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खतरे में रहता जेल स्टाफ

Wed, 27 Nov 2013 05:42 AM IST
Gonda
Gonda Updated Wed, 27 Nov 2013 05:42 AM IST
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जेल की श्रेणी-प्रथम
कुल बैरक-15
बैरक क्षमता-30
निरुद्ध बंदी-827
महिला बैरक-1
किशोर बैरक -1


गोंडा। जेल में निरुद्ध बंदियों व कैदियों के साथ ही जेल अधिकारियों की सुरक्षा खतरे में है। जेल परिसर में एंट्री से पहले जेल चौकी से लोगों को गुजरना होता है। यहां चौकी बनने के तीन माह तक बैरियर लगाकर पुलिस चेकिंग करती रही, लेकिन कुछ दिनों बाद ही बैरियर को हटा दिया गया और चेकिंग भी बंद हो गई। इससे जेल गेट तक लग्जरी गाड़ियां आती-जाती है। बंदी को जेल से अस्पताल भिजवाने के लिए लग्जरी गाड़ी से आए कुछ लोग एक डिप्टी जेलर पर हमला भी कर चुके हैं, मगर बंदी रक्षक के फायरिंग करने से हमलावर भाग निकले थे। इसके बाद भी बंदियों व जेल अधिकारियों की सुरक्षा के कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए।
जालसाजी के एक मुकदमे में जेल में निरुद्ध एक महिला बंदी की सिफारिश के लिए 2007 में लग्जरी गाड़ी से तत्कालीन डिप्टी जेलर बीवी अस्थाना (अब जेलर मैनपुरी) के आवास पर पहुंचे कुछ लोगों ने उन पर पहले तो महिला बंदी को अस्पताल भिजवाने का दबाव बनाया। जब वह नहीं माने तो लोगों ने उन पर हमला कर दिया था। डिप्टी जेलर को बचाने के लिए जेल गेट पर तैनात बंदी रक्षक धनंजय शुक्ल ने फायरिंग की तो वे भाग निकले थे। तत्कालीन डिप्टी जेलर ने कोतवाली नगर में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई, मगर पुलिस हमलावरों को नहीं ढूंढ सकी और फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई।
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इनसेट
10 रायफलों के भरोसे बंदियाें की सुरक्षा
जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों/कैदियों की सुरक्षा 10 रायफलों के भरोसे चल रही है। बंदियों के बीमार पड़ने पर बंदी को अस्पताल भेजने के लिए दो बंदी रक्षकों की रायफलों के साथ ड्यूटी लगाई जाती है। जेल की सर्किल में बंदियों की निगरानी के लिए तकरीबन 25 बंदी रक्षकों को लगाया गया है। इसके साथ जेल गेट पर दो रायफलधारी बंदी रक्षकों को तैनात किया गया है।
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इनसेट
वाच टावर न मोबाइल जैमर
जेल में बंदियों की सुरक्षा के लिए वाच टावर तक नहीं बना है। यहां सर्किल के अंदर बिजली के खंभे खड़े हैं। जिनपर मर्करी लगाकर बंदियों की निगरानी की जाती है। जेल में निरुद्ध बंदियों की सुरक्षा के मद्देनजर मोबाइल जैमर भी नहीं लगा है। जिससे बंदियों और उनसे मुलाकात करने आने वाले मुलाकातियों की तलाशी कराई जाती है।


इनसेट
जेल के गेट पर पुलिस चौकी पर पहले चेकिंग होती थी। अब पुलिसकर्मियों ने चेकिंग बंद कर दी है। इसके लिए एसपी से मिलकर सुरक्षा के मद्देनजर चेकिंग कराने की मांग करेंगे। बंदियों की सुरक्षा के लिए अंदर और बाहर बंदी रक्षकों को तैनात किया गया। जेल अधिकारी किसी कार्य से बाहर जाते हैं तो उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई जाती है।’
वीएस यादव, वरिष्ठ जेल अधीक्षक

इंसेट
जेल की समय-समय पर चेकिंग कराई जाती है। जेल में बंदी रक्षक हैं और उनके पास रायफलें भी हैं। जेल अधिकारियों को गेट पर बैरियर लगाकर चेकिंग करानी चाहिए। अगर किसी जेल अधिकारी को खतरा है तो वह सुरक्षा की मांग करेंगे।’

राजेंद्र प्रसाद सिंह यादव, एसपी

इंसेट
जिला कारागार में हर माह नियमित व औचक निरीक्षण किया जाता है। इस दौरान सुरक्षा सहित अन्य बिंदुओं पर गौर किया जाता है। जेल कर्मियों की सुरक्षा के लिए चहारदीवारी भी बन गई है।’
- डॉ. रोशन जैकब, डीएम गोंडा
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