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Gonda News: संजय सेतु पर 8.96 करोड़ से बनेगा पीपे का टू लेन पुल
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गोंडा। देवीपाटन मंडल को राजधानी लखनऊ से जोड़ने वाले संजय सेतु की मरम्मत से पहले 8.96 करोड़ रुपये से पीपे का टू लेन पुल बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। 500 मीटर वाले संजय सेतु की मरम्मत से पहले बनने वाले पुल में करीब 208 पीपे की आवश्यकता है।
देवीपाटन मंडल के मुख्य अभियंता अखिलेश दिवाकर ने बताया कि लोक निर्माण विभाग बहराइच ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार किया है। इसे शासन को भेजा जा रहा है। वहीं, सोमवार को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) अधिकारियों ने इस मुद्दे पर शासन के वरिष्ठ अफसरों से मुलाकात की। इस बीच स्पष्ट हो गया है कि पीपे का पुल तैयार होने के बाद ही संजय सेतु पर आवागमन रोका जाएगा और फिर मरम्मत शुरू होगी।
एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर नकुल प्रकाश ने बताया कि पहले 10 फरवरी से सेतु पर यातायात बंद कर मरम्मत शुरू करने की योजना थी, लेकिन शासन ने जनहित को देखते हुए निर्देश दिया है कि पहले वैकल्पिक मार्ग के रूप में पीपे का पुल बनाया जाए। इसके बाद ही मुख्य पुल को बंद कर मरम्मत कार्य प्रारंभ हो। इसके लिए हमने तैयारी शुरू कर दी है। लोक निर्माण विभाग बहराइच के अधिशासी अभियंता अमर सिंह ने बताया कि विभागीय स्तर पर प्रक्रिया चल रही है। तकनीकी व प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होते ही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
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इस मार्ग पर मरम्मत से पहले पीपे के पुल का प्रस्ताव सबसे पहले गोंडा की डीएम प्रियंका निरंजन ने जनहित में रखा था। बाद में जिले के पांचों विधायकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर इस मांग को मजबूती से उठाया, जिसके बाद शासन स्तर पर सहमति बनी।
लोगों ने सराहा फैसला
-परसपुर विकास मंच के अध्यक्ष डॉ. एके सिंह का कहना है कि वैकल्पिक मार्ग बनना बेहद जरूरी है। इससे सबसे ज्यादा लाभ गंभीर मरीजों को मिलेगा। असल में आपात स्थिति में गंभीर मरीजों के लिए एक-एक मिनट कीमती होता है।
-युवा सोच के अनिल सिंह ने कहा कि यह पूरी तरह जनहित का निर्णय है। इससे गोंडा ही नहीं, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती और नेपाल आने-जाने वालों को भी बड़ी सहूलियत मिलेगी।
संजय सेतु को बंद करने की चर्चाओं पर बाराबंकी जिला प्रशासन ने भी लगाया विराम
बाराबंकी। संजय सेतु के 10 फरवरी से बंद होने की चर्चाओं पर बाराबंकी जिला प्रशासन ने भी विराम लगा दिया है। डीएम शशांक त्रिपाठी ने सोमवार को स्पष्ट किया कि पुल को बंद करने या उसकी मरम्मत को लेकर उनके स्तर से कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।
डीएम ने कहा कि महादेवा में शिवरात्रि और फाल्गुनी मेले के कारण बड़ी संख्या में कांवड़िये पुल से होकर आवागमन कर रहे हैं। ऐसे में संजय सेतु का चालू रहना यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिहाज से भी अहम है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। इस संबंध में उनसे न तो किसी प्रकार की अनापत्ति मांगी गई है और न ही इसे लेकर कोई निर्देश जारी किए गए हैं। संवाद
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देवीपाटन मंडल के मुख्य अभियंता अखिलेश दिवाकर ने बताया कि लोक निर्माण विभाग बहराइच ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार किया है। इसे शासन को भेजा जा रहा है। वहीं, सोमवार को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) अधिकारियों ने इस मुद्दे पर शासन के वरिष्ठ अफसरों से मुलाकात की। इस बीच स्पष्ट हो गया है कि पीपे का पुल तैयार होने के बाद ही संजय सेतु पर आवागमन रोका जाएगा और फिर मरम्मत शुरू होगी।
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एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर नकुल प्रकाश ने बताया कि पहले 10 फरवरी से सेतु पर यातायात बंद कर मरम्मत शुरू करने की योजना थी, लेकिन शासन ने जनहित को देखते हुए निर्देश दिया है कि पहले वैकल्पिक मार्ग के रूप में पीपे का पुल बनाया जाए। इसके बाद ही मुख्य पुल को बंद कर मरम्मत कार्य प्रारंभ हो। इसके लिए हमने तैयारी शुरू कर दी है। लोक निर्माण विभाग बहराइच के अधिशासी अभियंता अमर सिंह ने बताया कि विभागीय स्तर पर प्रक्रिया चल रही है। तकनीकी व प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होते ही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
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इस मार्ग पर मरम्मत से पहले पीपे के पुल का प्रस्ताव सबसे पहले गोंडा की डीएम प्रियंका निरंजन ने जनहित में रखा था। बाद में जिले के पांचों विधायकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर इस मांग को मजबूती से उठाया, जिसके बाद शासन स्तर पर सहमति बनी।
लोगों ने सराहा फैसला
-परसपुर विकास मंच के अध्यक्ष डॉ. एके सिंह का कहना है कि वैकल्पिक मार्ग बनना बेहद जरूरी है। इससे सबसे ज्यादा लाभ गंभीर मरीजों को मिलेगा। असल में आपात स्थिति में गंभीर मरीजों के लिए एक-एक मिनट कीमती होता है।
-युवा सोच के अनिल सिंह ने कहा कि यह पूरी तरह जनहित का निर्णय है। इससे गोंडा ही नहीं, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती और नेपाल आने-जाने वालों को भी बड़ी सहूलियत मिलेगी।
संजय सेतु को बंद करने की चर्चाओं पर बाराबंकी जिला प्रशासन ने भी लगाया विराम
बाराबंकी। संजय सेतु के 10 फरवरी से बंद होने की चर्चाओं पर बाराबंकी जिला प्रशासन ने भी विराम लगा दिया है। डीएम शशांक त्रिपाठी ने सोमवार को स्पष्ट किया कि पुल को बंद करने या उसकी मरम्मत को लेकर उनके स्तर से कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।
डीएम ने कहा कि महादेवा में शिवरात्रि और फाल्गुनी मेले के कारण बड़ी संख्या में कांवड़िये पुल से होकर आवागमन कर रहे हैं। ऐसे में संजय सेतु का चालू रहना यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिहाज से भी अहम है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। इस संबंध में उनसे न तो किसी प्रकार की अनापत्ति मांगी गई है और न ही इसे लेकर कोई निर्देश जारी किए गए हैं। संवाद