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केरोसिन कालाबाजारी का भंडाफोड़
Gonda
Updated Fri, 20 Jun 2014 05:31 AM IST
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करनैलगंज (गोंडा)। गुरुवार सुबह साढ़े चार बजे तेल गोदाम में एसडीएम रामअभिलाष ने भारी मात्रा में यहां से होने वाली मिट्टी के तेल की कालाबाजारी का भंडाफोड किया तो वहीं पूर्ति विभाग की तरफ से मामले की जांच करने जब तक लोग गोदाम पहुंचते, उन नौ तेल लदे ड्रमों को भी कालाबाजारियों ने बदल दिया। जिन पर छापेमारी के वक्त न तो ग्राम पंचायत का नाम लिखा था न ही कोटेदार का। पूर्ति विभाग के एआरओ जब मौके पर पहुंचे तो उन्हें ड्रमों पर ग्राम पंचायत व कोटेदार का नाम अंकित मिला। कोटेदारों को दिए जाने वाले तेल की लोडिंग आयल गोदाम में सुबह नौ से पांच बजे के बीच ही की जाती है। लेकिन करनैलगंज स्थित प्रगतिशील आयल कंपनी में इसकी भराई रात में ही जाती है। सुबह साढ़े चार बजे करनैलगंज एसडीएम रामअभिलाष ने जब तेल गोदाम पर छापेमारी की तो उन्हें वहां तीन गाड़ियां खड़ी नजर आईं। इसमें से खड़ीं दो गाड़ियों में एक पर नौ ड्रम तेल से भरे लदे थे तो दूसरी पर लदे 14 ड्रमों में से केवल तीन में ही तेल भरा था, जबकि चौथे में तेल भरा जा रहा था। एसडीएम की छापेमारी से पहले यहां कई कोटेदार भी मौजूद थे, लेकिन उनके आते ही वे भाग गए। मौके से दो वाहन चालक सहित कुल चार लोग पकड़े गए। जिन्हें एसडीएम की तरफ से पुलिस को सौंप दिया गया और खड़े मिले तीन वाहनों और उन पर लदे मिट्टी के तेल की जांच की जिम्मेदारी एसडीएम ने पूर्ति विभाग को दे दी। मौके पर जिस एक वाहन में मिट्टी के तेल लदे नौ ड्रम पाए गए। उनमें एसडीएम की छापेमारी के दौरान किसी का भी नाम नहीं लिखा था। इसलिए एसडीएम ने उसे तेल गोदाम में ही छोड़ दिया, जबकि दो अन्य वाहनों को वह कोतवाली ले आए। उधर, सुबह आठ बजे जब पूर्ति विभाग के लोग जांच को गोदाम पहुंचे तो उन्हें एक गाड़ी पर जो तेल से लदे ड्रम दिखाई दिए, उन पर ग्राम पंचायत का नाम सरैंया व प्रधान का नाम रामराखन अंकित मिला। पूर्ति विभाग के जांच अधिकारी एआरओ रामश्रंगार वर्मा ने बताया कि वह जब गोदाम पहुंचे तो उन्हें एक वाहन पर लदे मिले नौ ड्रमों में ग्राम पंचायत व प्रधान का नाम अंकित मिला है। जबकि असलियत तो यह है कि एसडीएम की छापेमारी में इन ड्रमोें पर किसी का भी नाम नहीं लिखा था। ऐसे में कालाबाजारियों ने एसडीएम के जाते ही इन ड्रमों को बदल डाला। एसडीएम राम अभिलाष ने बताया कि पूर्ति विभाग के लोग जांच अगर निष्पक्ष ढंग से नहीं करते हैं तो यह जांच किसी अन्य से कराई जाएगी। क्योंकि उनकी छापेमारी में तेल लदे ड्रमों पर किसी का नाम नहीं लिखा था।
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