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Gonda News: 8,400 मरीजों को लगेगी सीवाई-टीबी वैक्सीन
Mon, 30 Jun 2025 11:12 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 30 Jun 2025 11:12 PM IST
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गोंडा। क्षय रोग उन्मूलन के लिए अब सीवाई-टीबी इंजेक्शन लगाया जाएगा। जिससे मरीजों में टीबी की बीमारी की सटीक पुष्टि हो सकेगी। पहले चरण में जिले को वैक्सीन की 8,400 डोज मिली है।
जिले में क्षय रोगियों के परिवारों व करीबी रिश्तेदारों में टीबी की पहचान के लिए अब इंजेक्शन का सहारा लिया जाएगा। मेडिकल कॉलेज के क्षेत्रीय निदान केंद्र व सभी सीएचसी पर टीकाकरण की व्यवस्था होगी। इसके लिए अस्पतालों के लैब टेक्नीशियन व स्टाफ नर्स को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। ये इंजेक्शन केवल रोगी के संपर्क में आने वालों को ही लगेंगे। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. जयगोविंद ने बताया कि टीबी मुक्त भारत अभियान-2025 के तहत स्टेट टीबी विंग टीबी मरीजों की पहचान करने के लिए सीवाई-टीबी इंजेक्शन लगाने की शुरूआत की है। सीवाई-टीबी इंजेक्शन से 36 से 48 घंटे तक के समय में टीबी मरीजों की पहचान हो सकेगी। काजीदेवर सीएचसी अधीक्षक डॉ. पूजा जायसवाल ने बताया कि संभावित टीबी मरीजों को शनिवार को टीका लगाया गया है। पहचान होने पर उनका पंजीकरण कर इलाज किया जाएगा।
बाएं बाजू पर लगेगा इंजेक्शन
जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि बाएं बाजू की त्वचा के नीचे इंजेक्शन लगाया जाएगा। इंजेक्शन वाली जगह पर तुरंत एक छोटा सा बुलबुला या छाला दिखाई देगा। सीवाई-टीबी इंजेक्शन बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को लग सकता है। यह टीका सिर्फ बीमारी का पता लगाने के लिए लगाया जाएगा। यह टीबी की बीमारी ठीक होने के लिए नहीं है। टीबी की पुष्टि होने के बाद मरीजों को निक्षय पोर्टल पर पंजीकृत कर उपचार शुरू किया जाएगा।
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जिले में क्षय रोगियों के परिवारों व करीबी रिश्तेदारों में टीबी की पहचान के लिए अब इंजेक्शन का सहारा लिया जाएगा। मेडिकल कॉलेज के क्षेत्रीय निदान केंद्र व सभी सीएचसी पर टीकाकरण की व्यवस्था होगी। इसके लिए अस्पतालों के लैब टेक्नीशियन व स्टाफ नर्स को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। ये इंजेक्शन केवल रोगी के संपर्क में आने वालों को ही लगेंगे। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. जयगोविंद ने बताया कि टीबी मुक्त भारत अभियान-2025 के तहत स्टेट टीबी विंग टीबी मरीजों की पहचान करने के लिए सीवाई-टीबी इंजेक्शन लगाने की शुरूआत की है। सीवाई-टीबी इंजेक्शन से 36 से 48 घंटे तक के समय में टीबी मरीजों की पहचान हो सकेगी। काजीदेवर सीएचसी अधीक्षक डॉ. पूजा जायसवाल ने बताया कि संभावित टीबी मरीजों को शनिवार को टीका लगाया गया है। पहचान होने पर उनका पंजीकरण कर इलाज किया जाएगा।
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बाएं बाजू पर लगेगा इंजेक्शन
जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि बाएं बाजू की त्वचा के नीचे इंजेक्शन लगाया जाएगा। इंजेक्शन वाली जगह पर तुरंत एक छोटा सा बुलबुला या छाला दिखाई देगा। सीवाई-टीबी इंजेक्शन बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को लग सकता है। यह टीका सिर्फ बीमारी का पता लगाने के लिए लगाया जाएगा। यह टीबी की बीमारी ठीक होने के लिए नहीं है। टीबी की पुष्टि होने के बाद मरीजों को निक्षय पोर्टल पर पंजीकृत कर उपचार शुरू किया जाएगा।
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