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गोंडा के युवक ने साउथ अफ्रीका में फोटो डायनमिक थिरैपी का किया शोध
Updated Thu, 27 Sep 2018 10:04 PM IST
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शोध के लिए चीन बुलाए गए डॉ. सूर्य प्रकाश
गोंडा। गोंडा के युवा साइंटिस्ट का शोध यदि पूरी तरह सफल रहा तो आने वाले दिनों में कैंसर को पूरी तरह ठीक करने में सहायता मिलेगी। पोलैंड से साउथ अफ्रीका तक युवक के शोध को देखते हुए चीन में शोध के लिए उनको आमंत्रित किया गया है।
इसके पहले साउथ अफ्रीका में इस पर शोध किया और पोलैंड में शोध प्रकाशित हुआ था। मनकापुर कस्बे से सटा गांव बैरीपुर रामनाथ के मजरा बिरतिया के रहने वाले युवा साइंटिस्ट डॉ. सूर्य प्रकाश तिवारी ने गोंडा के लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय से विज्ञान विषय में स्नातक किया।
फिजिक्स से एमएससी करने के बाद इस होनहार युवक ने धनबाद आईआईटी से शोध किया और पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। सूर्य प्रकाश ने बताया कि शोध के दौरान उन्होंने आप्टिकल मटेरियल के जरिये कैंसर के शत-प्रतिशत इलाज के लिए काम किया।
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अभी तक कैंसर के इलाज के लिए केवल रेडियो थिरेपी व कीमो थिरेपी का इस्तेमाल किया जा रहा है जिसका साइड इफेक्ट होता है। फोटो डायनमिक थिरेपी एक ऐसी विधा है जिसमें नैनो आप्टिकल मैटेरियल बनाया जाएगा।
इसे कैंसर पीड़ित मरीज के शरीर में इंजेक्शन के जरिए डाला जाएगा। सूर्य प्रकाश के मुताबिक यह जैसे ही इंजेक्ट होगा, सीधे कैंसर के टीसू के पास पहुंचेगा और वहीं पर हीट कर टीसू को नष्ट कर देगा जिससे कैंसर का इलाज संभव हो सकेगा।
सूर्यप्रकाश के मुताबिक इस शोध को देखते हुए वर्ष 2016 में भारत सरकार के विज्ञान एवं तकनीकी मंत्रालय ने उन्हें पोलैंड भेजा और वहां शोध प्रकाशित हुआ।
इस शोध के प्रकाशन के बाद उन्हें साउथ अफ्रीका फ्री स्टेट लैब में आमंत्रित किया गया। वहां एक साल तक शोध पर काम हुआ। अब शोध पर समग्र रूप से काम करने के लिए चाइना से आमंत्रण मिला है।
इसमें अमेरिका, फ्रांस, साउथ अफ्रीका व चाइना के साइंटिस्ट एक साथ काम करेंगे। सूर्य प्रकाश ने बताया कि शोध लगभग पूरा है। इसको अंतिम रूप दिया जाना है।
उन्होंने बताया कि इस शोध के लिए जिस लैब की जरूरत है, वह भारत में उपलब्ध नहीं है। इसलिए अन्य देशों के साथ चाइना में शोध का काम पूरा किया जाएगा। यह शोध चीन के सियांग के लाइफ साइंस एंड बायो इमेजिंग लैबोरेटरी में होगा।
सूर्य प्रकाश ने बताया कि शोध पूरा होने के बाद कैंसर का इलाज लेजर तकनीक से करने में बड़ी सफलता मिलेगी। वह इस तकनीक को भारत सरकार को सौंप देंगे और अपने देश में कैंसर जैसे इलाज के लिए मुकम्मल व्यवस्था हो सकेगी।
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गोंडा। गोंडा के युवा साइंटिस्ट का शोध यदि पूरी तरह सफल रहा तो आने वाले दिनों में कैंसर को पूरी तरह ठीक करने में सहायता मिलेगी। पोलैंड से साउथ अफ्रीका तक युवक के शोध को देखते हुए चीन में शोध के लिए उनको आमंत्रित किया गया है।
इसके पहले साउथ अफ्रीका में इस पर शोध किया और पोलैंड में शोध प्रकाशित हुआ था। मनकापुर कस्बे से सटा गांव बैरीपुर रामनाथ के मजरा बिरतिया के रहने वाले युवा साइंटिस्ट डॉ. सूर्य प्रकाश तिवारी ने गोंडा के लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय से विज्ञान विषय में स्नातक किया।
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फिजिक्स से एमएससी करने के बाद इस होनहार युवक ने धनबाद आईआईटी से शोध किया और पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। सूर्य प्रकाश ने बताया कि शोध के दौरान उन्होंने आप्टिकल मटेरियल के जरिये कैंसर के शत-प्रतिशत इलाज के लिए काम किया।
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अभी तक कैंसर के इलाज के लिए केवल रेडियो थिरेपी व कीमो थिरेपी का इस्तेमाल किया जा रहा है जिसका साइड इफेक्ट होता है। फोटो डायनमिक थिरेपी एक ऐसी विधा है जिसमें नैनो आप्टिकल मैटेरियल बनाया जाएगा।
इसे कैंसर पीड़ित मरीज के शरीर में इंजेक्शन के जरिए डाला जाएगा। सूर्य प्रकाश के मुताबिक यह जैसे ही इंजेक्ट होगा, सीधे कैंसर के टीसू के पास पहुंचेगा और वहीं पर हीट कर टीसू को नष्ट कर देगा जिससे कैंसर का इलाज संभव हो सकेगा।
सूर्यप्रकाश के मुताबिक इस शोध को देखते हुए वर्ष 2016 में भारत सरकार के विज्ञान एवं तकनीकी मंत्रालय ने उन्हें पोलैंड भेजा और वहां शोध प्रकाशित हुआ।
इस शोध के प्रकाशन के बाद उन्हें साउथ अफ्रीका फ्री स्टेट लैब में आमंत्रित किया गया। वहां एक साल तक शोध पर काम हुआ। अब शोध पर समग्र रूप से काम करने के लिए चाइना से आमंत्रण मिला है।
इसमें अमेरिका, फ्रांस, साउथ अफ्रीका व चाइना के साइंटिस्ट एक साथ काम करेंगे। सूर्य प्रकाश ने बताया कि शोध लगभग पूरा है। इसको अंतिम रूप दिया जाना है।
उन्होंने बताया कि इस शोध के लिए जिस लैब की जरूरत है, वह भारत में उपलब्ध नहीं है। इसलिए अन्य देशों के साथ चाइना में शोध का काम पूरा किया जाएगा। यह शोध चीन के सियांग के लाइफ साइंस एंड बायो इमेजिंग लैबोरेटरी में होगा।
सूर्य प्रकाश ने बताया कि शोध पूरा होने के बाद कैंसर का इलाज लेजर तकनीक से करने में बड़ी सफलता मिलेगी। वह इस तकनीक को भारत सरकार को सौंप देंगे और अपने देश में कैंसर जैसे इलाज के लिए मुकम्मल व्यवस्था हो सकेगी।