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चारों सीएमओ से जवाब तलब
Gonda
Updated Sat, 27 Jul 2013 05:33 AM IST
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गोंडा। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की योजनाओं के क्रियान्वयन की शासन स्तर पर समीक्षा के बाद कार्रवाई शुरू हो गई है। एनआरएचएम की विभिन्न योजनाओं में मिलीं कमियों में सुधार कराने की हिदायत के साथ ही गोंडा, बहराइच, बलरामपुर व श्रावस्ती जिले के सीएमओ से जवाब मांगा गया है। इसमें लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
बीती 20 जुलाई को राज्य स्तर पर देवीपाटन मंडल में एनआरएचएम की समीक्षा की गई। इसमें मिलीं कमियों पर कार्रवाई शुरू हो गई है। देवीपाटन मंडल के अपर निदेशक डॉ. एके गंगवार ने बताया कि प्रत्येक गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण की समीक्षा में सिर्फ 17 फीसदी ही पंजीकरण पाया गया है। जननी सुरक्षा योजना में गोंडा व बहराइच की उपलब्धि 15 प्रतिशत ही है, जबकि इस समय तक जननी सुरक्षा योजना की उपलब्धि 35 प्रतिशत होनी चाहिए थी। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए उपकेंद्रों को उच्चीकृत करने का काम भी काफी धीमा है। जननी सुरक्षा योजना का भुगतान भी लंबित है। आशाओं का भी भुगतान नियमित रूप से नहीं किया जा रहा है।
अपर निदेशक ने बताया कि समीक्षा में मिलीं खामियों के आधार पर गोंडा, बहराइच, बलरामपुर व श्रावस्ती के सीएमओ से जवाब मांगा गया है। इसके साथ ही चारों सीएमओ से जननी सुरक्षा योजना का शत-प्रतिशत भुगतान करने का प्रमाणपत्र भी मांगा गया है। उपकेंद्रों को उच्चीकृत करने व संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए अपर मुख्य चिकित्साधिकारी को निरीक्षण करके रिपोर्ट देने को कहा गया है। अपर निदेशक ने बताया कि सभी सीएमओ को पहली अगस्त तक खामियों पर जवाब के साथ ही उसे दूर करने के लिए किए गए प्रयासों की रिपोर्ट देनी है।
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बीती 20 जुलाई को राज्य स्तर पर देवीपाटन मंडल में एनआरएचएम की समीक्षा की गई। इसमें मिलीं कमियों पर कार्रवाई शुरू हो गई है। देवीपाटन मंडल के अपर निदेशक डॉ. एके गंगवार ने बताया कि प्रत्येक गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण की समीक्षा में सिर्फ 17 फीसदी ही पंजीकरण पाया गया है। जननी सुरक्षा योजना में गोंडा व बहराइच की उपलब्धि 15 प्रतिशत ही है, जबकि इस समय तक जननी सुरक्षा योजना की उपलब्धि 35 प्रतिशत होनी चाहिए थी। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए उपकेंद्रों को उच्चीकृत करने का काम भी काफी धीमा है। जननी सुरक्षा योजना का भुगतान भी लंबित है। आशाओं का भी भुगतान नियमित रूप से नहीं किया जा रहा है।
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अपर निदेशक ने बताया कि समीक्षा में मिलीं खामियों के आधार पर गोंडा, बहराइच, बलरामपुर व श्रावस्ती के सीएमओ से जवाब मांगा गया है। इसके साथ ही चारों सीएमओ से जननी सुरक्षा योजना का शत-प्रतिशत भुगतान करने का प्रमाणपत्र भी मांगा गया है। उपकेंद्रों को उच्चीकृत करने व संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए अपर मुख्य चिकित्साधिकारी को निरीक्षण करके रिपोर्ट देने को कहा गया है। अपर निदेशक ने बताया कि सभी सीएमओ को पहली अगस्त तक खामियों पर जवाब के साथ ही उसे दूर करने के लिए किए गए प्रयासों की रिपोर्ट देनी है।
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