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सेहत का हाल, पोषाहार बिना सभी बेहाल
Gonda
Updated Wed, 14 Nov 2012 12:00 PM IST
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गोंडा। शहरी इलाके में बाल विकास परियोजना बेहाल है। शहरी क्षेत्र में संचालित 182 आंगनबाड़ी केंद्रों में से किसी पर भी इन दिनों पोषाहार नहीं है। इस कारण 20 हजार बच्चाें व 10 हजार महिलाओं को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। वहीं, नगरीय इलाकों की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं को चार माह से मानदेय भी नहीं मिला है।
बच्चों व महिलाओं की सेहत को दुरुस्त रखने के लिए संचालित बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की अति महत्वाकांक्षी पोषाहार वितरण योजना शहरी इलाकों में पटरी से उतर गई है। आंगनबाड़ी केंद्रों को सितंबर माह में पोषाहार दिया गया था, इसके बाद किसी भी केंद्र को पोषाहार नहीं मिला। विभागीय कर्मियों की मानें तो पोषाहार की डिमांड की गई थी, जिसके एवज में काफी कम पोषाहार मिला है। इससे सभी केंद्रों का संचालन सही तरीके से नहीं कराया जा सकता है। इस कारण पिछले रविवार को पोलियो दिवस के मौके पर किसी भी केंद्र पर बच्चों को पंजीरी तक नहीं मिल सकी। यहीं नहीं, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं को चार माह से मानदेय तक नहीं मिला है।
आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन के प्रदेश संयुक्त मंत्री दिलीप शुक्ला, शहरी परियोजना के संरक्षक राजू सिंह, राजेश दीक्षित, रानी देवी पाल, पूनम श्रीवास्तव सहित अन्य का कहना है कि शहरी इलाकों के सभी केंद्रों को पोषाहार उपलब्ध कराने के लिए ठोस कार्रवाई की जानी चाहिए। सितंबर माह के बाद से किसी भी केंद्र को पोषाहार नहीं दिया गया है, जिसका असर योजना के क्रियान्वयन पर पड़ रहा है। वहीं, कार्यकत्रियाें व सहायिकाओं को चार माह से मानदेय तक नहीं मिला है।
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बच्चों व महिलाओं की सेहत को दुरुस्त रखने के लिए संचालित बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की अति महत्वाकांक्षी पोषाहार वितरण योजना शहरी इलाकों में पटरी से उतर गई है। आंगनबाड़ी केंद्रों को सितंबर माह में पोषाहार दिया गया था, इसके बाद किसी भी केंद्र को पोषाहार नहीं मिला। विभागीय कर्मियों की मानें तो पोषाहार की डिमांड की गई थी, जिसके एवज में काफी कम पोषाहार मिला है। इससे सभी केंद्रों का संचालन सही तरीके से नहीं कराया जा सकता है। इस कारण पिछले रविवार को पोलियो दिवस के मौके पर किसी भी केंद्र पर बच्चों को पंजीरी तक नहीं मिल सकी। यहीं नहीं, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं को चार माह से मानदेय तक नहीं मिला है।
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आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन के प्रदेश संयुक्त मंत्री दिलीप शुक्ला, शहरी परियोजना के संरक्षक राजू सिंह, राजेश दीक्षित, रानी देवी पाल, पूनम श्रीवास्तव सहित अन्य का कहना है कि शहरी इलाकों के सभी केंद्रों को पोषाहार उपलब्ध कराने के लिए ठोस कार्रवाई की जानी चाहिए। सितंबर माह के बाद से किसी भी केंद्र को पोषाहार नहीं दिया गया है, जिसका असर योजना के क्रियान्वयन पर पड़ रहा है। वहीं, कार्यकत्रियाें व सहायिकाओं को चार माह से मानदेय तक नहीं मिला है।
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