउंड करने नहीं गया। फिर मौत होने पर जवाबदेही से बचने के लिए डॉक्टर ने हालत नाजुक बताकर लखनऊ रेफर किया। वहीं, डॉ. दीपमाला ने कहा कि बृहस्पतिवार रात दस बजे उन्होंने राउंड के समय नंदिनी दुबे को देखा था। तब वह पूर्ण रूप से स्वस्थ थी।
नंदिनी दुबे ने बृहस्पतिवार को बेटी को जन्म दिया था। उस समय तक सब कुछ ठीक था। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ थे। शुक्रवार को अचानक नंदिनी की मौत होने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, नवजात के सिर से मां का साया छिन गया।
ऑपरेशन के बाद जिला महिला अस्पताल में भर्ती तीन और प्रसूता को गंभीर बताकर शुक्रवार को रेफर कर दिया गया। सुनीता पत्नी सुनील, प्रीति पत्नी कप्तान व मधु पत्नी शिवकुुमार को गंभीर हालत में लखनऊ में केजीएमयू के क्वीन मेरी अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
जिला महिला अस्पताल में बुधवार को हुई केशवपुर पहड़वा के महादेवा निवासी नंदिनी गिरि की मौत के बाद परिजनों के आरोप पर जांच शुरू हुई है। जांच टीम ने आरोपी डॉक्टरों सहित 15 स्वास्थ्य कर्मियों का बयान दर्ज किया। प्रसूता के परिजनों का बयान भी दर्ज किया जाएगा।
जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. शालू महेश का कहना है कि आकस्मिक अवकाश पर होने के कारण मुझे मामले की जानकारी नहीं है। किस कारण प्रसूता को रेफर किया गया इसकी जानकारी डॉक्टरों से ली जाएगी। आईसीयू की व्यवस्था न होने के कारण गंभीर मरीजों को रेफर करना पड़ता है।
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तीमारदारों के मुताबिक शक हुआ तो तुरंत पास के निजी अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टर ने बताया कि प्रसूता की तो पहले ही मौत हो चुकी है। परिजनों ने मामले में मुख्यमंत्री समेत उच्चाधिकारियों से शिकायत करने की बात कही है।
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हलधरमऊ के भटनैया निवासी मनीष शुक्ल ने अपनी भाभी नंदिनी दुबे (28) को बुधवार को प्रसव पीड़ा होने पर जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। बृहस्पतिवार दोपहर डॉ. दीपमाला ने ऑपरेशन कर सुरक्षित प्रसव कराया। तीन किलो वजन की स्वस्थ बच्ची पैदा हुई, मगर शुक्रवार को प्रसूता के शरीर में अचानक तेज दर्द शुरू हो गया।
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स्टाफ नर्स ने उपचार किया मगर हालत गंभीर होती गई। परिजन मनीष की मानें तो प्रसूता की मौत हो गई, फिर भी डॉक्टर ने गंभीर बताकर उसे लखनऊ रेफर कर दिया। प्रसूता बेजान थी। तीमारदारों का आरोप है कि उन्हें प्रसूता के जीवित न होने का शक हुआ। ऐसे में वह प्रसूता को पास के ही निजी अस्पताल में ले गया, जहां देखते ही डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया कि प्रसूता की तो पहले ही मौत हो चुकी है।
नंदिनी दुबे के तीमारदारों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद कोई डॉक्टर राउंड करने नहीं गया। फिर मौत होने पर जवाबदेही से बचने के लिए डॉक्टर ने हालत नाजुक बताकर लखनऊ रेफर किया। वहीं, डॉ. दीपमाला ने कहा कि बृहस्पतिवार रात दस बजे उन्होंने राउंड के समय नंदिनी दुबे को देखा था। तब वह पूर्ण रूप से स्वस्थ थी।
नंदिनी दुबे ने बृहस्पतिवार को बेटी को जन्म दिया था। उस समय तक सब कुछ ठीक था। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ थे। शुक्रवार को अचानक नंदिनी की मौत होने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, नवजात के सिर से मां का साया छिन गया।
ऑपरेशन के बाद जिला महिला अस्पताल में भर्ती तीन और प्रसूता को गंभीर बताकर शुक्रवार को रेफर कर दिया गया। सुनीता पत्नी सुनील, प्रीति पत्नी कप्तान व मधु पत्नी शिवकुुमार को गंभीर हालत में लखनऊ में केजीएमयू के क्वीन मेरी अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
जिला महिला अस्पताल में बुधवार को हुई केशवपुर पहड़वा के महादेवा निवासी नंदिनी गिरि की मौत के बाद परिजनों के आरोप पर जांच शुरू हुई है। जांच टीम ने आरोपी डॉक्टरों सहित 15 स्वास्थ्य कर्मियों का बयान दर्ज किया। प्रसूता के परिजनों का बयान भी दर्ज किया जाएगा।
जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. शालू महेश का कहना है कि आकस्मिक अवकाश पर होने के कारण मुझे मामले की जानकारी नहीं है। किस कारण प्रसूता को रेफर किया गया इसकी जानकारी डॉक्टरों से ली जाएगी। आईसीयू की व्यवस्था न होने के कारण गंभीर मरीजों को रेफर करना पड़ता है।