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दीपावली पर 20 करोड़ के गूंजे पटाखे
Gonda
Updated Sat, 25 Oct 2014 05:31 AM IST
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गोंडा। दीपावली पर्व पर जिले में गुरुवार को हर ओर उल्लास का माहौल रहा। घरों की छतों और मुंडेरों पर जल रहे दीयों और मोमबत्तियों से निराली छटा नजर आई। वहीं, बिजली की झिलमिलाती झालरों से पूरा शहर रोशनी से नहाया नजर आया। सरकारी, गैरसरकारी व निजी संस्थानों के साथ ही लोगों ने अपने-अपने घरों में मां लक्ष्मी व भगवान गणेश की पूजा की। शाम से शुरू हुई आतिशबाजी का दौर देर रात तक चला। एक अनुमान के मुताबिक इस साल 20 करोड़ रुपये के पटाखों के साथ ही करीब 16 करोड़ रुपये की मिठाई का कारोबार हुआ। गुरुवार सुबह से ही बाजारों में भी काफी भीड़ नजर आई। खासकर मिठाई, कपड़े और पटाखों की दुकानों पर लोग नजर आए।
...इसलिए है विशेष महत्व
गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली भी गोंडा में ही पड़ती है। इस कारण यहां दशहरा और दीपावली त्योहार का विशेष महत्व है। माना जाता है कि दीपावली के दिन भगवान श्रीराम वनवास पूरा करके अयोध्या लौटे थे। जिसकी खुशी में लोग दीप जलाकर उनका स्वागत करते हैं औैर अपने घरों को इस तरह से सजाते हैं, जिससे कि उनके जीवन में अंधकार की छाया न पड़ने पाए।
बिजली की झालरों ने बढ़ाई शोभा
रोशनी के पर्व में पहले लोग अपने घरों में घी के दीये जलाते थे, लेकिन अब इन दीयों की जगह झालरों ने ले ली है। गुरुवार को गांव और शहर का एक-एक कोना बिजली की झालरों की रोशनी में नहाया दिखा।
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घर-घर बने पकवान
गुरुवार को घर-घर स्वादिष्ट पकवान बने। घरों में कांद की सब्जी बनाने के लिए इसकी खरीददारी भी खूब हुई। मिठाई की दुकानों में भी लोगों की लाइन लगी रही। सबसे ज्यादा मांग सूखी मिठाइयों की रही। मिठाई कारोबारी मोहन कृपलानी और संतोष के अनुसार दीपावली पर एक अनुमान के मुताबिक मिठाई का 16 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है।
हर किसी ने उठाया आतिशबाजी का लुत्फ
दीपावली पर बच्चे तो बच्चे बड़ों ने भी जमकर आतिशबाजी का लुत्फ उठाया। शाम से शुरू हुआ आतिशबाजी का दौर देर रात तक चला। रोशनी के माहौल में किसी ने फुलझड़ी जलाई तो किसी ने बम, अनार समेत अन्य पटाखे दागे। पटाखा विक्रेता डब्बू श्रीवास्तव और करीमउल्ला की मानें तो दीपावली पर इस पर करीब 20 करोड़ रुपये के पटाखे बिके।
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...इसलिए है विशेष महत्व
गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली भी गोंडा में ही पड़ती है। इस कारण यहां दशहरा और दीपावली त्योहार का विशेष महत्व है। माना जाता है कि दीपावली के दिन भगवान श्रीराम वनवास पूरा करके अयोध्या लौटे थे। जिसकी खुशी में लोग दीप जलाकर उनका स्वागत करते हैं औैर अपने घरों को इस तरह से सजाते हैं, जिससे कि उनके जीवन में अंधकार की छाया न पड़ने पाए।
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बिजली की झालरों ने बढ़ाई शोभा
रोशनी के पर्व में पहले लोग अपने घरों में घी के दीये जलाते थे, लेकिन अब इन दीयों की जगह झालरों ने ले ली है। गुरुवार को गांव और शहर का एक-एक कोना बिजली की झालरों की रोशनी में नहाया दिखा।
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घर-घर बने पकवान
गुरुवार को घर-घर स्वादिष्ट पकवान बने। घरों में कांद की सब्जी बनाने के लिए इसकी खरीददारी भी खूब हुई। मिठाई की दुकानों में भी लोगों की लाइन लगी रही। सबसे ज्यादा मांग सूखी मिठाइयों की रही। मिठाई कारोबारी मोहन कृपलानी और संतोष के अनुसार दीपावली पर एक अनुमान के मुताबिक मिठाई का 16 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है।
हर किसी ने उठाया आतिशबाजी का लुत्फ
दीपावली पर बच्चे तो बच्चे बड़ों ने भी जमकर आतिशबाजी का लुत्फ उठाया। शाम से शुरू हुआ आतिशबाजी का दौर देर रात तक चला। रोशनी के माहौल में किसी ने फुलझड़ी जलाई तो किसी ने बम, अनार समेत अन्य पटाखे दागे। पटाखा विक्रेता डब्बू श्रीवास्तव और करीमउल्ला की मानें तो दीपावली पर इस पर करीब 20 करोड़ रुपये के पटाखे बिके।